जलवायु कार्रवाई

शर्म अल-शेख़ में कॉप27 सम्मेलन का समापन.
Kiara Worth

'हानि व क्षति' पर समझौते के साथ कॉप27 का समापन: 'न्याय की दिशा में एक क़दम', यूएन प्रमुख

मिस्र के तटीय शहर शर्म अल-शेख़ में कॉप27 जलवायु सम्मेलन में स्थानीय समयानुसार रविवार तड़के एक महत्वपूर्ण समझौते पर अन्तत: सहमति बन गई, जिसके तहत जलवायु-जनित आपदाओं से प्रभावित निर्बल देशों में होने वाली ‘हानि व क्षति’ के लिए मुआवज़ा दिए जाने की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही, दो हफ़्तों से जारी गहन चर्चा के बाद यूएन का वार्षिक जलवायु सम्मेलन समाप्त हो गया है.

घाना की 10-वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता नकीयत द्रमनी सैम ने अपने हाथों में एक तख़्ती ले रही है, जिसका सन्देश है: भुगतान लम्बे समय से लम्बित है.
Kiara Worth

कॉप27: सम्मेलन का अन्तिम दिन, हानि व क्षति पर ‘अधिकतम महत्वाकाँक्षा’ दर्शाए जाने का आग्रह

मिस्र के शर्म अल-शेख़ में संयुक्त राष्ट्र वार्षिक जलवायु सम्मेलन, कॉप27 का समापन अपनी निर्धारित अवधि के कम से कम एक दिन बाद होगा. कॉप27 अध्यक्ष ने शुक्रवार को इस आशय की घोषणा करते हुए वार्ताकारों से अपने प्रयासों में तेज़ी लाने का आग्रह किया है ताकि जिन मुद्दों पर बातचीत अटकी हुई है, उन पर सहमति बनाई जा सके.

COP27, शर्म अल शेख, मिस्र में आयोजन स्थल के बाहर
UN Video/ Runa A

‘हरित लीपापोती’ के बजाय, ठोस कार्रवाई एवं जलवायु निवेश पर बल

जलवायु परिवर्तन पर अन्तर-सरकारी आयोग (IPCC) की छठी समीक्षा रिपोर्ट के मुख्य लेखक डॉक्टर अंजल प्रकाश का कहना है कि जलवायु परिवर्तन को नकारे जाने की कोशिशें, बीते दिनों की अपेक्षा अब कमज़ोर हुई हैं, मगर ‘हरित लीपापोती’ (greenwashing) का मुद्दा अब एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहा है, जिस पर लगाम कसे जाने की ज़रूरत है. मिस्र के तटीय शहर शर्म अल-शेख़ में संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु सम्मेलन, कॉप27 में शिरकत कर रहे डॉक्टर प्रकाश ने यूएन न्यूज़ के साथ एक विशेष बातचीत में यह बात कही है.

यूएन महासचिव ने शर्म अल-शेख़ में कॉप27 सम्मेलन के दौरान युवा जलवायु कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात की.
UNFCCC/Kiara Worth

कॉप27: यूएन महासचिव की युवा जलवायु कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात

मिस्र के तटीय शहर शर्म अल-शेख़ में यूएन के वार्षिक जलवायु सम्मेलन के दौरान, महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने युवा जलवायु कार्यकर्ताओं से बातचीत की. यूएन प्रमुख ने युवजन से हिम्मत ना हारने और महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई के लिये अपनी आवाज़ बुलन्द करने का आग्रह किया. एक वीडियो रिपोर्ट...

पूर्वोत्तर बांग्लादेश में भीषण बाढ़ के कारण सिलहट में प्रोतिवा का स्कूल बन्द हो गया है.
© UNICEF/Parvez Ahmad Rony

‘हमारा भविष्य चुराया जा रहा है’, कॉप27 में गूंजी युवजन की आवाज़

टी-शर्ट पहने, हाथ में बैनर, तख़्तियाँ, और लाउडस्पीकर लिए और जलवायु प्रभावों की हृदयविदारक आपबीती के साथ, युवा जलवायु कार्यकर्ताओं ने गुरूवार को कॉप27 सम्मेलन के दौरान, पुरज़ोर ढँग से अपनी बात विश्व नेताओं के सामने रखी. उन्होंने जलवायु वार्ताकारों से जलवायु ‘हानि व क्षति’ के मुद्दे पर कारगर कार्रवाई का आहवान किया है.

मिस्र के शर्म अल-शेख़ में कॉप27 सम्मेलन के दौरान, जलवायु कार्यकर्ता जीवाश्म ईंधन में निवेश के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं.
© UN News/Laura Quinones

कॉप27: जीवाश्म ईंधन से दूर हटकर, समुदाय-समर्थित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश का आहवान

मिस्र के शर्म अल-शेख़ में जारी यूएन जलवायु सम्मेलन, कॉप27, के दौरान बुधवार को किसी एक ख़ास विषय पर आधारित कार्यक्रम दिवस आरम्भ हुए और सबसे पहले जलवायु वित्त पोषण की थीम पर चर्चा हुई. जलवायु कार्यकर्ताओं ने शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया था कि हर वर्ष जीवाश्म ईंधन में निवेश किये जाने वाले सैकड़ों अरबों डॉलर का उपयोग, अब सामुदायिक नेतृत्व में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को सहायता प्रदान करने के लिये किया जाना होगा.

मिस्र के शर्म अल-शेख़ में कॉप27 सम्मेलन के आयोजन स्थल पर मुख्य कक्ष के बाहर का दृश्य.
UNFCCC/Kiara Worth

'सहयोग या नाश' - कॉप27 में जलवायु कार्रवाई के लिये एकजुटता पर बल

बढ़ते ऊर्जा संकटों, ग्रीन हाउस गैसों की रिकॉर्ड सघनता, और चरम मौसम की बढ़ती घटनाओं के बीच, मिस्र के शर्म अल-शेख़ में संयुक्त राष्ट्र का वार्षिक जलवायु सम्मेलन कॉप27 आयोजित हो रहा है, जहाँ यूएन महासचिव ने जलवायु आपदा को टालने के रास्ते पर आगे बढ़ाने की पुकार लगाई है. उन्होंने आगाह किया है कि दुनिया इस लड़ाई में फ़िलहाल पिछड़ रही है, मगर “मानवता के पास विकल्प मौजूद है: सहयोग या नाश. ये विकल्प है – या तो जलवायु एकजुटता समझौता – या फिर सामूहिक आत्महत्या समझौता.” एक वीडियो रिपोर्ट...

पाकिस्तान में बाढ़ की चपेट में आए एक गांव में एक महिला अपने बच्चे के साथ सचल स्वास्थ्य केंद्र तक जा रही है.
© UNICEF/Shehzad Noorani

जलवायु अनुकूलन के लिये वित्त पोषण बढ़ाये जाने पर बल, UNEP की नई रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने गुरूवार को प्रकाशित अपनी नवीनतम रिपोर्ट में सचेत किया है कि जलवायु परिवर्तन के मौजूदा व भावी प्रभावों के अनुरूप ढलने के लिये, देशों को अपनी कार्रवाई में तेज़ी लानी होगी. यूएन एजेंसी की Adaptation Gap Report 2022 रिपोर्ट को मिस्र के शर्म अल-शेख़ में इस सप्ताहांत शुरू हो रहे वार्षिक जलवायु सम्मलेन (कॉप27) से ठीक पहले जारी किया गया है.

मिस्र के शर्म अल-शेख़ में सूर्यास्त का दृश्य.
Unsplash/Juanma Clemente-Alloza

कॉप27: वार्षिक यूएन जलवायु सम्मेलन मिस्र में, कुछ अहम जानकारी

संयुक्त राष्ट्र का वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप27), विश्व भर में चरम मौसम की घटनाओं, यूक्रेन में युद्ध के कारण उपजे ऊर्जा संकट और उन वैज्ञानिक तथ्यों व चेतावनियों की पृष्ठभूमि में, मिस्र के शर्म अल-शेख़ में 6 से 18 नवम्बर तक हो रहा है. इस सम्बन्ध में आगाह किया गया है कि कार्बन उत्सर्जन से निपटने और पृथ्वी के भविष्य की रक्षा के लिये पर्याप्त प्रयास नहीं किये जा रहे हैं.   

WHO और WMO ने जलवायु और स्वास्थ्य के लिए एक नया ज्ञान मंच लॉन्च किया.
WHO

जलवायु और स्वास्थ्य पर अधिक जानकारी के लिये एक नया पोर्टल

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के संयुक्त कार्यालय ने, जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य जोखिमों से लोगों की रक्षा हेतु उपाय मुहैया कराने के उद्देश्य से सोमवार को पहला वैश्विक ज्ञान मंच - climahealth.info - शुरू किया है. इसमें वैलकम ट्रस्ट का भी समर्थन हासिल है.