जबरन मज़दूरी

मानव तस्करी का मुक़ाबला-जीवन मिशन

मलावी में मादक पदार्थों एवँ अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNODC) में कार्यरत मैक्सवैल माटेवेरे एक अपराध-रोकथाम विशेषज्ञ हैं और पिछले दो दशकों से मानव तस्करी से निपटने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं. मैक्सवैल  क़ानून व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षित करते हैं और इस वर्ष कोविड-19 के बावजूद उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप मानव तस्करी के 300 से ज़्यादा पीड़ितों को बचाया गया है, और इन अपराधों के सिलसिले में 31 लोग गिरफ़्तार किये गए हैं. मैक्सवैल माटेवेरे ने यूएन न्यूज़ के साथ अपने अनुभव साझा किये हैं...

नेपाल: मानव तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम क़दम 

नेपाल में हर वर्ष हज़ारों लोग मानव तस्करों के चंगुल में फँस कर यौन शोषण, जबरन मज़दूरी और शारीरिक अंगों की चोरी का शिकार बनते हैं. इस चुनौती से निपटने के प्रयासों के तहत नेपाल ने संयुक्त राष्ट्र के प्रोटोकॉल पर मुहर लगाई है जिसके लागू होने के बाद शोषण के सभी रूपों की शिनाख़्त करने, पीड़ितों को ज़रूरी सहायता प्रदान करने और दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई किये जाने की उम्मीदें जागी हैं. 

आधुनिक दासता को सभी रूपों में ख़त्म करने की सख़्त ज़रूरत

दासता अतीत की बात नहीं है, बल्कि ये आज भी दुनिया भर में कई रूपों में मौजूद है. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन का कहना है कि दुनिया भर में लगभग 4 करोड़ लोग आज भी आधुनिक दासता के चंगुल में फँसे हुए हैं.

नेपाल में मानवाधिकार उल्लंघन, यातना और जबरन मज़दूरी का मामला

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति ने नेपाल से कहा है कि यातना और जबरन मज़दूरी कराए जाने के पीड़ितों को शिकायतें दर्ज कराने में आने वाली मुश्किलों को दूर करना होगा. मानवाधिकार समिति ने जिनीवा में मंगलवार को एक व्यक्ति द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत पर सुनाए गए अपने एक निर्णय में ये बात कही है.