घृणा

'नफ़रत फैलाव का मुक़ाबला करने में, शिक्षा है एक शक्तिशाली औज़ार'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को कहा है कि बढ़ते ध्रुवीकरण व असहिष्णुता से, दुनिया भर में नफ़रत को ईंधन मिल रहा है. उन्होंने इस “वैश्विक अग्नि तूफ़ान” का सामना, शिक्षा की ताक़त से करने के लिये आयोजित एक ऑनलाइन मंच का उदघाटन करते हुए ये बात कही.

एशियाई विरोधी घृणा से निपटने के लिये, लचीलेपन और आशा का संचार

कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद के दौर में, अमेरिका में एशियाई और प्रशान्त द्वीप के लोगों के ख़िलाफ़ घृणा अपराधों में वृद्धि ने, कलाकार ऐमेण्डा फिंगबोधिपक्किया को एशियाई विरासत के लोगों की जीवन्त कलाकृतियाँ बनाने के लिये प्रेरित किया. न्यूयॉर्क शहर के आसपास सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित छवियों और उनके द्वारा दिये गए सन्देशों ने दुनिया भर में सुर्खियाँ बटोरीं.

नस्लभेद रूपी विष को ख़त्म करने के लिये, सामूहिक संकल्प की दरकार

ऐसे समय में जबकि कोविड-19 महामारी ने, नस्लभेद और भेदभाव को अपना सिर उठाने के लिए उर्वरक भूमि मुहैया कराई है, संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन – यूनेस्को की प्रमुख ऑड्री अज़ूले ने सोमवार को तमाम देशों से “इस कठिन दौर में” एकजुटता दिखाने का आहवान किया है. 

इस्लामोफ़ोबिया और मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत पर, यूएन हस्तियों का कड़ा रुख़

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि विविधता, दरअसल समृद्धि है, नाकि कोई जोखिम. महासचिव ने, बुधवार को इस्लामोफ़ोबिया का मुक़ाबला करने के लिये अन्तरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और पूर्वाग्रहों से निपटने में ज़्यादा संसाधन निवेश किये जाने का आहवान किया है.

हॉलोकॉस्ट की याद में... ब्लॉग

भारत में इसराइल के राजदूत रॉन माल्का, जर्मनी के राजदूत, वाल्टर जे लिण्डनर और बाँग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल व श्रीलंका के लिये यूनेस्को के नई दिल्ली कार्यालय के निदेशक व प्रतिनिधि एरिक फॉल्ट ने हॉलोकॉस्ट स्मरण दिवस पर एक संयुक्त ब्लॉग में ज़ोर देते हुए कहा है कि लोगों को नफ़रत से प्रेरित अपराधों के मूल कारण और अंजाम समझने के लिये सशक्त बनाना बेहद आवश्यक है.

'फ़ेसबुक पर नफ़रत भरी सामग्री से मानव गरिमा के लिये गम्भीर चुनौतियाँ'

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने फ़ेसबुक के निगरानी बोर्ड से, विवादास्पद सामग्री, विशेष रूप में घृणास्पद या नफ़रत फैलाने वाली सामग्री के बारे में कोई फ़ैसला करने से पहले, नस्लीय, धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों को और ज़्यादा अहमियत देने का आहवान किया है.