बीमारी

कामकाज-सम्बन्धी वजहों से हर वर्ष लगभग 20 लाख की मौत - नई रिपोर्ट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि कामकाज सम्बन्धी बीमारियों और चोटों की वजह से वर्ष 2016 में 19 लाख लोगों की मौत हुई. यह पहली बार है जब यूएन एजेंसियों ने साझा रूप से इस विषय में अनुमानों को पेश किया है.

डिमेंशिया: बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती से निपटने के लिये बेहतर समर्थन की दरकार

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, विश्व भर में साढ़े पाँच करोड़ से अधिक लोग मनोभ्रंश (Dementia) की अवस्था में रह रहे हैं और इस संख्या का बढ़ना लगातार जारी है.

एशिया-प्रशान्त: जटिल संकटों से निपटने के लिये कारगर रणनीति का आहवान

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवँ सामाजिक आयोग (UNESCAP) की एक समिति की बैठक में देशों की सरकारों से बीमारियों, आपदाओं व जलवायु परिवर्तन के तिहरे संकटों से निपटने के लिये प्रयासों में तेज़ी लाने का आहवान किया गया है. 

इण्टरव्यू: मानवीय राहत ज़रूरतें घटाने के लिये 'हिंसक संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, बीमारियों से निपटना होगा'

मार्क लोकॉक ने चार वर्ष पहले जब मानवीय मामलों व आपात राहत समन्वयक और संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव के तौर ज़िम्मेदारी सम्भाली, तो उन्हें उम्मीद की थी कि वैश्विक स्तर पर मानवीय राहत ज़रूरतों में कमी आएगी. मगर, लम्बे समय से जारी हिंसक संघर्षों व उभरते टकरावों, जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर और ईबोला व कोविड-19 जैसी बीमारियों के कारण ज़रूरतमन्दों की संख्या इस अवधि में अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गई है. अपना कार्यभार छोड़ने से पहले, मार्क लोकॉक के साथ यूएन न्यूज़ की एक ख़ास बातचीत....

विश्व मलेरिया दिवस – घातक बीमारी से ‘मुक्त भविष्य सम्भव’

वैश्विक महामारी कोविड-19 और उसकी वजह से उपजे अन्य संकटों के बावजूद, ऐसे देशों की संख्या लगातर बढ़ रही है, जो मलेरिया उन्मूलन को हासिल करने के लक्ष्य के नज़दीक पहुँच रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार, 25 अप्रैल, को ‘विश्व मलेरिया दिवस’ पर यह बात कही है. 

इबोला से लड़ाई में कारगर वैक्सीन के वैश्विक भण्डारण की व्यवस्था

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ और मानवीय साझीदार संगठन घातक बीमारियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक अहम पड़ाव पर पहुँच गए हैं. मंगलवार को इबोला वैक्सीन के लिये वैश्विक भण्डार स्थापित किये जाने की घोषणा की गई है जिससे भविष्य में इबोला बीमारी के फैलने की स्थिति में जोखिम झेल रहे जनसमूहों को समय रहते वैक्सीन की ख़ुराकें जल्द उपलब्ध करा पाना सम्भव हो सकेगा. 

यूरोपीय नागरिकों की तुलना में विस्थापितों को बीमारियों का ख़तरा अधिक

सुरक्षित देश में शरण लेने के लिए लंबे सफ़र, ख़राब परिस्थितियों में रहने की मजबूरी और जीवनशैली में आए बदलाव से यूरोप में प्रवासियों और शरणार्थियों के स्वास्थ्य को ख़तरे की आशंका बढ़ जाती है. ये निष्कर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से जारी एक नई रिपोर्ट में सामने आए हैं जिसमें पहली बार यूरोप पहुंचने वाले विस्थापितों के स्वास्थ्य से जुड़ी मुश्किलों को समझने का प्रयास किया गया है. 

सौर ऊर्जा से स्वास्थ्य सेवाओं को मिली मज़बूती

दुनिया के कई इलाक़े ऐसे हैं जहां बिजली सेवा या तो अभी नहीं पहुंची है या फिर उसकी निर्बाध आपूर्ति अब भी एक सपना है. लेकिन अफ़्रीका में कई देशों में स्थानीय चिकित्सा केंद्र अब एक ऐसी योजना का लाभ उठा रहे हैं जिसमें उन्हें सोलर पैनल के ज़रिए बिजली मिल रही है. 

फलस्तीन समस्या का दो-राष्ट्र समाधान ही है एकमात्र विकल्प

  • महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, मध्य पूर्व समस्या का हल दो राष्ट्रों के रूप में ही होगा टिकाऊ
  • किशोरों और बच्चों को एड्स के वायरस से छुटकारा दिलाने के प्रयास हैं बहुत धीमे
  • अपने देश में ही विस्थापित और बेघर लोगों की मदद के लिए नई मुहिम
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जीवनशैली में बदलाव से हो सकता है डायबिटिज का इलाज

  • 40 करोड़ लोग जी रहे हैं डायबिटीज के साथ, जीवन शैली में बदलाव से बचा जा सकता है इस बीमारी से
  • खत्म हो रहा है एंटीबायोटिक दवाओं का असर, कैसे बचा जाए सुपरबग से
  • सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाके में फिर से लड़ाई भड़कने पर गंभीर चिंता
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