जलवायु संकट

कॉप27 सम्मेलन के दौरान नागरिक समाज संगठनों ने आमजन की ओर से एक घोषणापत्र प्रस्तुत किया.
UNIC Tokyo/ Momoko Sato

कॉप27 समापन के निकट, अहम मुद्दों पर मतभेद बरक़रार, यूएन प्रमुख ने लगाई वादा पूर्ति की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को ध्यान दिलाया कि वार्षिक जलवायु सम्मेलन - कॉप27 समाप्त होने में एक ही दिन शेष बचा है, मगर ‘हानि व क्षति’ समेत अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर देशों में अब भी  मतभेद बरक़रार हैं. उन्होंने सभी पक्षों से मौजूदा क्षण की महत्ता को समझते हुए, मानवता के समक्ष मौजूद विशालतम चुनौती के वास्तविक समाधानों पर सहमति बनाने का आहवान किया है.  

कॉप27 सम्मेलन में युवजन के लिए बनाए गए एक मंडप में कला कृतियों को दर्शाया गया है.
UN News/Laura Quinones

कॉप27: सम्मेलन का दूसरा सप्ताह; महिलाओं की भूमिका और जल संकट चर्चा के केन्द्र में

मिस्र के शर्म अल-शेख़ में संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु सम्मेलन, कॉप27 में सोमवार को ‘महिलाएँ एवं जल’ थीम चर्चा के केन्द्र में रही. इस विषय के ज़रिये जलवायु समाधानों को आगे बढ़ाने में महिलाओं की भूमिका और जलवायु संकट से जल आपूर्ति पर हो रहे प्रभावों को रेखांकित किया गया. इस बीच जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिये अहम मुद्दों पर आधिकारिक वार्ताओं का दौर जारी रहा, और यूएन अधिकारियों ने फिर से हानि व क्षति पर सहमति बनाए जाने का आहवान किया है.

पाकिस्तान में शहीद बेनज़ीरबाद ज़िले के एक गाँव में बच्चों का एक समूह.
© UNICEF/Shehzad Noorani

आठ अरब आबादी, एक मानवता; 'स्वास्थ्य और विज्ञान में असाधारण प्रगति का परिचायक'

अगले सप्ताह, विश्व जनसंख्या आठ अरब के आंकड़े पर पहुँच जाएगी, जिसे यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने असाधारण वैज्ञानिक प्रगति और पोषण, सार्वजनिक स्वास्थ्य व साफ़-सफ़ाई के क्षेत्र में बेहतरी को दर्शाती है.

मौजूदा दौर की एक विशाल चुनौती से निपटने में जलवायु पत्रकारिता की एक अहम भूमिका है.
UN News/Laura Quinones

जलवायु परिवर्तन और भ्रामक जानकारी की भरमार, मीडिया के लिये पाँच अहम सुझाव

यह एक तथ्य है: जलवायु परिवर्तन पर सार्वजनिक चर्चा और उससे निपटने के उपायों को आकार देने में मीडिया की अहम भूमिका है. जलवायु परिवर्तन पर विशेषज्ञों के अन्तरसरकारी आयोग (IPCC) ने भी अपनी नवीनतम रिपोर्ट में पहली बार इस तथ्य को रेखांकित किया है. जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देने और भ्रामक सूचनाओं की भरमार पर पार पाने में मीडिया की भूमिका पर पाँच अहम बातें...

यूएन महासभा अध्यक्ष कसाबा कोरोसी 77वें सत्र के दौरान जनरल डिबेट को सम्बोधित कर रहे हैं.
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विश्व के समक्ष विशाल व जटिल चुनौतियाँ: एकुजटता, सततता व विज्ञान से सम्भव हैं समाधान  

संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष कसाबा कोरोसी ने मंगलवार को पारम्परिक अन्दाज़ में ऐतिहासिक हथौड़े की चोट के साथ ही, यूएन महासभा के 77वें सत्र में जनरल डिबेट की शुरुआत की. उन्होंने प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि दुनिया अतीत के चार दशकों में सबसे अहम पड़ाव पर है, और मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से एकजुटता, सततता और विज्ञान से प्राप्त समाधानों से निपटा जाना होगा. 

यूएन महासभा के 77वें सत्र के लिये अध्यक्ष कसाबा कोरोसी. उनकी बाईं ओर हैं महासचिव एंतोनियो गुटेरेश, और दाईं और हैं, महासभा व सम्मेलन प्रबन्धन के लिये अवर महासचिव मोवसेस एबेलियन.
UN Photo/Evan Schneider

UNGA77: देशों और अन्तरराष्ट्रीय व्यवस्था में भरोसे की बहाली ज़रूरी, नए महासभा प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र के लिये नवनिर्वाचित अध्यक्ष कसाबा कोरोसी ने कहा है कि दुनिया, भरोसे के विशाल अभाव से जूझ रही है. इस पृष्ठभूमि में, उन्होंने कहा है कि अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए उनका ध्यान जलवायु संकट से लेकर यूक्रेन में युद्ध तक और उससे उपजी खाद्य क़िल्लत तक, वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिये सदस्य देशों के बीच और अन्तरराष्ट्रीय व्यवस्था में विश्वास को मज़बूती देने पर होगा.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने महासभा के 77वें सत्र में उच्चस्तरीय सप्ताह से पहले न्यूयॉर्क में मीडिया को सम्बोधित किया.
UN Photo/Evan Schneider

यूएन महासभा का 77वाँ सत्र: दरकती दुनिया में आशा के संचार की पुकार

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन महासभा के 77वें सत्र में उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान आम बहस (General debate) से ठीक पहले, विश्व नेताओं से दरकती दुनिया के लिये आशा का संचार करने और जलवायु संकट से निपटने के लिये प्रयासों को मज़बूती देने की पुकार लगाई है. 

पश्चिमी तट में अनेक समुदायों पर जबरन दूसरे इलाक़ों में विस्थापित किये जाने का जोखिम मंडरा रहा है.
OCHA

हिंसक टकराव, कोविड और जलवायु संकट, वैश्विक लक्ष्यों के लिये जोखिम

आपस में गुंथे वैश्विक संकटों के कारण, यूएन 2030 एजेण्डा पर आधारित 17 टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये ख़तरा पनप रहा है. संयुक्त राष्ट्र द्वारा गुरूवार को जारी नई रिपोर्ट बताती है कि विश्व भर में खाद्य आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य व सुरक्षा हालत पर गम्भीर असर हुआ है.

भारत में यूएन के रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, शॉम्बी शार्प (बाएँ से तीसरे), और रीन्यू पावर की चीफ़ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर, वैशाली निगम सिन्हा  (बाएँ से दूसरी),गुजरात के ढोकावाड़ा में 'प्रोजेक्ट सूर्य' के सौर उपकरण प्रशिक्षण केन्द्र में.
ReNew Power

भारत: नमक उत्पादन से जुड़ी महिला श्रमिकों के लिये, सौर ऊर्जा आजीविका प्रशिक्षण

भारत में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रगति के लिये, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP), स्वच्छ ऊर्जा कम्पनी, ‘ReNew Power और स्व-रोजगार महिला संघ (SEWA - सेवा) ने एक साथ मिलकर, गुजरात प्रदेश में 'प्रोजेक्ट सूर्य' नामक एक परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत की है. इस परियोजना के तहत, क्षेत्र में नमक उत्पादन कार्य से जुड़ी महिला श्रमिकों को, आधुनिक स्वच्छ ऊर्जा उद्योग के कामकाज का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

टिकाऊ विकास लक्ष्यों के लिये समर्थन के इरादे से आयोजित एक कार्यक्रम में युवजन. (2018)
© UN Photo/Laura Jarriel

टिकाऊ जगत के निर्माण में युवजन की अर्थपूर्ण भागीदारी पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि संगठन के कामकाज में और उससे इतर भी, युवजन की अर्थपूर्ण और कारगर भागीदारी, मानवाधिकारों को बढ़ावा देने, जलवायु संकट से निपटने और टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये महत्वपूर्ण है.