जहाज़रानी उद्योग

'स्मार्ट' व टिकाऊ समुद्री परिवहन, वैश्विक पुनर्बहाली के लिये अहम

वर्ष 2020 में, कोविड-19 महामारी का समुद्री व्यापार पर, आशंका से कम गम्भीर असर साबित हुआ है, मगर, दीर्घकाल में उसके गहरे व दूरगामी प्रभाव होने की सम्भावना जताई गई है. व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) की बुधवार को प्रकाशित एक नई रिपोर्ट में, बुद्धिमान, सुदृढ़, और टिकाऊ समुद्री परिवहन को, वैश्विक सामाजिक-आर्थिक पुनर्बहाली के लिये अहम क़रार दिया गया है.

स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बढ़ने के लिये ठोस नीतियों की दरकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि इस सदी के मध्य तक, नैट-शून्य ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने के लिये तत्काल जलवायु कार्रवाई की आवश्यकता है. यूएन प्रमुख ने बुधवार को, चिली के सैन्टियागो में स्वच्छ ऊर्जा पर एक मंत्रिस्तरीय बैठक के लिये अपने वीडियो सन्देश में आगाह किया कि सरकारों, व्यवसायों और वित्तीय संगठनों द्वारा लिये गए संकल्पों को ठोस नीतियों के ज़रिये, तयशुदा अवधि में पूरा किया जाना होगा.

कोविड-19: ऐहतियाती उपायों से प्रभावित समुद्री नाविकों को राहत पहुँचाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण लाखों समुद्री नाविकों, चालक दल के सदस्यों व अन्य कर्मचारियों के एक अभूतपूर्व संकट से प्रभावित होने पर चिन्ता ज़ाहिर की है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR), संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कॉम्पैक्ट और व्यवसाय व मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के कार्यकारी दल ने मंगलवार को अपने एक साझा बयान में व्यवसाय क्षेत्र और सम्बद्ध पक्षकारों से नाविकों की व्यथा को दूर करने के लिये समुचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है. 

समुद्री नाविकों को महामारी के दौरान 'अहम कामगार' घोषित करने की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने देशों की सरकारों से एक बार फिर अपील की है कि वो उन सैकड़ों-हज़ारों नाविकों और अन्य समुद्री कामगारों की मदद के लिये काम करें जो कोविड-19 महामारी के कारण महीनों से समुद्रों में फँसे हुए हैं. कुछ मामलों तो इन लोगों को समुद्रों में फँसे हुए साल भर से भी ज़्यादा हो गया है.

समुद्र में फँसे नाविकों की व्यथा - “मेरे बच्चे पूछते हैं कि मैं घर कब आ रहा हूँ”

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के फैलाव से बचाव के लिये ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र यात्रा सम्बन्धी पाबन्दियाँ लागू की गई हैं जिनसे लाखों नाविक (Seafarers) भी प्रभावित हुए हैं. घर-परिवार से दूर समुद्र में फँसे नाविकों के लिये गहरी और लम्बी अनिश्चितता जल्द ख़त्म होती नज़र नहीं आती और मौजूदा हालात से उनका मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है.