भेदभाव

महामारी के बाद की दुनिया - असमानता व नस्लवाद के ख़ात्मे का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 ने नस्लवाद, भेदभाव, और विदेशियों के प्रति नापसन्दगी व डर से उपजी सामाजिक व आर्थिक विषमताओं को उजागर किया है. यूएन प्रमुख ने गुरुवार को सदस्य देशों को सम्बोधित करते हुए महामारी से पुनर्बहाली में ज़्यादा समावेशी समाज बनाए जाने का आहवान किया है. 

अन्तरराष्ट्रीय मानव बन्धुत्व दिवस – सहिष्णुता को बढ़ावा देने पर बल 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सांस्कृतिक और धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देने के लिये, मज़बूत संकल्प दर्शाए जाने का आहवान किया है. गुरूवार को पहली बार मनाए जा रहे अन्तरराष्ट्रीय मानव बन्धुत्व दिवस पर महासचिव ने यह बात कही है.  

आप्रवासी कामगारों को, स्थानीय लोगों की तुलना में, बहुत कम मेहनताना

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने सोमवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा है कि आप्रवासियों और स्थानीय या राष्ट्रीय कामगारों को मिलने वाले वेतन या मेहनताना के बीच काफ़ी बड़ा अन्तर है और ये अन्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, यहाँ तक कि कोविड-19 महामारी के प्रभावों के कारण ये अन्तर और भी ज़्यादा बड़ा हो सकता है.

महामारी के दौरान कुछ राजनेताओं की हरकतें निन्दनीय, नए अमेरिकी राष्ट्रपति से उम्मीदें

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के समय में, कुछ देशों में राजनैतिक नेतृत्व ने, निन्दनीय बर्ताव किया है. उन्होंने उम्मीद भी जताई है कि अमेरिका में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन के सत्ता संभालने के साथ ही, वर्ष 2021 एक बेहतर साल होगा. 

एशिया प्रशान्त में बड़ी आबादी सामाजिक संरक्षा से वंचित

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया और प्रशान्त क्षेत्र में आधी से ज़्यादा आबादी को किसी तरह का सामाजिक संरक्षण हासिल नहीं है जिसके कारण बहुत बड़ी आबादी ख़राब स्वास्थ्य, ग़रीबी, असमानता और सामाजिक बहिष्करण का सामना करने को मजबूर है.

कोविड-19, नफ़रत व भेदभाव को एकजुट होकर हराना होगा - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 फैलने के बाद से दुनिया भर में फैले और बढ़ते नस्लवाद और नफ़रत के ख़िलाफ़ आगाह किया है. उन्होंने 22 अगस्त को धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हिंसा के पीड़ितों की याद में मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर ये चेतावनी दी है.

उभरती टैक्नॉलॉजी से गहराती नस्लवाद और भेदभाव की चुनौती 

संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने उभरती डिजिटल टैक्नॉलॉजी की गहराई के साथ छानबीन करने की पुकार लगाई है जिनका इस्तेमाल नस्लीय असमानता, भेदभाव और असहिष्णुता को बढ़ावा देने के लिये किया जा रहा है. 

कोविड-19: भेदभाव के कारण अल्पसंख्यकों पर दहला देने वाला असर

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि इस बारे में तुरन्त ठोस क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है कि नस्लीय व जातीय अल्पसंख्यकों पर वैश्विक स्वास्थ्य महामारी कोविड-19 के ग़ैर-आनुपातिक असर ना हो. मानवाधिकार उच्चायुक्त ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 महामारी ने कुछ देशों में चेता देने वाली असमानताएँ उजागर कर दी हैं:

लाख़ों विकलांग बच्चे झेल रहे हैं पीछे छूट जाने का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशलेट ने कहा है कि विकलांगता का दंश झेल रहे 90 लाख से ज़्यादा बच्चों की सहायता के लिए देशों को और प्रयास करने होंगे. जिनिवा में मानवाधिकार परिषद के एक कार्यक्रम में उन्होंने चिंता जताई कि विकलांग बच्चों की आवाज़ नहीं सुनी जा रही है और ऐसे में उनके पीछे रह जाने की संभावना है.

अमेरिका की सदस्यता वापसी के बाद मानवाधिकार परिषद में नए सदस्य की तलाश

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