भारत

भारत: महामारी के दौरान निस्‍वार्थ सेवा से दिल जीतने वाले महावीर

भारत में संयुक्‍त राष्‍ट्र और नीति आयोग द्वारा डिस्‍कवरी चैनल की भागीदारी, और दीया मिर्ज़ा व सोनू सूद की मेज़बानी में, तीन हिस्‍सों वाली एक श्रृँखला, 'भारत के महावीर' शुरू की गई है, जिसमें कोविड-19 के दौरान ज़रूरतमन्दों की मदद करने के लिये, अपनी सीमाओं से परे जाकर काम करने वाले, देश भर के 12 चैम्पियन प्रस्‍तुत किये जा रहे हैं.

 

कोविड-19: निस्वार्थ सेवा और दयालुता की प्रेरक कहानियाँ : ‘भारत के महावीर’

भारत में संयुक्त राष्ट्र, भारत सरकार का नीति आयोग और डिस्कवरी इंडिया चैनल ने मिलकर 'भारत के महावीर’ नामक एक टेलीवीज़न सीरिज़ शुरू की है, जिसके तहत भारत के उन नायकों की कहानियाँ प्रसारित की जाएँगी, जिन्होंने कोविड-19 के ख़िलाफ़ जंग में निस्वार्थ भावना से सहयोग दिया है.  

ओह, मैंने फिर शेयर कर दिया !!!

Misinformation यानि दुष्प्रचार या ग़लत जानकारी फैलाने का मक़सद हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना होता है, और हम में से बहुत से लोगों ने भी कुछ ना कुछ ऐसे सन्देश या जानकारी ज़रूर शेयर की होगी है यानि आगे बढ़ाई होगी जिसके बारे में बाद में मालूम हुआ होगा कि वो सच या सही नहीं थी. इस वीडियो में एक हल्के-फ़ुल्के अन्दाज़ में मगर बहुत सटीक बात कहने की कोशिश की गई है कि हम कितनी आसानी से दुष्प्रचार या ग़लत जानकारी फैलाने के भागीदार बन जाते हैं. ये सोचना बहुत अहम और ज़रूरी है कि ग़लत जानकारी या 'फ़ेक न्यूज़' को फैलने से रोकने के लिये क्या किया जा सकता है...


 

अहिंसा दिवस पर यूएन प्रमुख की वैश्विक युद्धविराम की ताज़ा पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरश ने 2 अक्टूबर को अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के मौक़े पर वैश्विक युद्धविराम की अपनी पुकार फिर दोहराई है. अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस महात्मा गाँधी के जन्म दिवस (जयन्ती) की याद में हर साल 2 अक्टूबर को मनाया जाता है, और वर्ष 2020 का ये दिवस कोरोनावायरस महामारी से हुई भारी मानवीय और सामाजिक-आर्थिक तबाही की छाया में मनाया जा रहा है.

काँच की बोतलें और उदित सिंघल

दुनिया भर में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिये संयुक्त राष्ट्र ने 17 युवाओं को एसडीजी चैम्पियन घोषित किया है. इनमें, भारत के उदित सिंघल भी शामिल हैं. काँच के कूड़े की समस्या भी प्लास्टिक के कूड़े जैसी न बन जाए, इस विचार के साथ उदित सिंघल ने भारत की राजधानी दिल्ली में, 2019 में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर Glass2Sand की स्थापना की. तब उदित सिंघल की उम्र 17 वर्ष थी.

उदित सिंघल ने तब से लेकर अब तक लगभग 8 हज़ार काँच की बोतलों को कूड़ा घर (Landfill) में जाने से रोका है, और उन बोतलों को 4 हज़ार 800 किलोग्राम उच्च ग्रेड सिलिका रेत में परिवर्तित करने में सफलता हासिल की है. उदित सिंघल, अपनी इस पहल को स्वयंसेवक नेटवर्क के माध्यम से फैलाकर, पूरे दिल्ली शहर को, बोतलों से छुटकारा दिलाने की मुहिम में जुटे हैं. 

यूएन न्यूज़ हिन्दी ने उदित सिंघल से सम्पर्क करके, टिकाऊ विकास पर उनके कार्य को लेकर विस्तार से बातचीत की.... (वीडियो)

75वाँ सत्र: यूएन ढाँचे में सुधार - वक़्त की ज़रूरत, भारतीय प्रधानमन्त्री

भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक चुनौतियों और संयुक्त राष्ट्र के ढाँचे व आकार को देखते हुए इस विश्व संगठन में सुधार किया जाना, समय की ज़रूरत बताया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में शनिवार को जनरल डिबेट के लिये दिये अपने वीडियो सन्देश में प्रधानमन्त्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का सामना करने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका उपयुक्त रही है, लेकिन ये भी सवाल दरपेश है कि इस साझा लड़ाई में संयुक्त राष्ट्र कहाँ खड़ा है? उसकी प्रभावी प्रतिक्रिया कहाँ है?

 

यूएन की 75वीं वर्षगाँठ पर भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो सन्देश

संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक को भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो सन्देश, जिसमें उन्होंने कि संगठन "विश्वास के संकट" का सामना कर रहा है और पुरानी संरचनाओं के साथ वर्तमान चुनौतियों का मुक़ाबला करना असम्भव होगा.

खेतों में आग: बदली-बदली सी है फ़िजाँ, बदलनी होंगी आदतें भी

वर्ष 2019 में, भारत की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास, इतना धुँधलका छा गया था कि विमानों की उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा, हज़ारों स्कूल बन्द करने पड़े और देश की राजधानी में लोगों को या तो घरों के भीतर ही रहने या फिर फ़ेस मास्क पहनने की सलाह दी गई. सवाल है कि आख़िर ऐसी नौबत क्यों आई?

स्वच्छ, कुशल ऊर्जा में भारत की अहम भूमिका

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को 19वें दरबारी सेठ स्मारक व्याख्यान को सम्बोधित किया. ये व्याख्यान ऊर्जा व शोधन संस्थान (टैरी) भारत, ने अपने संस्थापक और जलवायु कार्रवाई के प्रणेता, दरबारी सेठ के सम्मान में आयोजित किया था. इस व्याख्यान में महासचिव ने कोविड-19 पुनर्बहाली में जलवायु कार्रवाई को प्रमुखता देते हुए ज़ोर देकर कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा बढ़ाकर अपनी दो शीर्ष प्राथमिकताएँ प्राप्त कर सकता है - ग़रीबी उन्मूलन और ऊर्जा की सार्वभौमिक पहुँच की गारण्टी. उन्होंने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले जीवाश्म ईंधन की बजाय अक्षय ऊर्जा में निवेश करने से तीन गुना अधिक रोज़गार उत्पन्न हो सकते हैं.

भारत में 'तेजस्विनी' महिलाएँ

तेजस्विनी का मतलब है "कान्तिवान महिला." भारत के महाराष्ट्र राज्य में तेजस्विनी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का हिस्सा बनीं दस लाख महिलाएँ, वास्तव में सशक्त हैं, कान्तिवान हैं. आईएफ़एडी के महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम ‘तेजस्विनी’ के माध्यम से महिलाओं को व्यवसाय विकास, तकनीकी कौशल और वित्त में प्रशिक्षण दिया गया, जिससे इन महिलाओं ने अभूतपूर्व व्यावसायिक सफलता हासिल की है. अब कोविड-19 संकट के दौरान, ये महिलाएँ बदलती जरूरतों के अनुसार अपने कामकाज में बदलाव लाकर व्यवसायों को आगे बढ़ा रही हैं. देखिये वीडियो फ़ीचर...