चक्रवाती तूफ़ान

पाँच दशकों में आपदाओं में पाँच गुना वृद्धि, बेहतर चेतावनी प्रणालियों से जीवनरक्षा सम्भव

पिछले 50 वर्षों में जलवायु परिवर्तन और चरम मौसम की घटनाओं से विश्व भर में प्राकृतिक आपदाओं की संख्या बढ़ रही है, जिसका निर्धन देशों पर विषमतापूर्ण असर हुआ है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिये यूएन कार्यालय (UNDRR) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बावजूद, बेहतर अग्रिम चेतावनी प्रणालियों से मृतक संख्या में कमी लाने में सफलता मिली है.

हेती: भूकम्प प्रभावितों की मदद के लिये 18 करोड़ डॉलर की अपील

संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदार संगठनों ने हेती के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में दो सप्ताह पहले आए भीषण भूकम्प से प्रभावित हुए लोगों की मदद के लिये 18 करोड़ 73 लाख डॉलर की सहायता धनराशि की अपील की है.

भारत में चक्रवाती तूफ़ान 'ताउते' का प्रकोप - यूएन ने जताई एकजुटता

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने चक्रवाती तूफ़ान ‘ताउते’ से प्रभावित इलाक़ो में राहत एवँ बचाव कार्य में जुटे राहतकर्मियों की सराहना की है, जिनके प्रयासों के फलस्वरूप अनेक लोगों की ज़िन्दगियों की रक्षा करना सम्भव हुआ है. ‘ताउते’ से गुज़रात, महाराष्ट्र, गोवा सहित देश के अनेक राज्य प्रभावित हुए हैं.

फ़िलीपीन्स: तूफ़ान गोनी के कारण अनेक इलाक़ों से सम्पर्क टूटा, कोविड-19 से कार्रवाई पर असर 

फ़िलीपीन्स में शक्तिशाली चक्रवाती तूफ़ान ‘गोनी’ के गुज़र जाने के बाद अनेक शहरों में हुई तबाही की तस्वीर स्पष्ट हो रही है. मानवीय राहत मामलों में समन्वय के लिये संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOCHA) के मुताबिक अनेक नगरों से सम्पर्क टूट गया है, हज़ारों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, और भीड़-भाड़ भरे राहत शिविरों में शरण ले रहे हज़ारों विस्थापित लोगों के सामने कोरोनावायरस से संक्रमित होने का ख़तरा है. 

'अम्फन': जीवनरक्षक प्रयासों के लिए भारत और बांग्लादेश की सराहना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विनाशकारी सुपर सायक्लोन ‘अम्फन’ के दौरान ज़िंदगियों को बचाने और प्रभावी राहत प्रयासों के लिए भारत और बांग्लादेश की सरकारों और जनता की सराहना की है. यूएन प्रमुख ने इस आपदा के पीड़ितों के प्रति अपनी सम्वेदनाएँ जताई हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.

सुपर सायक्लोन ‘अम्फन’ गुज़रा, छोड़ गया बर्बादी के निशान

संयुक्त राष्ट्र और साझीदार संगठनों के राहतकर्मी भारत और बांग्लादेश में चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन’ से बुरी तरह प्रभावित हुए लोगों तक मदद पहुँचाने के काम में जुट गए हैं. बुधवार को पूर्वी भारत के तटीय इलाक़ों से टकराने वाला यह सुपर सायक्लोन अपने साथ बर्बादी लाया और प्रभावित इलाक़ों में जान-माल का भारी नुक़सान करके चला गया.

भारत में चक्रवाती तूफ़ान की रफ़्तार धीमी, जान-माल का नुक़सान

विश्व मौसम विज्ञान संगठन में भारत के स्थाई प्रतिनिधि डॉक्टर मृत्युन्जय मोहापात्रा ने यूएन न्यूज़ हिन्दी के साथ बातचीत में बताया है कि गुरुवार को चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन‘ की रफ़्तार धीमी पड़ गई थी. बुधवार को सुपर सायक्लोन अम्फन पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हवा के तेज़ झोंके और भारी बारिश लाया जिससे जान-माल का भारी नुक़सान हुआ है. 

सुपर सायक्लोन 'अम्फन' की चपेट में पश्चिम बंगाल के सात ज़िले

सुपर सायक्लोन 'अम्फन’ ने भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में बुधवार को दस्तक दे दी जहाँ सात ज़िलों में इसका प्रकोप ज़्यादा होने की आशंका है. संयुक्त राष्ट्र के आपदा जोखिम न्यूनीकरण के भारत कार्यालय में विशेषज्ञ रन्जनी मुखर्जी ने यूएन न्यूज़ हिन्दी के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि प्रदेश की राजधानी कोलकाता में इसका अनुमान से कहीं ज़्यादा असर देखा जा रहा है जहाँ 130 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ़्तार से हवाएँ चल रही हैं और आस-पास के इलाक़ों में भी भारी बारिश हो रही है.

भारत और बांग्लादेश में चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन’ की आहट

चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन’ भारत और बांग्लादेश में तटवर्ती घनी आबादी वाले इलाक़ों की तरफ़ बढ़ रहा है. बंगाल की खाड़ी में ‘अम्फन’ की तीव्रता में इज़ाफ़ा हुआ है और अब इसे ‘सुपर सायक्लोन’ कहा जा रहा है. कोरोनावायरस से ऐहतियाती उपायों के कारण क्षेत्र में लागू पाबन्दियों ने आपदा प्रबन्धन कार्य को पहले से कहीं अधिक जटिल बना दिया है. ‘अम्फन’ के 20 मई को तटीय इलाक़ों से टकराने की आशंका है जिस दौरान ख़तरनाक हवाएँ चलेंगी और भारी बारिश के साथ निचले इलाक़ों में बाढ़ का भी जोखिम है.

मोज़ाम्बीक़ में तूफ़ान प्रभावितों के दृढ़ संकल्प की प्रशंसा

बिना छतों वाली कक्षाओं में मज़बूत संकल्प के साथ पढ़ते बच्चे, बिना औज़ार और कृषि योग्य भूमि के अभाव के बावजूद खेतों में दृढ़ता से डटी महिलाएं और आजीविका गंवाने लेकिन ज़िंदगी बच जाने पर कृतज्ञ लोग. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपनी मोज़ाम्बीक़ यात्रा के दूसरे दिन शुक्रवार को ऐसे लोगों से मिलकर उनके साहस का प्रत्यक्ष अनुभव किया और खुले दिल से उनके पक्के इरादों की सराहना की.