भारत

बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिये समन्वित प्रयास

जैसलमेर, भारत के राजस्थान राज्य का सबसे बड़ा ज़िला है, मगर यहाँ स्वास्थ्य ज़रूरतों को पूरा करने, विशेषकर मातृत्व व प्रसव सम्बन्धी सेवाओं के लिये विशेषज्ञों की कमी एक बड़ी चुनौती रही है. संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने वर्ष 2013 में महिला स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये ज़िला प्रशासन व राज्य स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर प्रयास किये, जिसके सकारात्मक नतीजे दिखाई दिये हैं. इस क्षेत्र में हुई प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों व स्वास्थ्यकर्मियों से एक मुलाक़ात....

भारत के 'अदृश्य पर्यावरण कार्यकर्ता' - सफ़ाई साथी

भारत में कोविड-19 महामारी के दौरान, प्लास्टिक कचरे में इस्तेमाल किये गए दस्तानों, मास्क व अन्य सामग्री की मात्रा बढ़ी है जिससे सफ़ाईकर्मियों के संक्रमण का शिकार होने का भी जोखिम बढ़ा है. उनके पास अक्सर ज़रूरी बचाव उपकरणों का अभाव होता है और सामाजिक संरक्षा योजनाओं तक पहुँच नहीं होती. इसके मद्देनज़र, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने ‘उत्थान’ नामक एक कार्यक्रम शुरू किया है जिसके तहत, सरकारी योजनाओं के दायरे में लाने के लिये, नौ हज़ार सफ़ाई साथियों को राष्ट्रीय पहचान पत्र हासिल करने में मदद मिली है और उनके टीकाकरण के भी प्रयास किये जा रहे हैं.

 

बच्चों का भविष्य बचाने के लिये तात्कालिक कार्रवाई की आवश्यकता

भारत में अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की निदेशक, डागमार वॉल्टर ने ज़ोर देकर कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दूरगामी प्रभावों से बच्चों की रक्षा करने और बाल मज़दूरी के क्षेत्र में हुई प्रगति को व्यर्थ होने से बचाने के लिये तत्काल कार्रवाई की ज़रूरत है.  

भारत: कोविड-19 की दूसरी लहर ज़्यादा जानलेवा

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने कहा है कि देश में कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर और वायरस के फैलाव की तेज़ रफ़्तार ने सभी को हैरान कर दिया है. उन्होंने सचेत किया है कि इससे सबक़ लेकर सम्भावित तीसरी लहर से निपटने के लिये स्वास्थ्य तैयारियों को पुख़्ता बनाना होगा. 

भारत: कोविड-19 की दूसरी लहर का रूप बहुत अलग, बहुत घातक

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने कहा है कि देश में कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर और वायरस के फैलाव की तेज़ रफ़्तार ने सभी को हैरान कर दिया है. इससे सबक़ लेकर सम्भावित तीसरी लहर के लिये तैयारियों को पुख़्ता बनाना होगा. उन्होंने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि मौजूदा संकट के दौरान यूएन एजेंसियाँ, स्वास्थ्य सेवा प्रणाली व टीकाकरण मुहिम को मज़बूती प्रदान करने और कोविड-19 से प्रभावित लोगों तक सहायता पहुँचाने, सभी मोर्चों पर सक्रिय हैं.

भारत: कठिन घड़ी में मेज़बान समुदाय की मदद का जज़्बा

ग़फ़्फ़ार दाराबियान मूलत: ईरान से हैं, मगर वर्ष 1994 में उन्हें देश छोड़ने के लिये मजबूर होना पड़ा जिसके बाद उन्होंने भारत के पुणे शहर में शरण ली. भारत में कोरोनावायरस संकट के दौरान, ग़फ़्फ़ार आगे बढ़कर ज़रूरतमन्दों को सहारा दे रहे हैं. उनका मानना है कि अगर लोग ये समझ जाएँ कि शरणार्थी भी मेज़बान समाज में अहम योगदान दे सकते हैं, तो वो उन्हें खुले दिल से स्वीकार कर सकेंगे. ग़फ़्फ़ार ने भारत में अपने अब तक के सफ़र को साझा किया है...

दक्षिण एशिया में संक्रमण की जानलेवा लहर - स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी बोझ

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने चेतावनी जारी की है कि दक्षिण एशिया के देशों में कोरोनावायरस संक्रमण की जानलेवा लहर से जिस तरह के हालात पैदा हो रहे हैं, वैसा इस क्षेत्र में पहले कभी नहीं देखा गया. यूनीसेफ़ के मुताबिक कोरोनावायरस संकट के कारण बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर हुआ है, देशों की नाज़ुक स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी बोझ है और उनके ढह जाने की आशंका वास्तविक है.

दक्षिण एशिया में संक्रमण की तेज़ लहर – सहायता धनराशि के लिये अपील

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने निजी बचाव पोशाकों, कोविड-19 टैस्टिंग किटों सहित अन्य उपकरणों व सामग्री के इन्तज़ाम के लिये, 16 करोड़ 40 लाख डॉलर धनराशि की अपील की है. नेपाल और भारत सहित दक्षिण एशिया के देशों में कोरोनावायरस संक्रमण की जानलेवा लहर के मद्देनज़र स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी बोझ है और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ, प्रभावित देशों में जीवनरक्षक जवाबी कार्रवाई में सहयोग कर रही हैं.

आपबीती: 'एकजुटता और करुणा भाव से मिलेगी कोविड-19 पर कामयाबी'

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के भारत कार्यालय में जल,साफ़-सफ़ाई और स्वच्छता (WASH) विभाग में सीनियर प्रोग्राम एसोसिएट के पद पर कार्यरत, जैसिण्डा मैथ्यू ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा किया है. उन्होंने अपने एक ब्लॉग में कहा कि जिस तरह लोग एक-दूसरे की मदद के लिये आगे आ रहे हैं, वो भरोसा जगाता है कि हम इस वायरस पर विजय हासिल करने में कामयाब होंगे...

भारत में चक्रवाती तूफ़ान 'ताउते' का प्रकोप - यूएन ने जताई एकजुटता

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने चक्रवाती तूफ़ान ‘ताउते’ से प्रभावित इलाक़ो में राहत एवँ बचाव कार्य में जुटे राहतकर्मियों की सराहना की है, जिनके प्रयासों के फलस्वरूप अनेक लोगों की ज़िन्दगियों की रक्षा करना सम्भव हुआ है. ‘ताउते’ से गुज़रात, महाराष्ट्र, गोवा सहित देश के अनेक राज्य प्रभावित हुए हैं.