इसराइल

लेबनान-इसराइल समुद्री सीमा विवाद के निपटारे के लिये बातचीत शुरू

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को लेबनान और इसराइल के बीच पूर्वी भूमध्यसागर में विवादित समुद्री सीमा पर वार्ता की शुरुआत का स्वागत किया है. दोनों देशों में अक्टूबर के शुरू में एक फ़्रेमवर्क पर सहमति बनी थी जिसके बाद यह बातचीत आयोजित की गई है.

75वाँ सत्र: इसराइल ने कहा, ‘शान्ति के दायरे' में जल्द शामिल होंगे अन्य अरब देश भी

इसराइल के प्रधानमन्त्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को यूएन महासभा के सत्र की जनरल डिबेट को दिये वीडियो सन्देश में कुछ अरब देशों के साथ हुए समझौतों को शान्ति का दायरा बढ़ाने वाली एक अच्छी ख़बर क़रार दिया है. प्रधानमन्त्री नेतन्याहू ने पहले से रिकॉर्ड कराए गए अपने वीडियो सन्देश में हिज़्बुल्लाह चरमपंथियों पर बेरूत के एक रिहायशी इलाक़े में हथियारों का भण्डारण करने का भी आरोप लगाया है.  

75वाँ सत्र: यूएई ने जताई उम्मीद, इसराइल के साथ समझौते से शान्ति वार्ता में मिलेगी मदद

संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मन्त्री शेख़ अब्दुल्ला बिन ज़ायद अल नाहयान ने कहा है कि इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सम्बन्धों को बहाल करने वाले ऐतिहासिक समझौते से अरब क्षेत्र में भावी पीढ़ियों के लिए शान्ति और उज्ज्वल भविष्य के प्रयासों को मज़बूती मिलनी चाहिये. यूएई के विदेश मन्त्री ने मंगलवार को यूएन महासभा के 75वें सत्र की जनरल डिबेट को दिये वीडियो सन्देश में ये बात कही है.  

75वाँ सत्र: महमूद अब्बास का सवाल, न्यायसंगत समाधान के लिये ‘हमें कब तक इन्तज़ार करना होगा’

फ़लस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने संयुक्त राष्ट्र जनरल असेम्बली के 75वें सत्र को सम्बोधित करते हुए फ़लस्तीनियों द्वारा हर दिन झेले जा रहे कष्टों और कठिनाइयों पर दुनिया का ध्यान आकृष्ट किया है. उन्होंने कहा कि रोज़मर्रा के जीवन में फ़लस्तीनी जनता विपत्तियों का सामना करती है और दुनिया बस मूकदर्शक बन कर देखती है.  

इसराइल-हमास समझौता होगा महामारी का मुक़ाबला करने में मददगार

मध्य पूर्व क्षेत्र के लिये संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठतम अधिकारी निकोलय म्लैदेनॉफ़ ने फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा के भीतर और आसपास के इलाक़ों में कोविड-19 महामारी के बावजूद हाल के समय में बढ़े तनाव को कम करने के लिये हुए समझौते का स्वागत किया है.

इसराइल-यूएई समझौते से निकल सकती है अमन की राह

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत निकोलय म्लैदेनॉफ़ ने कहा है कि इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हाल ही में हुए समझौता में पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र के समीकरण बदलने की क्षमता है. विशेष दूत ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद के साथ अपनी मासिक बैठक में फ़लस्तीनी और इसराइली नेतृत्व से आग्रह किया कि वो अपने लम्बे समय से चले आ रहे संघर्ष को हल करने के लिये फिर से एक दूसरे की तरफ़ सुलह-सफ़ाई का हाथ बढ़ाएँ. 

इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात में समझौते का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अमेरिका, इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात के उस साझा वक्तव्य का स्वागत किया है जिसमें क़ाबिज़ पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों को छीने जाने की इसराइली योजना को स्थगित किए जाने की बात कही गई है. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने इसराइल से फ़लस्तीनी इलाक़ों में एकतरफ़ा कार्रवाई ना करने की पुकार लगाई थी. 

मध्य पूर्व में अदावत फिर बढ़ी, कोविड -19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में मुश्किलें

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत निकोलय म्लैदमॉफ़ ने कहा है कि कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों में इसराइली और फ़लस्तीनियों के बीच नज़र आई एकजुटता अब बिखरने लगी है जिससे लोगों की ज़िन्दगी के लिए जोखिम पैदा होने के साथ-साथ अर्थव्यस्था में मन्दी आने लगी है. साथ ही इसराइल द्वारा पश्चिमी तट के कुछ इलाक़ों को छीनने का ख़तरा भी बरक़रार है.

इसराइल द्वारा फ़लस्तीनियों को सामूहिक दण्ड - ‘ग़ैरक़ानूनी और न्याय का तिरस्कार’ 

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने इसराइल से उन सभी कार्रवाइयों को तत्काल रोकने का आग्रह किया है जो फ़लस्तीनियों के लिये सामूहिक दण्ड के समान हैं. यूएन के विशेष रैपोर्टेयर माइकल लिन्क ने कहा कि लाखों निर्दोष  फ़लस्तीनियों को रोज़ाना कष्ट पहुँच रहा है जिससे तनाव के और भी ज़्यादा गहरा होने और हिंसा के लिये अनुकूल माहौल बनने के अलावा और कुछ हासिल नहीं होता. 

मध्य पूर्व के लिए 'विनाशकारी' है फ़लस्तीनी इलाक़ों को छीनने की इसराइली योजना

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) मिशेल बाशेलेट ने इसराइल द्वारा क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़ों को ग़ैरक़ानूनी ढंग से छीनने की योजना से पीछे हटने को कहा है. यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने इसराइल की इस कार्रवाई का फ़लस्तीनियों और पूरे क्षेत्र के लिए चेतावनी भरे शब्दों में विनाशकारी असर होने की आशंका जताई है. इससे पहले यूएन महासचिव ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा था कि ऐसी कोई भी एकतरफ़ा कार्रवाई अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का गम्भीर उल्लंघन होगी.