चुनाव

फ़लस्तीनी इलाक़ों में, यथाशीघ्र चुनाव कराने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र के तीन स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि इसराइल के क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी इलाक़ों में प्रस्तावित चुनाव यथा शीघ्र फिर से निर्धारित किये जाएँ और पूर्वी येरूशेलम को भी उनमें शामिल किया जाए.

लीबिया: शान्ति व एकता स्थापित करने के प्रयासों के लिये मज़बूत समर्थन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में लीबिया मुद्दे पर आयोजित सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए लीबियाई प्रशासन व संस्थाओं से स्थिरता व एकता की ओर, साथ मिलकर क़दम बढ़ाने का आहवान किया है.  

म्याँमार: रैली से पहले हिंसा की आशंका, मानवाधिकार विशेषज्ञ की कड़ी चेतावनी

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर यूएन के विशेष रैपोर्टेयर टॉम एण्ड्रयूज़ ने बुधवार को यंगून में सैन्य शासन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों से पहले हिंसा की आशंका जताई है. स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कड़े शब्दों में कहा है कि म्याँमार ऐसे पड़ाव पर है जहाँ सेना, जनता के ख़िलाफ़ पहले से भी बड़े अपराधों को अंजाम दे सकती है. उन्होंने ध्यान दिलाया है कि स्थानीय लोगों की बुनियादी स्वतन्त्रता और मानवाधिकारों के दमन को तुरन्त बन्द किया जाना होगा. 

इराक़: तनाव भड़काने की कोशिशें देश की सुरक्षा के लिये 'गम्भीर ख़तरा'

इराक़ में संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अधिकारी जैनीन हैनिस-प्लासशर्ट ने  देश में स्थिरता के लिये संघीय ढाँचे की मज़बूती और संघीय इराक़ व कुर्द बहुल क्षेत्र के बीच सकारात्मक सम्बन्धों पर ज़ोर दिया है. यूएन की विशेष दूत ने कुर्द बहुल इलाक़े अर्बील में, सोमवार रात हुए घातक रॉकेट हमले की निन्दा करते हुए आगाह किया है कि तनाव भड़काने की ऐसी कोशिशें, देश में शान्ति के लिये ख़तरा हैं.   

लीबिया में नए अन्तरिम नेतृत्व का चयन ‘ऐतिहासिक लम्हा’

संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में 74-सदस्यीय लीबियाई राजनैतिक सम्वाद मँच ने, शुक्रवार को, जिनीवा में हुई बैठक के दौरान नई कार्यकारिणी परिषद के लिये अन्तरिम प्रधानमन्त्री और अध्यक्ष को चुन लिया है. यूएन की अन्तरिम विशेष प्रतिनिधि स्टैफ़नी विलियम्स ने युद्ध से बदहाल देश में इसे एकीकरण और दिसम्बर 2021 में प्रस्तावित राष्ट्रीय चुनावों के लिये एक ऐतिहासिक क्षण क़रार दिया है.  

सुरक्षा परिषद: आँग सान सू ची की रिहाई की माँग, लोकतन्त्र के लिये समर्थन

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को जारी अपने प्रेस वक्तव्य में, म्याँमार में हाल ही में, सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के घटनाक्रम पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है. सुरक्षा परिषद ने साथ ही, देश की निर्वाचित नेता आँग सान सू ची और विन म्यिन्त की तत्काल रिहाई का आग्रह किया है.

म्याँमार में लोकतन्त्र के समर्थन के लिये सुरक्षा परिषद में ‘एकता अहम’ 

म्याँमार पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत क्रिस्टीन श्रेनर बर्गनर ने सुरक्षा परिषद की बैठक को सम्बोधित करते हुए, देश में लोकतन्त्र के समर्थन में एकजुट होने का आहवान किया है. म्याँमार में सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने और काउंसलर आँग सान सू ची सहित सहित शीर्ष राजनैतिक नेताओं को हिरासत में लिये जाने की पृष्ठभूमि में, मंगलवार को सुरक्षा परिषद की बन्द दरवाज़े में बैठक हुई है. 

म्याँमार: सेना द्वारा सत्ता नियन्त्रण के बाद, उसके विरुद्ध कड़ी अन्तरराष्ट्रीय कार्रवाई की माँग

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने म्याँमार में सेना द्वारा देश की सत्ता पर नियन्त्रण किये जाने की भर्त्सना करते हुए चिन्ता जताई है कि ऐसा होने से एक बार फिर देश पर काला साया मंडरा रहा है. मानवाधिकार विशेषज्ञ टॉम एण्ड्रयूज़ ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि ताज़ा घटनाक्रम की स्पष्ट और कड़े शब्दों में निन्दा किये जाने के साथ-साथ, प्रासंगिक कार्रवाई भी की जानी चाहिये. 

मध्य अफ़्रीकी गणराज्य: चुनाव के बाद हिंसा से व्यापक पैमाने पर विस्थापन 

मध्य अफ़्रीकी गणराज्य (Central African Republic) में चुनाव के बाद हुई हिंसा के कारण दो लाख से ज़्यादा लोगों को, अपनी जान बचाने के लिये अपने घर छोड़कर जाना पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी मामलों की एजेंसी (UNHCR) ने शुक्रवार को देश में मौजूदा हालात पर चिन्ता जताई है.