एशिया-प्रशान्त

महामारी की चपेट में एशिया-प्रशान्त - 'तत्काल, मज़बूत समर्थन की दरकार'

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने सचेत किया है कि एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में कोविड-19 महामारी के फैलाव के बीच कोरोनावायरस वैक्सीन की क़िल्लत है, जिसके लिये आपूर्ति को बेहतर बनाया जाना होगा. इसके मद्देनज़र, कोविड-19 वैक्सीन की न्यायसंगत सुलभता के लिये स्थापित की गई, 'कोवैक्स' पहल को तत्काल, मज़बूत समर्थन प्रदान किये जाने का आहवान किया गया है. साथ ही, टीकाकरण मुहिम के दौरान, शरणार्थियों व शरण की तलाश कर रहे लोगों का ख़याल रखने की बात कही गई है.

एशिया-प्रशान्त देशों से, इनसानों व पृथ्वी को प्राथमिकता देने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने एशिया व प्रशान्त क्षेत्र के देशों का आहवान किया है कि वो कोविड-19 महामारी से उबरने के अपने प्रयास व रणनीति, पुराने पड़ चुके और अरक्षणीय आर्थिक ढाँचों पर आधारित ना करें. उन्होंने साथ ही ये पुकार भी लगाई  है कि विश्व की सबसे ज़्यादा आबादी वाले इस क्षेत्र में, पर्यावरण का संरक्षण हो और सभी को अवसर मिलें.

एशिया-प्रशान्त: प्रवासियों की अहम भूमिका की ओर ध्यान

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने एशिया और प्रशान्त क्षेत्र में, अर्थव्यवस्थाओं और समाजों में, प्रवासियों के योगदान को रेखांकित करते हुए, देशों का आहवान किया है कि उन्हें अपनी सीमाओं के भीतर रहने वाले प्रवासियों के लिये भी ये सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें भी कोरोनावायरस से निपटने के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में जगह मिले.

 वैश्विक खाद्य उत्पादन में पारिवारिक किसानों की भूमिका पर केंद्रित नई मुहिम

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में लाखों-करोड़ों पारिवारिक किसानों का दुनिया में अधिकाँश खाद्य उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान है लेकिन वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ा है. क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा में इन किसानों की अहम भूमिका के प्रति समझ बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवँ कृषि संगठन (UNFAO) और अन्य साझीदार संगठनों ने बुधवार को एक मुहिम शुरू की है.