चीन

कोविड-19: WHO के क़दमों का सिलसिलेवार ब्यौरा

वर्ष 2019 के अन्तिम दिन यानी 31 दिसंबर को चीन ने अपने हुबे प्रांत के वूहान शहर में न्यूमोनिया के कई मामले सामने आने की जानकारी यूएन की स्वास्थ्य एजेंसी - विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को दी. यह पहली बार था जब दुनिया को इस नई बीमारी के बारे में मालूम हुआ जिसे बाद में विश्वव्यापी महामारी (Pandemic) कोविड-19 के रूप में परिभाषित किया गया. इस बीमारी से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा किए गए प्रयासों पर एक नज़र...

कोविड-19: वूहान में दो महीने तक एकांतवास की आपबीती

कोविड-19 का मुक़ाबला करने के लिए अनेक देशों ने हाल ही में लॉकडाउन यानी पूर्ण तालाबंदी लागू करने की घोषणा की है. जिसके कारण आमजन को काफ़ी समय अपने घरों पर ही गुज़ारना पड़ रहा है. चीन के वूहान प्रान्त को इस वायरस का जन्म स्थान माना जा रहा है और वहाँ लोगों को ख़ुद को एकांतवास में रखने का समय लगभग दो महीना रहा है. यूएन न्यूज़ ने वूहान के एक निवासी डीज़ी (परिवर्तित नाम) से यह जानने के लिए बातचीत की एकांतवास का सामना वो कैसे कर रही हैं. अनूदित साक्षात्कार के संपादित अंश...

कोविड-19: घबराएँ नहीं, धैर्य रखें - एक डॉक्टर का अहम संदेश

शियांग लू उन हज़ारों चीनी डॉक्टरों में से एक हैं जिन्हें सबसे ज़्यादा प्रभावित हूबेई प्रान्त में कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए भेजा गया था. ये तब जब वहाँ कोविड-19 संक्रमण अपने चरम पर पहुँच गया था. यूएन न्यूज़ ने जब 23 मार्च को शियांग लू से बातचीत की तो उनका कहना था कि वहाँ स्थिति में काफ़ी सुधार आ चुका है और शायद जल्द ही उन्हें अपने घर वापिस लौटने का मौक़ा मिल जाए.

कोरोनावायरस (कोविड-19) 'विश्वव्यापी महामारी' परिभाषित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में विश्व भर में लगातार बढ़ोत्तरी को देखते हुए कोविड-19 को 'विश्वव्यापी महामारी' परिभाषित कर दिया है. चीन के बाद हाल के दिनों में इटली, ईरान और कोरिया गणराज्य में बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज़ों की पुष्टि हुई है और अन्य देशों में भी मामले सामने आ रहे हैं.  यूएन एजेंसी ने दोहराते हुए कहा है कि इस महामारी को क़ाबू में करना संभव है लेकिन इसके लिए देशों को पुरज़ोर प्रयास करने होंगे. 

कोविड-19 के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी चपत लगने की आशंका

विश्व भर में कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी का फैलना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए त्रासदीपूर्ण नतीजों का सबब रहा है, लेकिन इसकी एक बड़ी आर्थिक क़ीमत भी चुकानी पड़ सकती है. यूएन की व्यापार और विकास मामलों की एजेंसी (UNCTAD) ने आशंका जताई है कि कोविड-19 की वजह से कुछ देशों को मंदी का सामना करना पड़ेगा और वार्षिक वैश्विक वृद्धि दर 2.5 फ़ीसदी से भी नीचे रहने की आशंका है.

धनी या निर्धन, हर देश के लिए बड़ा ख़तरा है कोरोनावायरस

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा है कि चाहे अमीर हो या ग़रीब, दुनिया का कोई भी देश कोरोनावायरस संक्रमण के ख़तरे से अनछुआ नहीं है. उन्होंने चिंता जताई है कि कुछ देश इस महामारी से निपटने के लिए ज़रूरी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. विश्व भर में कोरोनावायरस के अब तक 95 हज़ार 265 मामले सामने आ चुके हैं और तीन हज़ार 281 लोगों की मौत हुई है.

कोविड-19 का विश्व अर्थव्यवस्था पर भारी असर, अनिश्चितता बरक़रार

संयुक्त राष्ट्र के अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि कोरोनावायरस के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ रहा है और फ़रवरी महीने में ही विनिर्माण क्षेत्र में निर्यात में 50 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है. जिनीवा में व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) द्वारा आर्थिक ऑंकड़ों के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक चीन में कोविड-19 पर क़ाबू पाने के लिए उठाए गए क़दमों के कारण दिसंबर महीने से उत्पादन में काफ़ी कमी आई है.

कोरोनावायरस: स्वास्थ्यकर्मियों के लिए निजी बचाव सामग्री की क़िल्लत

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी है कि स्वास्थकर्मियों के लिए निजी बचाव सामग्री व उपकरणों की वैश्विक आपूर्ति में लगातार बढ़ते गंभीर व्यवधान के कारण कोरोनावायरस  (कोविड-19) और अन्य संक्रामक बीमारियों से ख़तरा बढ़ रहा है. बढ़ती मांग और भय के कारण तेज़ी से ख़रीदारी, जमाखोरी और ग़लत इस्तेमाल के कारण बचाव उपकरणों की भारी कमी हो रही है.

चीन से बाहर अनेक देशों में कोविड-19 का संक्रमण बढ़ने से चिंता बढ़ी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चीन में कोरोनावायरस (COVID-19) संक्रमण के मामलों में गिरावट के बीच कोरिया गणराज्य, इटली, ईरान और जापान में वायरस फैलने पर गहरी चिंता जताई है. विश्व भर में वायरस संक्रमण से मौत के मुँह में जाने वाले लोगों की संख्या तीन हज़ार को पार कर गई है. यूएन एजेंसी ने कहा है कि ज़रूरत पड़ने पर इस बीमारी को विश्वव्यापी महामारी घोषित करने से नहीं हिचकिचाया जाएगा.

कोरोनावायरस को नज़रअंदाज़ करने की 'घातक भूल ना करे कोई देश'

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने सभी देशों से कोरोनावायरस (COVID-19) के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए जल्द से जल्द प्रयासों का दायरा बढ़ाने का आग्रह किया है. उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा है कि किसी भी देश को यह नहीं मानना चाहिए कि वो इससे प्रभावित नहीं होगा. ऐसा सोचना एक घातक ग़लती होगी.