हिंसा

सीरिया के इदलिब में, विस्थापित लोगों के लिए बनाए गए एक शिविर में, पानी भर कर ले जाते हुए दो बच्चे.
OCHA/Bilal al Hamoud

सीरिया: ‘चिन्ताजनक और ख़तरनाक’ सैन्य भड़काव पर विशेष दूत की चेतावनी

सीरिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गियर पैडरसन ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद में कहा है कि सीरिया को सैन्य गतिविधियों की ज़रूरत है, और राजनैतिक प्रक्रिया पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने सैन्य गतिविधियों में चिन्ताजनक उछाल के मद्देनज़र, संयम बरते जाने की अपील भी की है.

सड़क यातायात दुर्घटना के परिणामस्वरूप हर साल लगभग 13.5 लाख लोगों की जान चली जाती है.
WHO/T. Pietrasik

WHO: विश्व में चोट, हिंसा से प्रतिदिन 12 हज़ार लोगों की जान बचाने के लिए, त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता

संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मंगलवार को जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, प्रति दिन, चोट और हिंसा के कारण विश्व भर में क़रीब 12,000 लोग अपना जीवन गँवा देते है.

महिलाओं के विरुद्ध हिंसा का अन्त करने की मांग के साथ, उरुग्वे में एक महिला आन्दोलन
UN Women/Sahand Minae

महिलाओं व लड़कियों के विरुद्ध हिंसा को ‘इतिहास की पुस्तकों में’ समेट दें

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने महिलाओं के विरुद्ध हिंसा का अन्त करने के लिए अन्तरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर बुधवार को कहा है कि हर 11वें मिनट कोई महिला या लड़की, अपने अन्तरंग साथी या परिवार के सदस्य के हाथों अपनी जान गँवा देती है. उन्होंने 25 नवम्बर को मनाए जाने वाले इस दिवस के मौक़े पर सभी से महिलाओं और लड़कियों के विरुद्ध हिंसा को, अतीत की बात बना देने का आग्रह भी किया है.

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के नवाबाद ज़िले में, एक अफ़ग़ान लड़की
© UNICEF/Mohammad Haya Burhan

अफ़ग़ानिस्तान की महिलाओं व लड़कियों के लिये यूएन एजेंसियों की प्रतिबद्धता

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने सोमवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के एक साल के शासन के दौरान महिलाओं और लड़कियों की ज़िन्दगियों के हालात बहुत ख़राब हुए हैं, जिससे मानवाधिकारों के तमाम क्षेत्र प्रभावित हुए हैं. यूएन एजेंसियों ने तालेबान शासन के एक साल बाद, देश की महिलाओं और लड़कियों को अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

समुद्री यात्रा मार्ग पर नाव में सवार लोगों को अक्सर लम्बे समय तक फँसा रहना पड़ता है और उन्हें जल व भोजन भी नहीं मिल पाता है.
© UNHCR/Christophe Archambault

म्याँमार: मानवता के विरुद्ध अपराध, व्यवस्थागत ढंग से जारी, यूएन रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि म्याँमार में व्यवस्थागत तरीक़े से मानवता के विरुद्ध अपराधों को अंजाम देना जारी है और मौजूदा संघर्षों में, महिलाएँ और बच्चे सबसे ज़्यादा प्रभावित हो रहे हैं.

ग़ाज़ा में तबाही का एक दृश्य, अगस्त 2022
Ziad Taleb

ग़ाज़ा-इसराइल में युद्ध विराम का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – UNICEF ने तीन दिन तक भारी हिंसा जारी रहने के बाद ग़ाज़ा और इसराइल में युद्धविराम का स्वागत किया है.

फ़लस्तीन के ग़ाज़ा पट्टी में, एक इसराइली हमले में ध्वस्त एक इमारत के पास से सायकल पर गुज़रता एक लड़का.
© UNRWA/Samar Abu Elouf

ग़ाज़ा: हिंसा में बढ़ोत्तरी को लेकर गम्भीर चिन्ता

फ़लस्तीनी क्षेत्र के लिये संयुक्त राष्ट्र का मानवीय सहायता संयोजक लिन एलिज़ाबेथ हेस्टिंग्स न बताया है कि ग़ाज़ा के भीतर और उसके आसपास फ़लस्तीनी चरमपंथियों और इसराइल के बीच हिंसा में गम्भीर बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है जिसमें इसराइली हवाई हमलों में 13 फ़लस्तीनियों की मौत हुई है, इनमें एक पाँच वर्षीय बच्चा और एक महिला भी है. 

ब्रिटेन के लन्दन शहर में श्रीलंका सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन.
© Unsplash/Ehimetalor Akhere Unuabona

श्रीलंका: गम्भीर हालात व हिंसक प्रदर्शनों के बीच, सम्वाद व संयम की अपील

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) मिशेल बाशेलेट ने श्रीलंका में गम्भीर हालात की पृष्ठभूमि में, हिंसा की रोकथाम करने, स्थानीय आबादी की पीड़ाओं पर मरहम लगाने, और आर्थिक चुनौतियों का समाधान ढूंढने के लिये अर्थपूर्ण सम्वाद का आग्रह किया है. देश में सत्ताधारी राजनैतिक दल के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों में कम से कम सात लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

पूर्वी येरूशलम और पश्चिमी तट के रामल्ला के बीच स्थित क़लण्डिया चैक प्वाइंट.
UN News/Shirin Yaseen

मध्य पूर्व: आतंकवाद या आम लोगों के विरुद्ध हमले, किसी भी रूप में ‘न्यायोचित नहीं’

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक टॉर वैनेसलैण्ड ने कहा है कि इसराइल द्वारा क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्र - पश्चिमी तट में हाल के दिनों में हुई हिंसा और इसराइल में आतंकी हमलों में अनेक आम लोग हताहत हुए हैं, और आम नागरिकों के विरुद्ध हिंसा व आतंकी कृत्यों को किसी भी तरह से जायज़ नहीं ठहराया जा सकता है.

ऐलिना बेस्क्रोफ़्ना ने मारियुपोल में इस तहख़ाने में एक महीना बिताया.
© Alina Beskrovna

आपबीती: मारियुपोल के एक तहख़ाने में गुज़रा एक महीना

आक्रमणकारी रूसी सैन्य बलों ने दक्षिणी यूक्रेन में स्थित बन्दरगाह शहर मारियुपोल को लगभग पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. शहर की पूर्व निवासी ऐलिना बेस्क्रोफ़्ना ने यूएन न्यूज़ के साथ एक बातचीत में अपनी व्यथा बयान करते हुए बताया कि उन्होंने वहाँ से जान बचाकर निकलने से पहले, भीषण लड़ाई और तबाही के बीच किस तरह तहख़ाने (basement) में रहकर एक महीना गुज़ारा.