भेदभाव

पेरिस फ़ोरम में यूएन महासचिव - लैंगिक समानता को वास्तविकता में बदलने का आहवान

महिला सशक्तिकरण के लिये संयुक्त राष्ट्र संस्था – यूएन वीमैन ने कोविड-19 महामारी से पुनर्बहाली के केन्द्र में लैंगिक समानता को रखे जाने के प्रयासों के तहत, पेरिस में तीन-दिवसीय Generation Equality Forum नामक एक कार्यक्रम की शुरुआत की है. यूएन महासचिव ने इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लैंगिक समानता के लिये स्थापित लक्ष्यों को हासिल किये जाने की पुकार लगाई है.

अन्तरराष्ट्रीय ऐल्बीनिज़्म जागरूकता दिवस: यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 'अन्तरराष्ट्रीय ऐल्बीनिज़्म जागरूकता दिवस' पर, सभी राष्ट्रों और समुदायों से रंगहीनता की स्थिति वाले व्यक्तियों के मानवाधिकारों की रक्षा करने और उन्हें आवश्यक सहायता व देखभाल प्रदान करने का आग्रह किया है...

ब्रिटेन: श्वेत वर्चस्व को सामान्य बताने की कोशिश करने वाली रिपोर्ट की निन्दा

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने ब्रिटेन सरकार द्वारा समर्थित एक रिपोर्ट की यह कहते हुए निन्दा की है कि इसमें ऐतिहासिक तथ्यों को और ज़्यादा झूठ के आवरण में, व तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और इससे नस्लवाद व नस्लीय भेदभाव को बढ़ावा मिल सकता है.

सहिष्णुता के लिये रोड मैप

बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका के लिये यूनेस्को नई दिल्ली कार्यालय में निदेशक और प्रतिनिधि, एरिक फ़ॉल्ट का मानना है कि नस्लवाद दूर करने के लिये केवल अच्छी नीयत ही काफ़ी नहीं हैं, बल्कि नस्ल-विरोधी कार्रवाई भी ज़रूरी है.

नस्लभेद ख़त्म करने की पुकार

21 मार्च का दिन, नस्लभेद के उन्मूलन के अन्तरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है. युवाओं से, मानवाधिकारों के लिये आवाज़ उठाने की ख़ातिर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव की पुकार... (वीडियो सन्देश).

एशियाई-विरोधी हिंसा में उभार पर ‘गहरी चिन्ता’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने एशियाई और एशियाई मूल के लोगों के विरुद्ध हिंसा में उभार पर गहरी चिन्ता ज़ाहिर की है. वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान नस्लवादी घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है. पिछले सप्ताह, अमेरिका के अटलांटा शहर में एक अकेले बन्दूकधारी ने, आठ लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी. मृतकों में, एशियाई मूल की छह महिलाएँ भी हैं.

नस्लभेद रूपी विष को ख़त्म करने के लिये, सामूहिक संकल्प की दरकार

ऐसे समय में जबकि कोविड-19 महामारी ने, नस्लभेद और भेदभाव को अपना सिर उठाने के लिए उर्वरक भूमि मुहैया कराई है, संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन – यूनेस्को की प्रमुख ऑड्री अज़ूले ने सोमवार को तमाम देशों से “इस कठिन दौर में” एकजुटता दिखाने का आहवान किया है. 

एशिया-प्रशान्त: प्रवासियों की अहम भूमिका की ओर ध्यान

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने एशिया और प्रशान्त क्षेत्र में, अर्थव्यवस्थाओं और समाजों में, प्रवासियों के योगदान को रेखांकित करते हुए, देशों का आहवान किया है कि उन्हें अपनी सीमाओं के भीतर रहने वाले प्रवासियों के लिये भी ये सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें भी कोरोनावायरस से निपटने के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में जगह मिले.

‘महामारी’ के रूप में उभरती मुस्लिम-विरोधी नफ़रत, कार्रवाई का आग्रह 

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि इस्लाम के नाम पर किये गए  11 सितम्बर, 2001 के हमलों और अन्य भयावह आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दिये जाने के बाद से, मुसलमानों को संदिग्ध नज़र से देखे जाने की समस्या महामारी का आकार ले रही है. धर्म या आस्था की आज़ादी पर यूएन के विशेष रैपोर्टेयर अहमद शहीद ने, गुरुवार को, मानवाधिकार परिषद को सम्बोधित करते हुए, देशों का आहवान किया है कि मुसलमानों के साथ भेदभाव पर अंकुश लगाने के लिये उपाय सुनिश्चित किये जाने होंगे. 

कोविड-19: पुनर्बहाली सर्वजन के लिये मानवाधिकार सुनिश्चित करने का ‘ऐतिहासिक अवसर’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान दुनिया भर में मानवाधिकारों को नुक़सान पहुँचा है, लेकिन महामारी से पुनर्बहाली की प्रक्रिया, यथास्थितिवाद को पीछे छोड़ने और सर्वजन के लिये गरिमा सुनिश्चित करने का एक अवसर है. यूएन प्रमुख ने वर्ष 2020 में मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिये कार्रवाई किये जाने की पुकार लगाई, जिसके एक वर्ष बाद महासभा में, उन्होंने देशों के प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया है.