भारत

कोविड-19: ओड़ीशा में आदिवासी छात्रों की शिक्षा के लिये एक नवीन पहल

कोविड-19 महामारी के कारण दुनियाभर में स्कूल बन्द होने से करोड़ों छात्रों की शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ा – ख़ासतौर पर कमज़ोर समुदायों के बच्चों पर इसकी दोहरी मार पड़ी है और तकनीक तक पहुँच न होने के कारण वो दूरस्थ शिक्षा के लाभ से भी वंचित रहे हैं. वंचित समुदायों के बच्चों तक शिक्षा साधन पहुँचाने के इरादे से, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने भारत सरकार के साथ मिलकर, एक अभिनव शिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है. शिक्षकों के उत्साह से सफल हुए नवीन शिक्षण कार्यक्रम की एक प्रेरक कहानी, विश्व शिक्षक दिवस पर.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन 2 अक्टूबर 2020

2 अक्टूबर 2020 के बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
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कोविड-19: भारत के समक्ष एक 'अभूतपूर्व चुनौती' - जवाबी कार्रवाई में यूएन एजेंसियों का सहयोग

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के व्यापक फैलाव की चपेट में आया भारत एक अभूतपूर्व चुनौती का सामना कर रहा है. भारत में यूएन की विभिन्न एजेंसियाँ महामारी पर क़ाबू पाने के प्रयासों में सरकार की मदद कर रही हैं. देश में अब तक कोरोनावायरस संक्रमण के 63 लाख 94 हज़ार से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हुई है, 99 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

अहिंसा दिवस पर यूएन प्रमुख की वैश्विक युद्धविराम की ताज़ा पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरश ने 2 अक्टूबर को अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के मौक़े पर वैश्विक युद्धविराम की अपनी पुकार फिर दोहराई है. अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस महात्मा गाँधी के जन्म दिवस (जयन्ती) की याद में हर साल 2 अक्टूबर को मनाया जाता है, और वर्ष 2020 का ये दिवस कोरोनावायरस महामारी से हुई भारी मानवीय और सामाजिक-आर्थिक तबाही की छाया में मनाया जा रहा है.

काँच की बोतलें और उदित सिंघल

दुनिया भर में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिये संयुक्त राष्ट्र ने 17 युवाओं को एसडीजी चैम्पियन घोषित किया है. इनमें, भारत के उदित सिंघल भी शामिल हैं. काँच के कूड़े की समस्या भी प्लास्टिक के कूड़े जैसी न बन जाए, इस विचार के साथ उदित सिंघल ने भारत की राजधानी दिल्ली में, 2019 में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर Glass2Sand की स्थापना की. तब उदित सिंघल की उम्र 17 वर्ष थी.

उदित सिंघल ने तब से लेकर अब तक लगभग 8 हज़ार काँच की बोतलों को कूड़ा घर (Landfill) में जाने से रोका है, और उन बोतलों को 4 हज़ार 800 किलोग्राम उच्च ग्रेड सिलिका रेत में परिवर्तित करने में सफलता हासिल की है. उदित सिंघल, अपनी इस पहल को स्वयंसेवक नेटवर्क के माध्यम से फैलाकर, पूरे दिल्ली शहर को, बोतलों से छुटकारा दिलाने की मुहिम में जुटे हैं. 

यूएन न्यूज़ हिन्दी ने उदित सिंघल से सम्पर्क करके, टिकाऊ विकास पर उनके कार्य को लेकर विस्तार से बातचीत की.... (वीडियो)

जहाँ चाह, वहाँ राह - उदित सिंघल

दुनिया भर में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिये संयुक्त राष्ट्र ने 17 युवाओं को एसडीजी चैम्पियन घोषित किया है. इनमें, भारत के उदित सिंघल भी शामिल हैं.

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भारत: रेलवे पटरियों के पास रहने वाले लाखों लोगों को घरों से बेदख़ल करने पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ ने भारत की राजधानी दिल्ली में रेलवे पटरियों के किनारे रहने वाले लगभग ढाई लाख लोगों को अपने घरों से बेदख़ल करने के भारतीय सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश पर चिन्ता व्यक्त की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि इस तरह के क़दम से प्रमुख अन्तरराष्ट्रीय अधिकार सन्धियों के तहत देशों के दायित्वों का उल्लंघन होगा.

75वाँ सत्र: यूएन ढाँचे में सुधार - वक़्त की ज़रूरत, भारतीय प्रधानमन्त्री

भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक चुनौतियों और संयुक्त राष्ट्र के ढाँचे व आकार को देखते हुए इस विश्व संगठन में सुधार किया जाना, समय की ज़रूरत बताया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में शनिवार को जनरल डिबेट के लिये दिये अपने वीडियो सन्देश में प्रधानमन्त्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का सामना करने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका उपयुक्त रही है, लेकिन ये भी सवाल दरपेश है कि इस साझा लड़ाई में संयुक्त राष्ट्र कहाँ खड़ा है? उसकी प्रभावी प्रतिक्रिया कहाँ है?

 

यूएन की 75वीं वर्षगाँठ पर भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो सन्देश

संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक को भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो सन्देश, जिसमें उन्होंने कि संगठन "विश्वास के संकट" का सामना कर रहा है और पुरानी संरचनाओं के साथ वर्तमान चुनौतियों का मुक़ाबला करना असम्भव होगा.

विकलाँगता की बाधाओं से परे...

भारत, भूटान, मालदीव और श्रीलंका के लिये यूनेस्को के निदेशक और भारत में यूनेस्को के प्रतिनिधि, एरिक फ़ॉल्ट मानते हैं कि विकलाँग समुदाय में असीम क्षमताएँ मौजूद हैं और सही क़दम उठाकर उनसे उचित लाभ उठाया जा सकता है. पढ़िये, एरिक फ़ॉल्ट का ब्लॉग...