भुखमरी

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन, 27 नवम्बर 2020

इस साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
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भुखमरी का ख़ात्मा करने के लिये, समुद्री खेती में गहरी डुबकी

वर्ष 2050 तक दुनिया की आबादी 9 अरब 70 करोड़ हो जाने का अनुमान है और ऐसे में इस आबादी की खाद्य ज़रूरतों को पूरा करने के लिये खाद्य उत्पादन भी उसी रफ़्तार से बढ़ाना होगा. विशेषज्ञों का ख़याल है कि बढ़ती आबादी की खाद्य ज़रूरतों को पूरा करने के लिये समुन्दर एक टिकाऊ समाधान मुहैया करा सकते हैं. 

यमन: अकाल की आशंका के बीच व्यापक राजनैतिक समाधान की अपील

यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने स्थानीय लोगों की व्यथा पर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा है कि उनकी पीड़ाओं को दूर करने के लिये शान्ति प्रयासों में पूरी ऊर्जा झोंके जाने की ज़रूरत है. यूएन दूत ने बुधवार को वीडियो लिन्क के ज़रिये सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए हिंसा रोकने, देश को खोलने और समावेशी राजनैतिक समाधान की तलाश तेज़ करने की पुकार लगाई है.

कोविड-19: खाद्य असुरक्षा और विस्थापन बढ़े

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी शुरू होने के समय ही रिकॉर्ड स्तर पर रही वैश्विक भुखमरी और आबादी के विस्थापन की स्थिति और ज़्यादा ख़राब हो सकती है क्योंकि प्रवासी जन व बाहर से भेजी जाने वाली रक़म पर निर्भर लोगों को अपने परिवारों की गुज़र-बसर चलाने की ख़ातिर कामकाज पाने के लिये मजबूर होना पड़ रहा.

भुखमरी प्रभावित इलाक़ों में अकाल की आशंका - तत्काल कार्रवाई का आग्रह

खाद्य असुरक्षा से गम्भीर रूप से पीड़ित (Hot spots) बुरकिना फ़ासो, पूर्वोत्तर नाइजीरिया, दक्षिण सूडान और यमन, में पीड़ितों तक तत्काल सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है ताकि उन्हें अकाल के गर्त में धँसने से बचाया जा सके. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने शुक्रवार को इस सम्बन्ध में अपनी चेतावनी ज़ाहिर करते हुए अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से  त्वरित कार्रवाई का आहवान किया है. 

यमन में बाल कुपोषण का गम्भीर संकट, पूरी पीढ़ी पर मँडराता जोखिम

यमन में भुखमरी के कारण हाल के दिनों में कुपोषण से पीड़ित बच्चो की संख्या अभूतपूर्व दर से बढ़ रही है. यमन को दुनिया में सबसे ख़राब मानवीय संकट के रूप में देखा जाता है और देश में हिंसक संघर्ष और आर्थिक बदहाली को दुष्प्रभावों को दूर करने के लिये पर्याप्त धनराशि का अभाव हालात को और जटिल बना रहा है.   

मध्य सहेल में बदतर होते हालात की रोकथाम के लिये तत्काल कार्रवाई की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि अफ़्रीका के मध्य सहेल क्षेत्र में भुखमरी, हिंसा और कोविड-19 जैसी विकराल चुनौतियों के मद्देनज़र मानवीय राहत आवश्यकताएँ चरम स्तर पर पहुँच रही हैं जिनसे निपटने के लिये दुनिया को प्रयास अभी करने होंगे. महासचिव ने क्षेत्र में पनपते संकट के मुद्दे पर मंगलवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में यह पुकार लगाई है.

यमन: युद्धरत पक्षों को शान्ति वार्ता के लिये साहस दिखाना होगा

संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ मानवीय सहायता अधिकारी ने कहा है कि यमन में सभी युद्धरत पक्षों को आम लोगों की हिफ़ाज़त सुनिश्चित करने के लिये और ज़्यादा कार्रवाई करनी होगी. कई वर्ष से युद्धरत यमन में हाल के सप्ताहों के दौरान युद्धक गतिविधियों में मारे जाने वाले लोगों की संख्या काफ़ी बढ़ी है.

यमन में क़ैदियों की रिहाई से शान्ति स्थापना की उम्मीदों को मिली मज़बूती

यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने युद्धरत पक्षों के बीच एक हज़ार से ज़्यादा बन्दियों को रिहा किये जाने पर हुई सहमति का स्वागत किया है. उन्होंने गुरुवार को सुरक्षा परिषद को मौजूदा हालात की जानकारी देते हुए बताया कि शान्ति निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये अन्य क़दम भी उठाने होंगे.

खाद्य सप्ताह पर महासचिव का सन्देश

विश्व खाद्य सप्ताह पर यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश का सन्देश...