जैव विविधता

प्रकृति के साथ समरसतापूर्ण जीवन और जैवविविधता संरक्षण के लिये संकल्प

चीन के कुनमिंग में आयोजित ‘संयुक्त राष्ट्र जैवविविधता सम्मेलन’ (कॉप15) के उच्चस्तरीय खण्ड के समापन पर कुनमिंग घोषणापत्र को पारित किया गया है. इस घोषणापत्र में सम्बद्ध पक्षों ने एक कारगर वैश्विक फ़्रेमवर्क को विकसित, पारित और लागू करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक जैवविविधता को पुनर्बहाली मार्ग पर वापिस लाना है. 

आपदाओं से रक्षा में, विकासशील देशों के लिये अन्तरराष्ट्रीय सहयोग पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार, 13 अक्टूबर, को ‘अन्तरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस’ के अवसर पर जारी अपने सन्देश में, प्राकृतिक आपदाओं के ख़तरों का सामना कर रहे विकासशील देशों की रक्षा के लिये वैश्विक एकजुटता की पुकार लगाई है. 

‘प्रकृति के साथ आत्मघाती युद्ध का अन्त करने के लिये’ निडर कार्रवाई का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘यूएन जैवविविधता सम्मेलन’ (कॉप15) को सम्बोधित करते हुए आगाह किया है कि विश्व में दस लाख से अधिक प्रजातियों के लुप्त होने का जोखिम मण्डरा रहा है. इसके मद्देनज़र, देशों को एक साथ मिलकर पृथ्वी व मानवता के लिये एक टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करना होगा.

भारत: संयुक्त राष्ट्र के साथ 17 युवा जलवायु कार्यकर्ता एकजुट

भारत में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने जलवायु परिवर्तन पर स्थानीय नेतृत्व को प्रदर्शित करने के इरादे से ‘We The Change’ (‘हम ही बदलाव हैं’) नामक अपनी जलवायु मुहिम शुरू करने की घोषणा की है. इस अभियान के तहत, संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप26) से कुछ हफ्तों पहले,  भारत के 17 युवा जलवायु कार्यकर्ताओं द्वारा विकसित जलवायु समाधानों को रेखांकित किया जाएगा. 

पर्यावरणीय जोखिमों के स्वास्थ्य दुष्प्रभावों से निपटने के लिये कार्रवाई का पुलिन्दा

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने एक साथ मिलकर 500 कार्रवाई उपायों का एक नया सार-संग्रह (compendium) तैयार किया है जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय जोखिमों से होने वाली मौतों व बीमारियों में कमी लाना है. 

जैव विविधता के संरक्षण की ख़ातिर, अल्पसंख्यकों के अधिकारों की अनदेखी ना हो

संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ मानवाधिकार विशेषज्ञ डेविड बोयड ने गुरूवार को कहा है कि पृथ्वी ग्रह की ज़मीन पर जैव विविधता और पानी की बचत करने के लिये चलाए जाने वाले वैश्विक कार्यक्रम को, दुनिया के निर्बल लोगों के लिये जोखिम उत्पन्न करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती है.

स्वस्थ भोजन के लिये, स्वस्थ पर्यावरण में निवेश की आवश्यकता पर बल

संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवँ कृषि संगठन (UNFAO) के महानिदेशक क्यू डोन्गयू ने जी20 समूह के पर्यावरण मंत्रियों के नाम एक अपील जारी करते हुए, टिकाऊ रहन-सहन में ज़्यादा निवेश किये जाने का आग्रह किया है ताकि विश्व की बढ़ती आबादी के लिये भोजन की व्यवस्था की जा सके. 

मरुस्थलीकरण और सूखा – मानव कल्याण के लिये ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चिन्ता जताई है कि मानवता ने प्रकृति के विरुद्ध एक आत्मघाती, निर्मम युद्ध छेड़ा हुआ है जिसे रोका जाना होगा. उन्होंने गुरुवार, 17 जून, को मरुस्थलीकरण व सूखा का सामना करने के लिए मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर आगाह किया कि जलवायु परिवर्तन के कारण हुए भूमि क्षरण और कृषि, शहरों व बुनियादी ढाँचे के विस्तार से, तीन अरब से अधिक लोगों के जीवन व आजीविका के लिये चुनौती खड़ी हो गई है. 

प्रकृति की पुनर्बहाली हमारी पीढ़ी की नैतिक परीक्षा – यूएन महासभा प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने कहा है कि भूमि, जलवायु, जैवविविधता व प्रदूषण के संकट आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं और इन्हें हल करना मौजूदा पीढ़ी के लिये एक बड़ी परीक्षा है. इसके मद्देनज़र, उन्होंने भावी स्वास्थ्य व पर्यावरणीय ख़तरों से निपटने और भूमि को बहाल किये जाने के लिये वैश्विक प्रयासों को मज़बूत बनाये जाने का आहवान करते हुए महत्वपूर्ण उपायों को साझा किया है.

विश्व पर्यावरण दिवस: प्रकृति के घावों पर मरहम लगाने का समय

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जारी अपने सन्देश में, ‘पारिस्थितिकी तंत्र बहाली के यूएन दशक' की शुरुआत की घोषणा की है. उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दुनिया, जैव-विविधता की क्षति, जलवायु व्यवधान और बढ़ता प्रदूषण, तीन पर्यावरणीय संकटों का सामना कर रही है, जिसके मद्देनज़र, यह प्रकृति को पहुँचाये गए नुक़सान की भरपाई करने का समय है.