चक्रवाती तूफ़ान

मोज़ाम्बीक़ में तूफ़ान प्रभावितों के दृढ़ संकल्प की प्रशंसा

बिना छतों वाली कक्षाओं में मज़बूत संकल्प के साथ पढ़ते बच्चे, बिना औज़ार और कृषि योग्य भूमि के अभाव के बावजूद खेतों में दृढ़ता से डटी महिलाएं और आजीविका गंवाने लेकिन ज़िंदगी बच जाने पर कृतज्ञ लोग. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपनी मोज़ाम्बीक़ यात्रा के दूसरे दिन शुक्रवार को ऐसे लोगों से मिलकर उनके साहस का प्रत्यक्ष अनुभव किया और खुले दिल से उनके पक्के इरादों की सराहना की.

मोज़ाम्बीक़ की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार को मोज़ाम्बीक़ की यात्रा शुरू करते हुए वहाँ विनाशकारी चक्रवाती तूफ़ानों – इडाई और कैनेथ – से प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन किया. यूएन प्रमुख ने तूफ़ानों से हुई तबाही के बाद पुनर्निर्माण कार्यों में मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से और अधिक प्रयास करने की पुकार लगाई है.

तूफ़ानों से हुई तबाही से उबरने के लिए मोज़ाम्बिक को 3.2 अरब डॉलर की आवश्यकता

दो चक्रवाती तूफ़ानों से मोज़ाम्बिक में हुई भारी तबाही के बाद मदद जुटाने के उद्देश्य से बेयरा शहर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संकल्प सम्मेलन शुरू हुआ है. ‘इडाई’ और ‘कैनेथ’ नामक  तूफ़ानों से 18 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए, सैकड़ों लोगों की मौत हुई और बेयरा सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर था. इस बर्बादी से उबरने के लिए 3.2 अरब डॉलर की सहायता राशि का अनुमान लगाया गया है.

'नींद से जगाने वाली चेतावनी' हैं मोज़ाम्बिक में तबाही लाने वाले तूफ़ान

मोज़ाम्बिक में ‘इडाई’ और ‘कैनेथ’ नामक चक्रवाती तूफ़ानों से हुई भयंकर तबाही जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से संवेदनशील देशों के लिए नींद से जगाने वाली घंटी है. संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान संस्था (WMO) ने कहा है कि उच्च तीव्रता वाले तूफ़ानों, तटीय क्षेत्रों में बाढ़ और भारी बारिश से होने वाले नुक़सान से बचने के लिए सहनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है.

ओडिशा के पुरी तट से टकराया 'फणी', बांग्लादेश में यूएन एजेंसियां सतर्क

हाल के दशकों में आए सबसे शक्तिशाली चक्रवाती तूफ़ानों में से एक ‘फणी’ ने शुक्रवार सुबह भारत के ओडिशा राज्य के पुरी ज़िले में दस्तक दी जिसके बाद वहां भारी बारिश के साथ 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलीं.  ‘फणी’ चौथी श्रेणी का तूफ़ान है जिस पर यूएन एजेंसियां नज़र रख रही हैं और उसके बांग्लादेश पहुंचने से पहले वहां शरणार्थी परिवारों के लिए राहत इंतज़ामों में जुटी हैं. 

चक्रवात 'केनेथ' से प्रभावित इलाक़ों तक राहत पहुंचाने में जुटी यूएन एजेंसियां 

उत्तरी मोजाम्बीक में आने वाले दिनों में भारी बारिश की आशंका है. इसके मद्देनजर चक्रवात 'केनेथ' से प्रभावित अधिकतर सुदूर क्षेत्रों तक पहुंच ‘मुश्किल बनी रहेगी’. मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र ने यह चेतावनी दी है. 

घातक तूफ़ानों से निपटने के लिए हो त्वरित जलवायु कार्रवाई: गुटेरेश

चक्रवाती तूफ़ान 'इडाई' के बाद मृतकों का बढ़ता आंकड़ा जलवायु परिवर्तन के ख़तरों के प्रति एक और चेतावनी भरी घंटी है. मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया कि अगर इस चुनौती से निपटने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से संवेदनशील मोज़ाम्बिक जैसे देशों को इसकी क़ीमत चुकानी पड़ेगी.

भारी बारिश के चलते 'इडाई' प्रभावित इलाक़ों में हालात विकट

मोज़ाम्बिक, मलावी और ज़िम्बाब्वे में चक्रवाती तूफ़ान 'इडाई' से तबाही के बाद कई प्रभावित इलाक़ों में अब भी भारी बारिश हो रही है जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका गहरा रही है. तूफ़ान के बाद जलस्तर बढ़ने से घरों की छतों और पेड़ों की शरण लिए लोगों तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है. व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है.

तूफ़ान प्रभावित इलाक़ों में राहत अभियानों में जुटी यूएन एजेंसियां

चक्रवाती तूफ़ान 'इडाई' से तीन अफ़्रीकी देशों में हुई तबाही के बाद, संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसियां और साझेदार संगठनों ने व्यापक पैमाने पर राहत कार्यों को शुरू किया है. मोज़ाम्बिक, मलावी और ज़िम्बाब्वे के प्रभावित इलाक़ों में फंसे लाखों लोगों की भोजन, शरण और स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों को पूरा किया जा रहा है. 

'हर घंटे बढ़ रहा है' तूफ़ान से तबाही का दायरा

चक्रवाती तूफ़ान 'इडाई' के गुज़रने के बाद तीन अफ़्रीकी देशों में उससे हुई तबाही का दायरा स्पष्ट होता जा रहा है. सिर्फ़ मोज़ाम्बिक में ही एक हज़ार लोगों की इस आपदा में मौत होने की आशंका ज़ाहिर की गई है. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि आपदा की व्यापकता हर घंटे बढ़ती जा रही है.