घरेलू हिन्सा

यूएन उपमहासचिव अमीना मोहम्मद अक्टूबर 2019 में अपनी जिबूती यात्रा के दौरान बच्चों से बातचीत करते हुए.
United Nations

महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा का मुद्दा – पुरुषों और लड़कों के नाम यूएन उपप्रमुख की अपील

संयुक्त राष्ट्र की उपमहासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा की घटनाओं पर आँखें मूँद लेने लेने वाले पुरुषों और लड़कों को यह स्वीकार करना होगा कि वे भी इस हिंसा में भागीदार हैं.  विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के दौरान संयुक्त राष्ट्र ने पाया है कि वैश्विक स्तर पर घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है. तालाबन्दी और अन्य पाबन्दियों के कारण ज़्यादा सँख्या में महिलाओं को घर में ही रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. बहुत सी महिलाएँ तो उनके साथ दुर्व्यवहार के लिए ज़िम्मेदार साथी के साथ ही अपने घरों में सीमित हो गई हैं.

कज़ाख़्सतान में एक पाँच वर्षीय बच्ची अपने घर में खेल रही है. कज़ाख़्सतान में यूनीसेफ़ घरेलू हिन्सा के अन्त के लिए प्रयासरत है.
© UNICEF/Anush Babajanyan

बच्चों के ख़िलाफ़ हिंसा पर रोक लगाने में नाकामी पर चेतावनी

दुनिया में कुल बच्चों की आधी आबादी यानि लगभग एक अरब बच्चे हर साल शारीरिक, यौन और मनोवैज्ञानिक हिंसा का शिकार होते हैं क्योंकि उनकी रक्षा के लिए स्थापित रणनीतियाँ लागू करने में देश विफल रहते हैं. गुरुवार को जारी संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है.