ग़ाज़ा

फ़लस्तीन में संकट समाप्त करने के लिए ठोस प्रयासों पर बल

संयुक्त राष्ट्र में राजनैतिक और शांति निर्माण मामलों की प्रमुख रोज़मैरी डिकार्लो ने कहा है कि इसराइली-फ़लस्तीनी संघर्ष में ख़तरनाक गतिरोध बना हुआ है जिससे चरमपंथ को बढ़ावा मिल रहा है और क्षेत्र में तनाव भड़क रहा है. मंगलवार को सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए उन्होंने आगाह किया कि फ़िलहाल क़ायम स्थिति से बातचीत के ज़रिए शांति हासिल करने की उम्मीदें क्षीण होती नज़र आ रही हैं.

फ़लस्तीनी शरणार्थी एजेंसी की उपलब्धियां 'हमारी साझा सफलता'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना ज़रूरी है कि फ़लस्तीनी शरणार्थियों को राहत पहुंचाने में जुटी यूएन एजेंसी (UNRWA) को अपना काम लगातार जारी रखने के लिए मदद मिलती रहे. उन्होंने कहा कि एजेंसी के प्रयासों को सभी के लिए साझा दायित्व और साझा सफलता के तौर पर देखा जाना चाहिए.

ग़ाज़ा की नाकाबंदी से राहत सामग्री पर निर्भरता दस गुना बढ़ी

दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय के लिए पवित्र रमज़ान के महीने के दौरान ग़ाज़ा में आधे से ज़्यादा संख्या ऐसे लोगों की है जो भोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता पर निर्भर हैं. फ़लीस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) का कहना है कि नाकाबंदी के बाद से भोजन सामग्री पर निर्भरता में लगभग दस गुना बढ़ोत्तरी देखने को मिली है.

यूएन प्रमुख ने ग़ाज़ा-इसराइल सीमा पर हिंसा की कड़ी निंदा की

ग़ाज़ा और इसराइल की सीमा पर जारी तनाव और घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश करीबी नज़र रखे हुए हैं और उन्होंने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरते जाने की अपील की है. क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी इलाक़ों से दक्षिणी इसराइल में सैकड़ों रॉकेट दागे गए हैं जिसके जवाब इसराइल ने हवाई हमले किए और टैकों से गोलाबारी की है. यूएन महासचिव ने हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की है. 

उकसावेपूर्ण कार्रवाई से मध्य पूर्व की स्थिरता को ख़तरा

इसराइल और फ़लस्तीन में बढ़ते तनाव के बीच, मध्य पूर्व में संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक ने सुरक्षा परिषद को मौजूदा स्थिति की जानकारी देते हुए क्षेत्र में कायम स्थिति पर चिंता जताई है. आतंकवादी हमलों, आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने और प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बदले की भावना से कार्रवाई के चलते पहले से ही संवेदनशील क्षेत्र में फिर से गंभीर संकट पैदा हो सकता है.

ग़ाज़ा में गहराते ईंधन संकट से मरीज़ों की मुश्किलें बढ़ीं

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि ग़ाज़ा में ईंधन संकट के चलते अस्पताओं में आपात सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं जिससे मरीज़ों की जान को ख़तरा पैदा हो गया है.  संगठन ने स्थानीय प्रशासन और सभी पक्षों से अपनी ज़िम्मेदारी समझने और ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए हरसंभव प्रयास करने की अपील की है.