जैव विविधता

विश्व पर्यावरण दिवस: प्रकृति के घावों पर मरहम लगाने का समय

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जारी अपने सन्देश में, ‘पारिस्थितिकी तंत्र बहाली के यूएन दशक' की शुरुआत की घोषणा की है. उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दुनिया, जैव-विविधता की क्षति, जलवायु व्यवधान और बढ़ता प्रदूषण, तीन पर्यावरणीय संकटों का सामना कर रही है, जिसके मद्देनज़र, यह प्रकृति को पहुँचाये गए नुक़सान की भरपाई करने का समय है.

अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस – ग्रह की पुनर्बहाली के संकल्प की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार, 22 अप्रैल, को ‘अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस’ (International Mother Earth Day) के अवसर पर जारी अपने सन्देश में ज़ोर देकर कहा है कि पृथ्वी के संसाधनों के लापरवाह दोहन को रोका जाना होगा. महासचिव गुटेरेश ने प्रकृति के साथ शान्तिपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने, वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी को सीमित करने और जैव-विविधता की रक्षा करने का आहवान किया है.

सिकुड़ते वनों में जैवविविधता संरक्षण के लिए निडर कार्रवाई की दरकार

वनों की कटाई और भूमि क्षरण की तेज़ होती रफ़्तार बढ़ती चिन्ता का सबब है. शुक्रवार को अन्तरराष्ट्रीय जैवविविधता दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में दुनिया भर के जंगलों में जैवविविधता के संरक्षण के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया है.

जैव विविधता दिवस

यूएन महासचिव ने 22 को मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के मौक़े पर कहा है कि इन्सानों के तमाम समाधान प्रकृति में समाहित हैं इसलिए बेहतर वांछित भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर कलयाण के लिए प्रकृति के साथ बेहतर सन्तुलन बनाना बहुत ज़रूरी है. वीडियो सन्देश...

जैव विविधता, अर्थव्यवस्था और जलवायु

जलवायु आपदा ने दुनिया भर में जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है. बहुत से युवा भी अब समस्या की गंभीरता को समझने लगे हैं और अपने-अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं. ऐसी ही युवा चैंपियन हीता लखानी के साथ संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंशु शर्मा की बातचीत.