डेटा

कोविड-19 से निपटने और टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में डेटा की अहम भूमिका 

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवँ सामाजिक मामलों के विभाग (UN DESA) के अनुसार कोविड-19 महामारी ने दर्शाया है कि गुणवत्तापरक डेटा की उपलब्धता से ज़िन्दगियों की रक्षा की जा सकती है. यूएन विभाग ने स्विट्ज़रलैण्ड की राजधानी बर्न में रविवार को ‘यूएन विश्व डेटा फ़ोरम’ की शुरुआत से पहले डेटा की अहमियत को रेखांकित किया है. 

डिजिटल डेटा आदान-प्रदान के अनेक फ़ायदे, नए तौर-तरीक़े अपनाए जाने पर बल

व्यापार एवँ विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) ने कहा है कि सीमाओं से परे, डेटा का आदान-प्रदान जारी रखने और बड़ी संख्या में लोगों के लिये डिजिटल डेटा की सुलभता के लिये नए तौर-तरीक़े अपनाए जाने की ज़रूरत है.

कृत्रिम बुद्धिमता प्रणालियों से निजता के लिये जोखिम - तत्काल कार्रवाई की मांग

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कृत्रिम बुद्धिमता (आर्टिफ़िशियल इंटैलीजेंस / एआई) की उन प्रणालियों की बिक्री व इस्तेमाल पर स्वैच्छिक रोक लगाए जाने का आग्रह किया है, जिनसे मानवाधिकारों के लिये गम्भीर जोखिम पैदा हो सकते हैं.

भरोसेमन्द डेटा से बदलती दुनिया को समझने में मिलेगी मदद - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने 'विश्व सांख्यिकी दिवस' पर अपने सन्देश में कहा है कि सामयिक, भरोसेमन्द और विश्वसनीय डेटा हमें बदलती दुनिया के प्रति बेहतर समझ विकसित करने में अहम भूमिका निभा सकता है. यूएन प्रमुख के मुताबिक सांख्यिकी, तथ्य आधारित नीति-निर्माण की बुनियादी ज़रूरत है और रूपान्तरकारी बदलावों के लिये भी आवश्यक है ताकि किसी को भी पीछे ना छूटने दिया जाए. 

कृषि में आँकड़ों की महत्ता

टिकाऊ कृषि विकास और सतत खाद्य सुरक्षा व पोषण के लिए अच्छे निर्णय लिया जाना बहुत ज़रूरी हैं. लेकिन कृषि संबंधित फ़ैसलों के लिए प्रामाणिक आंकड़े होना आवश्यक है. छोटे कृषि उत्पादकों सहित सरकारें और व्यवसाय महत्वपूर्ण नीति और निवेश निर्णय अक्सर गुणवत्ता वाले कृषि आंकड़ों के लाभ के बिना ही अक्सर लेते हैं. डेटा के अभाव का परिणाम अक्सर उत्पादकता, कृषि आय में कमी और भुखमरी और ग़रीबी के रूप में होता है.

निगरानी / सर्वेलेंस तकनीक पर प्रतिबंध लगाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि जब तक निगरानी तकनीकों यानी सर्वेलेंस टैक्नोलॉजी के हानिकारक प्रभावों को कम करने के लिए "प्रभावी" राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण नियम न बन जाएँ, तब तक निगरानी तकनीकों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए.