एशिया प्रशान्त

बेहतर पुनर्बहाली व पुनर्निर्माण के लिये ‘मौजूदा लम्हे का लाभ उठाएँ’

संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव आमिना मोहम्मद ने कहा है कि एशिया और प्रशान्त क्षेत्र के देशों को कोरोनोवायरस संकट के दौरान मिली विफलताओं से निपटते हुए, एक साथ मिलकर बेहतर पुनर्निर्माण के लिये "मौजूदा लम्हे’ का पूर्ण रूप से इस्तेमाल" करना होगा.

एशिया-प्रशान्त: महामारी से पुनर्बहाली में टिकाऊ ऊर्जा पर ज़ोर

एशिया-प्रशान्त के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) की ऊर्जा समिति के तीसरे सत्र में, उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों ने ज़ोर देकर कहा है कि एशिया-प्रशान्त क्षेत्र जैसे-जैसे , कोविड-19 महामारी के बाद पुनर्बहाली की ओर बढ़ रहा है,  एक स्थाई, और कम कार्बन उत्सर्जन पर आधारित ऊर्जा की ओर क़दम उठाना अब पहले से भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है.

एशिया प्रशान्त: टिकाऊ ऊर्जा ही कोविड-19 से पुनर्बहाली की कुँजी

एशिया-प्रशान्त के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) की एक नई रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि कोविड-19 महामारी ख़त्म होने के बाद, पुनर्बहाली में सतत ऊर्जा किस तरह अहम भूमिका निभाएगी. आयोग की कार्यकारी सचिव और संयुक्त राष्ट्र की अवर महासचिव आर्मिदा सालसाहिया अलिसजबाना का ब्लॉग. 

पूर्व एशियाई अर्थव्यवस्थाओं ने वैश्विक व्यापार को दिया सहारा 

संयुक्त राष्ट्र के विश्लेषकों का कहना है कि पूर्व एशिया और प्रशान्त क्षेत्र में स्थित देशों की अर्थव्यवस्थाओं की सुदृढ़ता और मज़बूती के बिना, वर्ष 2020 के अन्तिम महीनों में वैश्विक व्यापार में बेहतरी सम्भव नहीं थी.  

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में लगभग 1.9 अरब लोग स्वस्थ ख़ुराकों से वंचित

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि कोरोनावायरस महामारी और खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमतों के कारण, एशिया प्रशान्त क्षेत्र में, लगभग दो अरब लोगों को भोजन की सम्पूर्ण और स्वस्थ ख़ुराकें नहीं मिल पा रही हैं. 

एशिया-प्रशान्त में भी व्यापार पर कोविड का असर, मगर बाक़ी दुनिया से कम

संयुक्त राष्ट्र के एक विकास संगठन (ESCAP) ने कहा है कि कोविड-19 महामारी और लम्बे समय से चले आ रहे व्यापार तनावों के कारण, वर्ष 2020 के दौरान, वैश्विक व्यापार में आई भारी गिरावट के बावजूद, एशिया और प्रशान्त में, बाक़ी दुनिया की तुलना में, कुछ कम असर हुआ है. 

वनुआतू कम विकसित देशों (LDC) की सूची से उबरने में कामयाब

प्रशान्त क्षेत्र के एक द्वीप देश वनुआतू कम विकसित देशों (LCD) की सूची से औपचारिक रूप से बाहर निकलने में कामयाब हो गया है. 1971 में विकास की ये श्रेणी सृजित किये जाने के बाद से, वनुआतू छठा ऐसा देश है जो इस श्रेणी से बाहर निकलने की उपलब्धि हासिल कर सका है.

एशिया-प्रशान्त: अन्तरिक्ष टैक्नॉलॉजी की मदद से टिकाऊ विकास को बढ़त

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि एशियाई व प्रशान्त देश कोरोनावायरस महामारी के फैलाव व प्रभाव का मुक़ाबला करने और अन्य ज़मीनी चुनौतियों का सामना करने के लिये अन्तरिक्ष भू-स्थानिक टैक्नॉलॉजी का भरपूर फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.