भारत

'अम्फन': जीवनरक्षक प्रयासों के लिए भारत और बांग्लादेश की सराहना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विनाशकारी सुपर सायक्लोन ‘अम्फन’ के दौरान ज़िंदगियों को बचाने और प्रभावी राहत प्रयासों के लिए भारत और बांग्लादेश की सरकारों और जनता की सराहना की है. यूएन प्रमुख ने इस आपदा के पीड़ितों के प्रति अपनी सम्वेदनाएँ जताई हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.

सुपर सायक्लोन ‘अम्फन’ गुज़रा, छोड़ गया बर्बादी के निशान

संयुक्त राष्ट्र और साझीदार संगठनों के राहतकर्मी भारत और बांग्लादेश में चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन’ से बुरी तरह प्रभावित हुए लोगों तक मदद पहुँचाने के काम में जुट गए हैं. बुधवार को पूर्वी भारत के तटीय इलाक़ों से टकराने वाला यह सुपर सायक्लोन अपने साथ बर्बादी लाया और प्रभावित इलाक़ों में जान-माल का भारी नुक़सान करके चला गया.

भारत में चक्रवाती तूफ़ान की रफ़्तार धीमी, जान-माल का नुक़सान

विश्व मौसम विज्ञान संगठन में भारत के स्थाई प्रतिनिधि डॉक्टर मृत्युन्जय मोहापात्रा ने यूएन न्यूज़ हिन्दी के साथ बातचीत में बताया है कि गुरुवार को चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन‘ की रफ़्तार धीमी पड़ गई थी. बुधवार को सुपर सायक्लोन अम्फन पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हवा के तेज़ झोंके और भारी बारिश लाया जिससे जान-माल का भारी नुक़सान हुआ है. 

सुपर सायक्लोन 'अम्फन' की चपेट में पश्चिम बंगाल के सात ज़िले

सुपर सायक्लोन 'अम्फन’ ने भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में बुधवार को दस्तक दे दी जहाँ सात ज़िलों में इसका प्रकोप ज़्यादा होने की आशंका है. संयुक्त राष्ट्र के आपदा जोखिम न्यूनीकरण के भारत कार्यालय में विशेषज्ञ रन्जनी मुखर्जी ने यूएन न्यूज़ हिन्दी के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि प्रदेश की राजधानी कोलकाता में इसका अनुमान से कहीं ज़्यादा असर देखा जा रहा है जहाँ 130 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ़्तार से हवाएँ चल रही हैं और आस-पास के इलाक़ों में भी भारी बारिश हो रही है.

भारत और बांग्लादेश में चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन’ की आहट

चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन’ भारत और बांग्लादेश में तटवर्ती घनी आबादी वाले इलाक़ों की तरफ़ बढ़ रहा है. बंगाल की खाड़ी में ‘अम्फन’ की तीव्रता में इज़ाफ़ा हुआ है और अब इसे ‘सुपर सायक्लोन’ कहा जा रहा है. कोरोनावायरस से ऐहतियाती उपायों के कारण क्षेत्र में लागू पाबन्दियों ने आपदा प्रबन्धन कार्य को पहले से कहीं अधिक जटिल बना दिया है. ‘अम्फन’ के 20 मई को तटीय इलाक़ों से टकराने की आशंका है जिस दौरान ख़तरनाक हवाएँ चलेंगी और भारी बारिश के साथ निचले इलाक़ों में बाढ़ का भी जोखिम है.

कोविड-19: शरणार्थियों की मदद

भारत में कोवड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में शरणार्थी भी अपनी तरह की मदद कर रहे हैं. भारत में अफ़ग़ानिस्तान और म्याँमार से आए शरणार्थी कॉटन के मास्क बनाकर अपने स्तर का योगदान कर रहे हैं क्योंकि इस लड़ाई में सब साथ हैं. वीडियो फ़ीचर...

कोविड-19: भारत में वंचित समूहों के लिए UNFPA की आपात सेवा

भारत में भी कोविड-19 महामारी का सामना करने के प्रयासों के तहत पूरे देश में तालाबंदी लागू  है जिससे जनजीवन व्यापक रूप में प्रभावित हुआ है. भारत में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने बिहार राज्य में पटना नगर निगम (PMC) के साथ मिलकर गर्भवती महिलाओं और बुज़ुर्गों की मदद के लिए ‘वी-केयर’ नाम की सहायता सेवा शुरू की है. इसके तहत बिहार की राजधानी पटना में झुग्गियों में रहने वाले कमज़ोर तबके के लोगों को मुफ़्त आपातकाल यातायात और अन्य स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं. 

भारत: फ़ायदेमन्द प्राकृतिक खेती का रुख़

भारत के आंध्र प्रदेश राज्य में किसान जागरूक होकर प्राकृतिक खेती की ओर रुख़ कर रहे हैं. इसमें रसायनिक उर्वरकों के बजाय स्थानीय स्तर पर तैयार देसी खाद इस्तेमाल किया जाता है जिससे अच्छी क़िस्म की फ़सल होती है. ये प्राकृतिक खेती लोकप्रिय हो रही है और अगले कुछ वर्षों के दौरान ज़्यादा से ज़्यादा किसान शून्य बजट प्राकृतिक खेती को पूरी तरह से अपनाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं. एक वीडियो डॉक्यूमेंटरी...

कोविड-19: सीआरपीएफ़ की अनोखी पहल

भारत के असम राज्य में सीआरपीएफ़ और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने दिहाड़ी मज़दूरों को भोजन सामग्री वितरण के दौरान उनका हौसला बढ़ाने के लिए अनोखा तरीक़ा अपनाया. असम में कामरूप ज़िले के रानी में जवानों ने गीत गाकर उनके मानसिक स्वास्थ्य का भी ख़याल रखा. देखें वीडियो...

यूनिफ़िल में भारतीय दल की पहल

लेबनान में संयुक्त राष्ट्र का अंतरिम बल - यूनिफ़िल दुनियाभर के उन सभी डॉक्टरों और नर्सों का सम्मान करता है, जो कोविड-19 के ख़िलाफ़ जंग लड़ रहे हैं. यूनिफ़िल ने भी स्थानीय समुदाय की मदद करने के सटीक उपाय किए हैं. देखिए इस वीडियो में...