जम्मू कश्मीर

जम्मू कश्मीर के राजौरी ज़िले में एक सरकारी स्कूल का दृश्य (फ़ाइल फ़ोटो)
UNICEF/Syed Altaf Ahmad

भारत: कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता की तत्काल रिहाई की माँग

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत सरकार से, कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता ख़ुर्रम परवेज़ को निशाना ना बनाये जाने का आग्रह करते हुए, उन्हें जल्द से जल्द हिरासत से रिहा किये जाने की माँग की है. 

जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर में एक परिवार एक नाव में बैठकर बाज़ार जा रहा है.
©John Isaac

कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता की गिरफ़्तारी पर, यूएन मानवाधिकार कार्यालय की चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने एक कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता ख़ुर्रम परवेज़ की गिरफ़्तारी और भारत-प्रशासित कश्मीर में सशस्त्र गुटों द्वारा आम नागरिकों की हत्या किये जाने की घटनाओं पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है. 

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक का दृश्य
UN Photo/Eskinder Debebe

सुरक्षा परिषद: भारत ने क्षेत्रीय व समुद्री सुरक्षा पर दिया ज़ोर

भारत ने, अगस्त महीने के लिये सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता सम्भालते हुए कहा है कि जम्मू कश्मीर से सम्बन्धित तमाम मुद्दों का समाधान ऐसे माहौल में तलाश किया जाना चाहिये जो आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त हो. 

जम्मू और कश्मीर में शुक्रवार की नमाज़ का एक दृश्य
©John Isaac

भारत: जम्मू कश्मीर में बदलावों से 'अल्पसंख्यकों के अधिकार कमज़ोर होने का जोखिम'

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चिन्ता जताई है कि भारत के जम्मू कश्मीर राज्य की स्वायत्तता समाप्त किये जाने और नए क़ानून लागू किये जाने से मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यक समूहों की राजनैतिक भागीदारी का स्तर घटने की आशंका है. मानवाधिकार विशेषज्ञों ने गुरूवार को जारी अपने वक्तव्य में, भारत सरकार से राज्य की जनता के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. 

© UNOCHA

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन 7 अगस्त 2020

7 अगस्त 2020 के इस बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
-------------------------------------------------------------------
लेबनान की राजधनी बेरूत में भीषण विस्फोट से सैकड़ों लोग हताहत, 
यूएन एजेंसियाँ तेज़ी से लगीं राहत कार्यों में
------------------------------------------------------------------------
संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने 
जम्मू कश्मीर में मानवाधिकार स्थिति पर जताई गहरी चिन्ता, 
---------------------------------------------------------------
दासता, देह व्यापार और तस्करी सहित बाल मज़दूरी के ख़राब रूपों से 

ऑडियो
15'4"
जम्मू और कश्मीर में शुक्रवार की नमाज़ का एक दृश्य
©John Isaac

भारत से जम्मू कश्मीर में चिन्ताजनक मानवाधिकार स्थिति का तत्काल हल निकालने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत सरकार और अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से जम्मू कश्मीर में आम आबादी के मानवाधिकारों का उल्लंघन जारी रहने की स्थिति पर ध्यान देने के लिये तुरन्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है. इन मानवाधिकार विशेषज्ञों ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म किये जाने का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर ये पुकार लगाई है.

सुरक्षा परिषद (फ़ाइल)
UN Photo/Eskinder Debebe

सुरक्षा परिषद ने पुलवामा हमले की कड़ी निंदा की

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जम्मू और कश्मीर राज्य में 'जघन्य और कायराना' ढंग से हुए आत्मघाती बम हमले की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की है. 14 फ़रवरी को पुलवामा ज़िले में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) के काफ़िले पर हुए इस हमले में 40 भारतीय सुरक्षाकर्मी मारे गए थे.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश (फ़ाइल).
UN Photo/Mark Garten

तनाव कम करने के लिए 'जल्द कदम उठाएं' भारत और पाकिस्तान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने  भारत और पाकिस्तान से आग्रह  किया है कि पुलवामा हमले के बाद से पैदा हुए तनाव को कम करने के लिए उन्हें तत्काल कदम उठाने चाहिए. पिछले गुरुवार को जम्मू कश्मीर के पुलवामा ज़िले में भारतीय सुरक्षा बलों पर आत्मघाती कार बम हमले में 40 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे. 

श्रीनगर में तैनात सुरक्षाकर्मी (फ़ाइल).
Nimisha Jaiswal/IRIN

भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जम्मू कश्मीर राज्य के पुलवामा ज़िले में सुरक्षा बलों पर हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है. महासचिव गुटेरेश ने दोनों देशों से संयम का परिचय देने और तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया है.