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#PledgetoPause: शेयर करने से पहले ज़रा ठहरें और सोचें

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरश ने दुनिया भर के लोगों को ऑनलाइन सामग्री शेयर करने यानि आगे बढ़ाने से पहले ठहरकर सोचने का आग्रह किया है क्योंकि कोविड-19 महामारी ने एक संचार आपदा भी पैदा कर दी है जिसमें सोशल मीडिया पर झूठी सूचनाएँ और ग़लत जानकारी फैलाई जा रही है.

ओह, मैंने फिर शेयर कर दिया !!!

Misinformation यानि दुष्प्रचार या ग़लत जानकारी फैलाने का मक़सद हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना होता है, और हम में से बहुत से लोगों ने भी कुछ ना कुछ ऐसे सन्देश या जानकारी ज़रूर शेयर की होगी है यानि आगे बढ़ाई होगी जिसके बारे में बाद में मालूम हुआ होगा कि वो सच या सही नहीं थी. इस वीडियो में एक हल्के-फ़ुल्के अन्दाज़ में मगर बहुत सटीक बात कहने की कोशिश की गई है कि हम कितनी आसानी से दुष्प्रचार या ग़लत जानकारी फैलाने के भागीदार बन जाते हैं. ये सोचना बहुत अहम और ज़रूरी है कि ग़लत जानकारी या 'फ़ेक न्यूज़' को फैलने से रोकने के लिये क्या किया जा सकता है...


 

कोविड-19: दुर्सूचना पर वाजिब चिन्ताएँ सुनी जाएँ और डर दूर किये जाएँ

कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया भर में व्याप्त अनिश्चितता, भय और चिन्ता के माहौल में संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ पदाधिकारी दुनिया भर में लोगों की बात सुनने, उनकी चिन्ताओं की वैधता को समझने और ग़लत जानकारी और विज्ञान पर आधारित सटीक सूचना के बीच अन्तर समझने में उनकी मदद करने के लिये तत्पर हैं.

कोविड-19: झूठी व ग़लत जानकारी शेयर करने से पहले ज़रा ठहरें और सोचें!

संयुक्त राष्ट्र ने तमाम लोगों से आग्रह किया है कि उन्होंने कोविड-19 महामारी से बचने के लिए जो सामाजिक दूरी जैसे उपाय अपनाए हैं, उसी तरह के उपाय सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी अपनाएँ और कोई भी सामग्री आगे बढ़ाने यानि शेयर करने से पहले ठहरकर उसके बारे में सावधानी से सोचें.

कोविड-19: दुष्प्रचार व नफ़रत से टक्कर के लिए यूएन की नई पहल - 'Verified'

संयुक्त राष्ट्र ने कोविड-19 महामारी के दौरान फैलती झूठी सूचनाओं और नफ़रत सन्देशों पर लगाम कसने के इरादे से एक नई पहल शुरू की है. इस मुहिम के ज़रिए दुनिया भर में लोगों को सशक्त बनाया जाएगा ताकि वे सटीक सूचना साझा करके लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाई जा सकें और वैश्विक एकजुटता को बढ़ावा मिल सके.