भोजन

केनया में, किसानों को प्रशिक्षण देने के लिये, सब्ज़ियाँ तैयार किये जाते हुए.
© FAO/Fredrik Lerneryd

वैश्विक खाद्य संकट: 'मायूसी से उम्मीद व कार्रवाई' की तरफ़ बढ़ने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य व कृषि एजेंसी (FAO) ने दुनिया भर में बढ़ते भोजन अभाव संकट की स्थिति में, एक ऐसे टिकाऊ विश्व के निर्माण में, एकजुटता व सामूहिक कार्रवाई की शक्ति का उपयोग करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है जिसमें सर्वजन के लिये पर्याप्त भोजन उपलब्ध हो.

उत्तरी थाईलैंड के च्यांग राय में चावल की फ़सल की कटाई करती महिलाएँ.
UN Women/Pornvit Visitoran

वैश्विक खाद्य संकट की 'गम्भीर' स्थिति पर एक विशेष बैठक में चर्चा

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष, अब्दुल्ला शाहिद ने सोमवार को वैश्विक खाद्य संकट से निपटने के लिये एक विशेष बैठक में कहा कि बढ़ती भुखमरी और कुपोषण का मुक़ाबला करने के लिये, खाद्य प्रणालियों में जलवायु सहनसक्षमता बढ़ाना आवश्यक है.

फिलीपींस जैसे देशों में चावल जैसी फ़सलों की खेती के लिये बड़ी मात्रा में ताज़े पानी की आवश्यकता होती है, जिसका पर्यावरणीय असर पड़ता है.
© FAO/Lena Gubler

खेतीबाड़ी के अस्तित्व के लिये अति अहम पानी पर मंडराते कुछ जोखिम

1950 के दशक से, सिन्थेटिक उर्वरकों, रासायनिक कीटनाशकों और उच्च उपज वाले अनाज जैसे नवाचारों ने मानवता को अनाज उत्पादन की मात्रा में नाटकीय रूप से वृद्धि करने में मदद की है. लेकिन ये आविष्कार, कृषि की सबसे क़ीमती वस्तु - ताज़े पानी के बिना बेकार होंगे. और शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अब ख़तरे में है.

श्रीलंका एक गम्भीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जिससे खाना पकाने, परिवहन और उद्योगों के लिये ईंधन की उपलब्धता पर असर पड़ा है.
World Bank/ Lakshman Nadaraja

श्रीलंका: 17 लाख लोगों की सहायता के लिये, साढ़े चार करोड़ डॉलर की अपील

श्रीलंका में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और साझीदार संगठनों ने देश में आर्थिक संकट के कारण उपजी मानवीय राहत आवश्यकताओं की पृष्ठभूमि में गुरूवार को, एक साझा योजना पेश की है, जिसमें सर्वाधिक प्रभावित 17 लाख लोगों तक जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने के लिये, चार करोड़ 72 लाख डॉलर की धनराशि जुटाने की पुकार लगाई गई है.

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार क्षेत्र में, कुछ महिलाएँ ताज़ा सब्ज़ियों के साथ.
© WFP/Sayed Asif Mahmud

भोजन आधारित जोखिमों की रोकथाम व बेहतर स्वास्थ्य की ज़रूरत रेखांकित

संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को चौथे ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ के अवसर पर कहा है कि सुरक्षित भोजन, अच्छे स्वास्थ्य के लिये सर्वाधिक महत्वपूर्ण व निश्चित कारकों में से एक है. इस दिवस का उद्देश्य, खाद्य से सम्बन्धित जोखिमों की रोकथाम, उनका पता लगाना और उनसे निपटने के साथ-साथ, मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है.

नेपाल में यूनीसेफ़ की पोषण योजना से लाभान्वित एक बच्चा हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ और ब्रैड खाते हुए.
© UNICEF/Rabik Upadhayay

सर्वजन के लिये सेहतमन्द आहार पर केन्द्रित नया गठबन्धन

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने सर्वजन के लिये स्वस्थ आहार सुनिश्चित करने, खाद्य प्रणालियों में कायापलट कर देने वाले बदलाव लाने और टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के इरादे से, एक गठबन्धन आधिकारिक रूप से प्रस्तुत किया है. यूएन एजेंसियों का कहना है कि इस पहल के ज़रिये, स्वास्थ्य, पोषण व पर्यावरणीय सततता को मज़बूत किया जाएगा. 

सोमालिया में एक महिला सूखी हुई नदी के पास खाना पकाने के लिये लकड़ी ढूँढ रही है.
© UNICEF/Sebastian Rich

सोमालिया: सूखे से उपजी गम्भीर खाद्य असुरक्षा, अकाल की आशंका के बीच सहायता अपील 

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने मंगलवार को आगाह किया है कि सोमालिया में गम्भीर खाद्य असुरक्षा से त्रस्त लाखों सोमाली नागरिकों पर अकाल का ख़तरा मंडरा रहा है और आने वाले महीनों में हालात बद से बदतर होने की आशंका है. मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनज़र सर्वाधिक ज़रूरतमन्दों के लिये तत्काल मानवीय सहायता सुनिश्चित किये जाने के लिये एक साझा अपील जारी की गई है. 

इराक़ में मोहम्मद और उनका परिवार, इफ़्तार के लिये तैयारी करते हुए. रमदान महीने के दौरान, मुसलमान लोग दिन भर का रोज़ा (व्रत) रखने के बाद, सूरज छिपने के बाद भोजन खाते हैं.
UNOCHA/Rawsht Twana

रमदान: एक शान्तिपूर्ण दुनिया बनाने के लिये एकजुटता की पुकार

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने इस्लाम के एक पवित्र महीने – रमदान को करुणा व हमदर्दी के एक अहम मौक़े के रूप में रेखांकित करते हुए, शुक्रवार को कहा है कि रमदान, “आत्म चिन्तन व सीखने का एक वक़्त है; एक साथ आने और एक दूसरे का हौसला बढ़ाने का एक मौक़ा है”.

इण्डोनेशिया के जकार्ता में, एक ठेले पर तले हुए भोज्य पदार्थ बेचे जाते हुए.
© UNICEF/Arimacs Wilander

एक अरब लोग मोटापे के शिकार, इस स्वास्थ्य संकट को रोकने की दरकार, WHO

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को ‘विश्व मोटापा दिवस’ के अवसर पर देशों से, एक स्वास्थ्य संकट बन चुके – मोटापा को पलटने के लिये और ज़्यादा प्रयास करने का आग्रह किया है. संगठन के अनुसार, मोटापा स्वास्थ्य संकट को रोका जा सकता है.

पाकिस्तान के कराची शहर के एक इलाक़े में, एक महिला, दालों का जायज़ा लेते हुए.
© FAO/Asif Hassan

टिकाऊ खाद्य प्रणालियों के लिये, युवाओं को सशक्त बनाती हैं 'दालें'

संयुक्त राष्ट्र हर वर्ष 10 फ़रवरी को विश्व दाल दिवस मनाता है और इस वर्ष इस दिवस का विषय है कि ये पौष्टिक खाद्य पदार्थ, टिकाऊ व्यावसायिक खेतीबाड़ी (कृषि भोज्य) प्रणालियाँ प्राप्ति में, युवाओं को सशक्त बनाने में किस तरह मदद कर सकते हैं. दालें, दुनिया भर में अपार व्यंजन श्रृंखलाओं के लिये तो अहम हैं ही.