जलवायु कार्रवाई

जलवायु आपात स्थिति – ‘शान्ति के लिए एक ख़तरा’

वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण जलवायु आपात स्थिति पैदा हो रही है जिससे अन्तरराष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा के समक्ष पहले से मौजूद ख़तरों के और ज़्यादा गहराने के साथ-साथ नए जोखिम भी मंडरा रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद को वर्तमान हालात से अवगत कराते हुए विभिन्न मोर्चों पर त्वरित जलवायु कार्रवाई की अहमियत पर बल दिया. 

आर्कटिक: जंगलों में आग धधकने और समुद्री बर्फ़ की मात्रा घटने से चिन्ता

साइबेरिया में लम्बे समय से औसत तापमान का स्तर ऊँचा होने के कारण आर्कटिक क्षेत्र के कुछ हिस्सों में अमेरिका के फ़्लोरिडा प्रान्त से भी ज़्यादा गर्मी दर्ज की गई है जिससे लगातार दूसरे साल जंगलों में दावानल धधक रहा है. शुक्रवार को विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने क्षेत्र में मौजूदा हालात के बारे में जानकारी देते हुए आर्कटिक तट पर समुद्री बर्फ़ की मात्रा घटने और उसके दुष्परिणामों के प्रति चेतावनी जारी की है. 

आर्कटिक में तापमान के नए कीर्तिमान की सम्भावना

विश्व मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) ने उन रिपोर्टों को अपनी स्वीकृति दे दी है जिनमें आर्कटिक सर्किल में अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया है.  पिछले सप्ताहान्त रूस के एक गाँव में 38 डिग्री सेल्सियस (100.4F) तापमान दर्ज किया गया जोकि एक रिकॉर्ड है, हालाँकि अन्तरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा इस आँकड़े की सटीकता की अन्तिम पुष्टि अभी किया जाना बाक़ी है. 

सूखे व मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए प्रकृति के साथ नए रिश्ते की दरकार

संयुक्त राष्ट्र ने मरुस्थलीकरण व सूखे से निपटने और प्रकृति की रक्षा के लिए एक ऐसा नया सम्बन्ध स्थापित करने की पुकार लगाई है जिससे भूमि क्षरण के कारण उत्पन्न होने वाली जबरन विस्थापन, भुखमरी और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का असरदार ढँग से मुक़ाबला किया जा सके. मरुस्थलीकरण व सूखा से निपटने के लिए मनाए जाने वाले विश्व दिवस (World Day to Combat Desertification and Drought) के अवसर पर इस वर्ष टिकाऊ उत्पादन और खपत की अहमियत पर ध्यान आकर्षित किया जा रहा है. 

कोविड-19 व जलवायु चुनौतियाँ: निडर और दूरगामी नेतृत्व की पुकार

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 और मानवता के अस्तित्व पर मंडराते जलवायु संकट से निपटने का एकमात्र विश्वसनीय रास्ता बहुपक्षवाद पर आधारित निडर, दूरगामी और सहयोगपूर्ण नेतृत्व में निहित है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय चर्चा में यह बात कही है. यूएन प्रमुख ने ज़िंदगियों पर मंडराते ख़तरों, पंगु हो रहे व्यवसायों और क्षतिग्रस्त अर्थव्यवस्थाओं की पृष्ठभूमि में सचेत किया है कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों के लिए भी जोखिम पैदा हो गया है. 

कोविड-19: ‘कार्बन उत्सर्जन में अस्थाई गिरावट’ से नहीं रुकेगा जलवायु परिवर्तन

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियों पर अभूतपूर्व असर हुआ है जिससे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में गिरावट आने की संभावना जताई गई है. संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) ने सचेत किया है कि यह एक अच्छी ख़बर है मगर अस्थाई है क्योंकि सामान्य जीवन के फिर शुरू होने के बाद कार्बन उत्सर्जन में फिर से तेज़ी आने की संभावना है.

कोविड-19: पृथ्वी के बाशिन्दों को 'नींद से जगा देने वाली अभूतपूर्व घंटी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को ‘अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी मॉं दिवस’ (International Mother Earth Day) के अवसर पर ध्यान दिलाया है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 एक नींद से जगा देने वाली एक अभूतपूर्व घंटी है लेकिन इससे सबक़ लेते हुए ऐसे विकास की दिशा में संसाधन निवेश करने होंगे जिनसे जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में मदद मिले और टिकाऊ विकास का मार्ग प्रशस्त हो. 

कोविड-19: यूएन जलवायु शिखर वार्ता को स्थगित करने का फ़ैसला

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण पैदा हुए संकट को देखते हुए स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में नवंबर 2020 में होने वाली संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक जलवायु शिखर वार्ता को स्थगित करने का फ़ैसला किया गया है. जलवायु मामलों पर संयुक्त राष्ट्र की संस्था (UNFCCC) ने कहा है कि बैठक के स्थगित होने से प्रतिनिधियों व पर्यवेक्षकों की सुरक्षा के साथ-साथ सभी पक्षों को महत्वपूर्ण जलवायु मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने और तैयारी करने का ज़्यादा समय मिल सकेगा.  

जलवायु परिवर्तन से जंग स्कूली छात्रों के संग

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण से जुड़े हर पहलू पर व्यापक असर पड़ रहा है. इस विशालकाय चुनौती से निपटने में स्कूलों, छात्रों और शिक्षकों की क्या भूमिका हो सकती है और वे किस तरह नए और अभिनव समाधानों का हिस्सा बन सकते हैं? संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की एक पहल इसी दिशा में प्रयासों पर केंद्रित है.

जयपुर साहित्य महोत्सव में जलवायु मुद्दा भी चर्चा में

संयुक्त राष्ट्र ने भारत की गुलाबी नगरी जयपुर में आयोजित साहित्य महोत्सव की पृष्ठभूमि में जलवायु परिवर्तन से तत्काल निपटने की अहमियत को फिर दोहराया है. भारत में संयुक्त राष्ट्र की रेज़ीडेंट कोऑर्डिनेटर रेनाटा डेज़ालिएन ने जलवायु आपात स्थिति पर एक सत्र के दौरान बताया कि जलवायु संकट पर असरदार कार्रवाई के लिए संयुक्त राष्ट्र अपनी सीमाओं से परे जाकर प्रयासों में जुटा है.