इबोला

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य: राजनैतिक तबके से बदलाव की बयार के समर्थन की अपील

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख लैला ज़ेरोगी ने सुरक्षा परिषद को देश में हालात की जानकारी देते हुए बताया है कि हाल के दिनों में सकारात्मक प्रगति अगर आगे भी जारी रही तो देश की कायापलट करने और वहां स्थिरता लाने में मदद मिलेगी.  उन्होंने देश के राजनैतिक तबके से परिवर्तन की इस हवा को समर्थन देने का आह्वान किया है. 

इबोला से मौतों का आंकड़ा चिंताजनक, रोकथाम के लिए निवेश पर ज़ोर

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) के पूर्वोत्तर हिस्से में वर्ष 2018 में इबोला वायरस नए सिरे से फैलना शुरू हुआ और तब से अब तक 850 बच्चे इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने बताया है कि इनमें से 600 बच्चों की अब तक मौत हो चुकी है. डीआरसी के पड़ोसी देश युगांडा में एक नौ साल की बच्ची के इबोला से संक्रमित होने का नया मामला सामने आया है.

इबोला संक्रमण के लगातार फैलने से सुरक्षा परिषद चिंतित

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला बीमारी के नए मामले लगातार सामने आने पर शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गहरी चिंता ज़ाहिर की है. सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने व्यापक रूप से बीमारी से निपटने के लिए समन्वित और तत्काल प्रयासों पर ज़ोर देते हुए कहा है कि अगर इस पर क़ाबू नहीं पाया गया तो पड़ोसी देशों में संक्रमण फैलने के गंभीर मानवीय नतीजे होंगे जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर भी प्रभाव पड़ेगा.

एक मरीज़ की मौत के बाद इबोला पर क़ाबू पाने के प्रयास तेज़

काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में मंगलवार को गोमा शहर में इबोला संक्रमण का एक नया मामला सामने आया और पीड़ित मरीज़ की मौत हो गई है. 10 लाख से ज़्यादा की आबादी वाले गोमा शहर में इबोला का यह दूसरा मामला था जिससे घनी आबादी वाले इलाक़ों में बीमारी फैलने का जोखिम बना हुआ है. संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने इबोला संक्रमण को सीमित दायरे में रखने और उससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मज़बूत वैश्विक प्रयासों और निवेश की आवश्यकता को ज़रूरी बताया है.