भ्रष्टाचार

इराक़: तुरंत समाधान की सख़्त ज़रूरत

इराक़ में संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि जैनीन हेनिस प्लासशर्ट ने देश में सरकार विरोध प्रदर्शनों, हताहतों की बढ़ती संख्या और ज़्यादा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होने की संभावनाओं के बीच राजनेताओं से आग्रह किया है कि वो इस गतिरोध को तोड़ें और टिकाऊ सुधार सुनिश्चित करें.

भ्रष्टाचार: फ़ौलादी इरादों और असरदार कार्रवाई की दरकार

एक ऐसे समय जब टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दुनिया ‘कार्रवाई के दशक’ की ओर क़दम बढ़ाने के लिए तैयार है, सोमवार को आबूधाबी में आयोजित भ्रष्टाचार-विरोधी सम्मेलन में इस समस्या से निपटने के लिए सभी देशों से एकजुट होने का आग्रह किया गया है ताकि महत्वपूर्ण संसाधनों को धन के ग़ैरक़ानूनी लेनदेन में नष्ट होने से रोका जा सके.

भ्रष्टाचार का दानव लील रहा है विकास की संभावनाएँ, एकजुटता की ज़रूरत

विश्व भर में हर साल खरबों डॉलर की रक़म या तो रिश्वतख़ोरी या फिर भ्रष्ट तरीकों की भेंट चढ़ जाती है जिससे क़ानून के शासन की अहमियत तो कम होती ही है, साथ ही मादक पदार्थों, हथियारों और लोगों की अवैध तस्करी को भी बढ़ावा मिलता है. हर साल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने वाली खरबों डॉलर की ये रक़म वैश्विक घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 5 फ़ीसदी के बराबर है. भ्रष्टाचार से एक बेहतर दुनिया बनाने के प्रयासों के रास्ते में भारी रुकावट पैदा होती है.

'भ्रष्टाचार से लोकतंत्र की बुनियाद कमज़ोर होती है'

भ्रष्टाचार लोकतांत्रिक संस्थानों को कमज़ोर करता है, आर्थिक विकास की रफ़्तार को धीमा करता है और सरकार में अस्थिरता पैदा करने में एक भूमिका अदा करता है. ये कहना है मिरेला डम्मर फ्रेही का जो संयुक्त राष्ट्र के मादक पदार्थों और अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) में सिविल सोसायटी टीम लीडर हैं. उन्होंने ऊटाह के साल्ट लेक सिटी में संयुक्त राष्ट्र की सिविल सोसायटी कान्फ्रेंस में मंगलवार को ये बात कही.

ग्वाटेमाला में अंतरराष्ट्रीय आयोग अपना काम जारी रखेगा

दंड मुक्ति के ख़िलाफ़ बने अंतरराष्ट्रीय आयोग (CICIG) को बंद करने के ग्वाटेमाला सरकार के एकतरफ़ा निर्णय को उच्चतम न्यायालय द्वारा ठुकराए जाने के बाद आयोग के प्रवक्ता ने कहा है उनकी टीम अपना काम सुचारू रूप से जारी रखने के रास्ते तलाश रही है. 

भ्रष्टाचार विरोधी आयोग बंद करने के निर्णय को यूएन ने ख़ारिज किया

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ग्वाटेमाला सरकार के उस निर्णय को ज़ोरदार तरीक़े से अस्वीकार कर दिया है जिसमें दंड मुक्ति के ख़िलाफ बने अंतरराष्ट्रीय आयोग (CICIG) को एकतरफ़ा रूप से ख़त्म करने की घोषणा की गई थी. इस स्वतंत्र आयोग का गठन संयुक्त राष्ट्र और ग्वाटेमाला सरकार ने मिलकर किया था जिसका काम अवैध ढंग से बने सुरक्षा गुटों और उच्चस्तरीय भ्रष्टाचार की जांच करना है.