जबरन हिरासत

पाकिस्तान: मानवाधिकार कार्यकर्ता की जबरन गुमशुदगी पर यूएन विशेषज्ञों का क्षोभ

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में लापता मानवाधिकार कार्यकर्ता इदरीस खटक के बारे में सरकार द्वारा जानकारी सार्वजनिक किये जाने का स्वागत किया है, लेकिन सात महीने से भी पहले उनके अचानक जबरन ग़ायब होने की घटना की कड़ी निन्दा भी की है. मानवाधिकार कार्यकर्ता इदरीस खटक को आख़िरी बार 13 नवम्बर 2091 को तब देखा गया था जब सुरक्षा एजेण्टों ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रान्त के स्वाबी इन्टरचेन्ज इलाक़े के पास उनकी कार को रोका था. 

युवाओं पर आतंकवाद निरोधक कार्रवाई की भारी गाज़, लाखों हैं हिरासत में

मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है दुनिया भर में क़रीब 72 लाख से अधिक बच्चे हिरासत में रखे गए हैं. इनमें ऐसे युवाओं की भी बड़ी संख्या जिन्हें सशस्त्र गुटों से संबंध रखने के आरोप और उनकी सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा होने की दलील देते हुए आक्रामक आतंकवाद निरोधक उपायों के तहत हिरासत में लिया गया है.

सीरिया में हिरासत में बंद लोगों के मुद्दे पर 'विफल रही सुरक्षा परिषद'

सीरिया में हिंसक संघर्ष के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों और उनके परिजनों की मदद करने में सुरक्षा परिषद पूरी तरह विफल रही है. बुधवार को 'फ़ैमिलीज़ फ़ॉर फ़्रीडम' की सह-संस्थापक आमिना खोलानी ने सुरक्षा परिषद को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जेल में बंद और लापता लोगों की हरसंभव सहायता की जानी चाहिए.