दिल्ली

सुरक्षा परिषद की आतंकवाद निरोधक समिति के पदाधिकारी. बीच में हैं - चेयरपर्सन रुचिरा काम्बोज, जोकि संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई प्रतिनिधि भी हैं.
CTED

यूएन आतंकवाद-निरोधक समिति की विशेष बैठक, भारत में

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद-निरोधक समिति की एक विशेष बैठक, अक्टूबर के अन्तिम सप्ताह में भारत में आयोजित हो रही है. उस सम्बन्ध में, इस समिति की चेयरपर्सन राजदूत रुचिरा काम्बोज ने एक प्रैस वार्ता में कहा है कि इस विशेष बैठक को, आतंकवादी उद्देश्यों के लिये नई प्रौद्योगिकियों के प्रयोग से उत्पन्न नए ख़तरों से सम्बन्धित, साक्ष्य आधारित नवीनतम शोध और हाल के घटनाक्रमों पर विचार करने के लिये एक अवसर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा.

दिल्ली के पास प्रदूषित नदी
अशोक कुमार घोष द्वारा फोटो

भारत: दिल्ली के जलमार्गों में प्रदूषण कम करने के कुछ उपाय

भारत की राजधानी दिल्ली के घरों में जितने पानी का वितरण किया जाता है उसमें से लगभग 80 प्रतिशत पानी, अपशिष्ट जल के रूप में समाप्त हो जाता है, जिनमें से कुछ अनुपचारित रहता है, जो शहर के जलमार्गों को प्रदूषित करता है. ये दूषित पानी स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और बेहतर रहन-सहन के लिये ख़तरा है. 

भारत में कोविड-19 की रोकथाम के लिये बड़े पैमाने पर टीकाकरण शुरू किया गया था.
© UNICEF/Ruhani Kaur

आपबीती: 'भारत में कोविड-19 ने जैसे सूनामी का रूप ले लिया है'

जब मार्च 2020 में कोविड-19 का फैलाव शुरू हुआ तो किसी ने सोचा भी न था कि आगे क्या मंज़र देखने को मिलेगा. आज, जबकि कोरोनावायरस महामारी को शुरू हुए पूरा साल बीत चुका है, हालात बहुत भयावह हैं. सभी स्तब्ध हैं - हममें से हर एक के जीवन को यह छूकर या फिर छिन्न-भिन्न करके निकल चुका है और हम नि:शब्द हैं.  भारत में कोरोनावायरस के संक्रमण की दूसरी और अत्यन्त भयावह लहर पर, यूएन न्यूज़ - हिन्दी की अंशु शर्मा का ब्लॉग, जो ख़ुद भी कोविड-19 के प्रभावों की भुक्तभोगी हैं...

भारत के राजस्थान प्रदेश में, ग्रामीण महिलाओं को नेतृत्व के गुर सिखाती एक कार्यशाला.
UN Women/Ashutosh Negi

महिला नेतृत्व की ज़रूरत

अन्तर-संसदीय संघ यानि आईपीयू की ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया था कि दुनिया भर की संसदों में, महिला सांसदों की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से अधिक हो गई है. यह आँकड़ा ऐतिहासिक है, लेकिन संसदों में लैंगिक समानता हासिल करने का लक्ष्य अब भी दूर है. एशिया में, और ख़ासतौर पर भारत में भी, नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी है, लेकिन अभी और अधिक साहसिक क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है. संसद में, व नेतृत्व पदों पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व के बारे में, भारत में नेतृत्व के तीन स्तरों पर आसीन महिलाओं के विचार प्रस्तुत करता एक वीडियो फ़ीचर...

यूएएन पर्यावरण चैम्पियन - भारत के एक युवा इंजीनियर विद्युत मोहन जिन्होंने खेतीबाड़ी के अपशिष्ट यानि कूड़े कचरे को जलाने के बजाय उससे फिर से इस्तेमाल किये जाने वाले पदार्थ बनाने की तकनीक ईजाद की है.
UNEP

युवा पृथ्वी चैम्पियन: स्वच्छ ऊर्जा की चाह पूर्ति के वाहक, विद्युत मोहन

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने, भारत के एक युवा इंजीनियर विद्युत मोहन को, एक ऐसी अदभुत तकनीक ईजाद करने के लिये पुरस्कृत किया है, जिससे ना केवल ऊर्जा पैदा होती है, बल्कि हवा को भी साफ़-सुथरा रखने में मदद मिलती है और अन्ततः जलवायु परिवर्तन में भी कमी होती है.

टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिये संयुक्त राष्ट्र एसडीजी युवा चैम्पियन - उदित सिंघल.
Udit Singhal

काँच की बोतलें और उदित सिंघल

दुनिया भर में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिये संयुक्त राष्ट्र ने 17 युवाओं को एसडीजी चैम्पियन घोषित किया है. इनमें, भारत के उदित सिंघल भी शामिल हैं. काँच के कूड़े की समस्या भी प्लास्टिक के कूड़े जैसी न बन जाए, इस विचार के साथ उदित सिंघल ने भारत की राजधानी दिल्ली में, 2019 में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर Glass2Sand की स्थापना की. तब उदित सिंघल की उम्र 17 वर्ष थी.

उदित सिंघल ने तब से लेकर अब तक लगभग 8 हज़ार काँच की बोतलों को कूड़ा घर (Landfill) में जाने से रोका है, और उन बोतलों को 4 हज़ार 800 किलोग्राम उच्च ग्रेड सिलिका रेत में परिवर्तित करने में सफलता हासिल की है. उदित सिंघल, अपनी इस पहल को स्वयंसेवक नेटवर्क के माध्यम से फैलाकर, पूरे दिल्ली शहर को, बोतलों से छुटकारा दिलाने की मुहिम में जुटे हैं. 

यूएन न्यूज़ हिन्दी ने उदित सिंघल से सम्पर्क करके, टिकाऊ विकास पर उनके कार्य को लेकर विस्तार से बातचीत की.... (वीडियो)

Udit Singhal

जहाँ चाह, वहाँ राह - उदित सिंघल

दुनिया भर में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिये संयुक्त राष्ट्र ने 17 युवाओं को एसडीजी चैम्पियन घोषित किया है. इनमें, भारत के उदित सिंघल भी शामिल हैं.

काँच के कूड़े की समस्या भी प्लास्टिक के कूड़े जैसी न बन जाए, इस विचार के साथ उदित सिंघल ने भारत की राजधानी दिल्ली में, 2019 में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर Glass2Sand की स्थापना की. तब उदित सिंघल की उम्र 17 वर्ष थी.

ऑडियो
8'56"