Covid-19

कोविड से पुनर्बहाली के दौरान, कम ही महिलाएँ लौट पाएंगी रोज़गार में

संयुक्त राष्ट्र की श्रम एजेंसी – ILO की सोमवार को जारी एक नई अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान जो रोज़गार व आमदनी वाले कामकाज ख़त्म हो गए, संकट से उबरने यानि पुनर्बहाली के प्रयासों के दौरान फिर से रोज़गार व आमदनी वाले कामकाज हासिल करने वाली महिलाओं की संख्या, पुरुषों की तुलना में कम होगी. 

भारत: कोविड-19 की दूसरी लहर का रूप बहुत अलग, बहुत घातक

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने कहा है कि देश में कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर और वायरस के फैलाव की तेज़ रफ़्तार ने सभी को हैरान कर दिया है. इससे सबक़ लेकर सम्भावित तीसरी लहर के लिये तैयारियों को पुख़्ता बनाना होगा. उन्होंने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि मौजूदा संकट के दौरान यूएन एजेंसियाँ, स्वास्थ्य सेवा प्रणाली व टीकाकरण मुहिम को मज़बूती प्रदान करने और कोविड-19 से प्रभावित लोगों तक सहायता पहुँचाने, सभी मोर्चों पर सक्रिय हैं.

आपबीती: 'एकजुटता और करुणा भाव से मिलेगी कोविड-19 पर कामयाबी'

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के भारत कार्यालय में जल,साफ़-सफ़ाई और स्वच्छता (WASH) विभाग में सीनियर प्रोग्राम एसोसिएट के पद पर कार्यरत, जैसिण्डा मैथ्यू ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा किया है. उन्होंने अपने एक ब्लॉग में कहा कि जिस तरह लोग एक-दूसरे की मदद के लिये आगे आ रहे हैं, वो भरोसा जगाता है कि हम इस वायरस पर विजय हासिल करने में कामयाब होंगे...

भारत: कोविड-19 से निपटने के उपायों और वैक्सीन उत्पादन का विस्तार ज़रूरी

भारत में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में आई तेज़ी से भयावह स्थिति पैदा हो गई है. देश में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की प्रतिनिधि, डॉक्टर यासमीन अली हक़ ने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में कहा कि इस संकट के दौरान, सबसे अहम ज़रूरतों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए, टीकाकरण जारी रखना होगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वैश्विक महामारी पर जवाबी कार्रवाई के तहत सभी देशों को एक साथ मिलकर, वैक्सीन उत्पादन का दायरा व स्तर बढ़ाने के लिये रणनीति बनानी चाहिए.

कोविड-19: संक्रमण से दीर्घकालीन स्वास्थ्य पर असर के मामले चिन्ताजनक

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कोविड-19 महामारी के उन मामलों पर चिन्ता जताई है जिनमें लोग कोरोनावायरस के संक्रमण से उबरने के बावजूद लम्बे समय तक पूर्ण रूप से स्वस्थ महसूस नहीं कर रहे है. इस बीच गुरूवार को आपात समिति की बैठक में मौजूदा हालात की समीक्षा के बाद स्पष्ट किया गया है कि वैश्विक महामारी अब भी अन्तरराष्ट्रीय चिन्ता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा है. 

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन - 10 जुलाई 2020

10 जुलाई 2020 के इस साप्ताहिक बुलेटिन में शामिल हैं...
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सभी को जल व स्वच्छता की सुलभता के लिए शुरू हुई एक नई व्यवस्था
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कोविड -19 महामारी के बीच आपराधिक समूह लगे हैं – 

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