गर्मी

जुलाई 2022 का महीना, दुनिया भर में रिकॉर्ड पर अभी तक का सबसे गर्म जुलाई महीना रहा है.
Unsplash/Todd Kent

गर्मी, सूखा और जंगली आगों के साथ, जुलाई अभी तक की सबसे गर्म जुलाई, WMO

संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने मंगलवार को कहा है कि हाल ही में बीता जुलाई महीना, अत्यधिक चरम गर्मी, सूखा और जंगली आगों के साथ, दुनिया के अनेक हिस्सों में, रिकॉर्ड में दर्ज सर्वाधिक गर्म जुलाई महीनों में से एक रहा है.

इराक़ के उत्तरी क्षेत्र में तेल इंजानियर, तेल के कुँओं को ठण्डा करने के लिये, पानी का छिड़काव करते हुए.
ILO/Apex Image

इराक़ में अत्यधिक गर्मी के कारण उपयुक्त कामकाजी उपायों की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के अन्तरारष्ट्रीय श्रम संगठन ILO ने कहा है कि वो इराक़ में कामकाजी परिस्थितियों को लेकर लगातार चिन्तित हो रहा है, जहाँ हाल के सप्ताहों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है.

ब्रिटेन में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान का अनुमान, जुलाई 2022 में पहली बार किया गया है.
UK Met Office

ब्रिटेन में रिकॉर्ड 40 डिग्री सेल्सियस तापमान, जलवायु परिवर्तन से सम्बद्ध

विश्व मौसम संगठन (WMO) ने सोमवार को कहा है कि ब्रिटेन में इस सप्ताह रिकॉर्ड 40 डिग्री या उससे भी अधिक असाधारण तापमान का स्तर, दरअसल मौजूदा वातावरण में, “मानव गतिविधियों से अप्रभावित प्राकृतिक वातावरण” की तुलना में 10 गुना ज़्यादा होने की सम्भावना है.

विश्व मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक 21वीं सदी का दूसरा दशक अब तक का सबसे गर्म दशक साबित हुआ है.
Unsplash/John Towner

पश्चिमोत्तर अमेरिका और कैनेडा - 'असाधारण व ख़तरनाक' ताप लहर की चपेट में

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) का कहना है कि पश्चिमोत्तर संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी कैनेडा के इलाक़े, एक असाधारण और ख़तरनाक ताप लहर की चपेट में हैं. ये दुनिया का वे हिस्से है जहाँ लोग आम तौर पर ठण्डे मौसम के अभ्यस्त हैं. 

विश्व मौसम संगठन के अनुसार वर्ष 2019 रिकॉर्ड पर वर्ष 2016 के बाद दूसरा सबसे ज़्यादा गर्म साल रिकॉर्ड किया गया है.
WMO/Jordi Anon

2019 रिकॉर्ड पर दूसरा सर्वाधिक गर्म वर्ष: यूएन की पुष्टि

संयुक्त राष्ट्र के मौसम संगठन ने बुधवार को पुष्टि की है कि 2019 रिकॉर्ड पर दूसरा सबसे ज़्यादा गर्म वर्ष दर्ज किया गया है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुमान के मुताबिक़ वर्ष 2019 में वार्षिक वैश्विक वृद्धि 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई. ये 1850-1900 के दौर से भी गर्म था. इस दौर को पूर्व आद्योगिक काल कहा जाता है.

वियतनाम में एक निर्माण स्थल पर मेहनतकश लोग: निर्माण कार्य व कृषि क्षेत्र सबसे ज़्यादा गर्मी से प्रभावित होते हैं.
World Bank/Mai Ky

तापमान बढ़ने से 2,400 अरब डॉलर का नुक़सान होने का अनुमान

जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में कामकाज की उत्पादन क्षमता पर गंभीर असर पड़ने वाला है जिससे आमदनी वाले कामकाज और भारी आर्थिक नुक़सान होगा. ग़रीब देश सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे और कृषि व निर्माण क्षेत्र सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे.