दक्षिण सूडान

दक्षिण सूडान: आज़ादी के 10 वर्ष बाद भी बच्चों के लिये निराशा व हताशा के हालात

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष - यूनीसेफ़ ने मंगलवार को कहा है कि दक्षिण सूडान द्वारा आज़ादी हासिल करने के 10 वर्ष बाद भी, अब और ज़्यादा बच्चों को, पहले से कहीं ज़्यादा मानवीय सहायता की सख़्त ज़रूरत है.

शान्तिरक्षा मिशन: कौशल निखारने व अनुभव हासिल करने का अवसर

दक्षिण सूडान में यूएन मिशन (UNMISS) में सैन्य पर्यवेक्षक के तौर पर सेवारत, भारतीय शान्तिरक्षक मेजर तेजस्मिता मंजूनाथ का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र मिशन, समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर प्रदान करते हैं. उन्होंने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि कोविड-19 संकट काल बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है, मगर एक शान्तिरक्षक व सैन्यकर्मी के तौर पर मिली ट्रेनिंग ने उन्हें, निजी मुश्किलों को पीछे छोड़कर, अपनी ज़िम्मेदारी बख़ूबी निभाने के लिये तैयार किया है...

कैप्टन दीपक परिहार – सच्ची निष्ठा से निभाएँ शान्तिरक्षा का दायित्व

संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षक और भारतीय सेना में कैप्टन दीपक परिहार का मानना है कि विश्व शान्ति में योगदान का अवसर बहुत कम लोगों को मिलता है, और इस ज़िम्मेदारी को पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ निभाया जाना चाहिए. कैप्टन परिहार, दक्षिण सूडान में यूएन मिशन (UNMISS) के साथ तैनात भारतीय बटालियन के सदस्य के रूप में पिछले 14 महीनों से सेवारत हैं. अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस के अवसर पर उनके साथ एक ख़ास बातचीत...

20 देश गम्भीर खाद्य असुरक्षा के 'हॉटस्पॉट' – तत्काल कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र की दो एजेंसियों का कहना है कि 20 देशों में, अकाल, लाखों परिवारों के दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और खाद्य एवँ कृषि संगठन (FAO) ने मंगलवार को साझा रूप से "Hunger Hotspots" नामक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें बढ़ती भुखमरी के लिये हिंसक संघर्ष, चरम मौसम की घटनाओं और कोविड-19 को ज़िम्मेदार ठहराया गया है, और हालात ना बिगड़ने देने के लिये तत्काल कार्रवाई किये जाने की पुकार लगाई गई है.

मेजर बिन्देश्वरी तँवर - यूएन शान्तिरक्षक बनना, एक मूल्यवान अवसर

भारत की मेजर बिन्देश्वरी तँवर एक सैन्य अधिकारी हैं और एक युवा बेटे की माँ भी. 34 वर्षीय मेजर बिन्देश्वरी तँवर का विवाह अपने एक साथी अधिकारी के साथ ही हुआ, और फ़िलहाल वो एक यूएन शान्तिरक्षक के रूप में दक्षिण सूडान में सेवारत हैं.  मेजर बिन्देश्वरी तँवर का कहना है कि यूएन शान्तिरक्षक के तौर पर कार्य करने का अवसर बेहद मूल्यवान अनुभव है जिसे बाँहें फैलाकर स्वीकार करना चाहिये. उनके साथ एक ख़ास बातचीत...

दक्षिण सूडान में सेवा के लिये भारतीय शान्तिरक्षक पुरस्कृत

भारत में महिलाओं के लिये सेना का हिस्सा होना आम बात नहीं है. यही बात मालाकाल में तैनात शान्तिरक्षकों की टुकड़ी पर भी खरी उतरती है, जहाँ हाल ही में आठ सौ से अधिक शान्तिरक्षकों को दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सेवा के लिये पदक से सम्मानित किया गया.

डॉरीन मलाम्बो: 2020 यूएन महिला पुलिस अधिकारी पुरस्कार विजेता 

दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) में लैंगिक मामलों की सलाहकार चीफ़ इंसपैक्टर डॉरीन मलाम्बो को वर्ष 2020 के लिये यूएन महिला पुलिस अधिकारी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. डॉरीन मलाम्बो को महिलाओं, लड़कियों, बच्चों और विकलाँगों के अधिकार सुनिश्चित करने में अहम योगदान के लिये मंगलवार को आयोजित एक वर्चुअल पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया गया.

दक्षिण सूडान: भुखमरी का युद्ध के औज़ार के रूप में इस्तेमाल

संयुक्त राष्ट्र समर्थित मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि दक्षिण सूडान में बर्बर हिंसक संघर्ष में भुखमरी को जानबूझकर एक युद्ध के एक औज़ार के रूप में इस्तेमाल किया गया जिससे खाद्य असुरक्षा व कुपोषण की स्थिति और भी ज़्यादा गम्भीर हुई है. देश में मानवाधिकारों की हालत पर नज़र रखने के लिये गठित मानवाधिकार आयोग ने मंगलवार को अपनी ताज़ा रिपोर्ट जारी की है.

दक्षिण सूडान: लोगों को जबरन भुखमरी में धकेलना 'हो सकता है युद्धापराध'

दक्षिण सूडान के विभिन्न इलाक़ों में जातीय और राजनैतिक कारणों से लोगों को जानबूझकर भुखमरी का शिकार बनाने और महिलाओं व पुरुषों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के मामले सामने आए हैं. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा गठित एक आयोग ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि ऐसे मामले युद्धापराध के दायरे में परिभाषित हो सकते हैं, लेकिन गंभीर हालात के बीच दक्षिण सूडान में राजनैतिक कुलीन वर्ग आम लोगों की पीड़ाओं से बेपरवाह है.

दक्षिण सूडान: एक भारतीय पशु चिकित्सक ने बदल दी उनकी दुनिया

वर्षों तक अंतर-जातीय संघर्ष का दंश झेलने वाले दक्षिण सूडान के बोर इलाक़े में पशु उद्योग तबाही के कगार पर पहुंच गया था लेकिन अब भारतीय शांतिरक्षकों की मेहनत से वहां आए सकारात्मक बदलाव महसूस किया जा सकता है. भारतीय शांतिरक्षक लैफ़्टिनेंट-कर्नल रिचमार्क फ़र्नांडीज़ दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) के साथ एक पशु चिकित्सक के रूप में काम करते हुए स्थानीय मवेशियों की अच्छी सेहत सुनिश्चित कर रहे हैं.