बच्चे

कोविड-19: स्कूल बन्द होने से 46 करोड़ बच्चे ऑनलाइन शिक्षा से वंचित

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) की प्रमुख ने दूरस्थ शिक्षा की सीमाओं और उपलब्धता में गहरी असमानताओं को उजागर करती एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि कोविड-19 के कारण स्कूल बन्द होने से लगभग 46 करोड़ 30 लाख बच्चों को, "दूरस्थ शिक्षा जैसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी." 

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन 7 अगस्त 2020

7 अगस्त 2020 के इस बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
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लेबनान की राजधनी बेरूत में भीषण विस्फोट से सैकड़ों लोग हताहत, 
यूएन एजेंसियाँ तेज़ी से लगीं राहत कार्यों में

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सीसा धातु से 80 करोड़ बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर

यूनीसेफ़ और ‘प्योर अर्थ’ संस्थान की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, सीसा धातु एक बड़े पैमाने पर बच्चों को प्रभावित कर रहा है. वैश्विक स्तर पर औसतन हर तीन में से एक बच्चों के रक्त में सीसा धातु का स्तर 5 माइक्रोग्राम प्रति डेसीलीटर या उससे भी ज़्यादा है. इनमें से लगभग आधे बच्चे दक्षिण एशिया में रहते हैं. स्थिति की गम्भीरता को पेश करती ये वीडियो रिपोर्ट...

कोविड-19: भीषण तबाही रोकने के लिए मानवीय सहायता में निवेश की दरकार

संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक व सामाजिक परिषद (ECOSOC) में मंगलवार को ऐसी ज़ोरदार अपीलें पेश की गईं कि कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक मानवीय प्रतिक्रिया योजना के लिए और ज़्यादा धन सुनिश्चित किया जाना चाहिए. परिषद का वार्षिक मानवीय मामलों का दौर मंगलवार को वीडियो टैली-कान्फ्रेन्सिंग के ज़रिये शुरू हुआ, जोकि इसके इतिहास में पहली बार है.

मैक्सिको में फँसे प्रवासी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने मैक्सिको सरकार को याद दिलाते हुए कहा है कि जो भी शरणार्थी बच्चे देश की सीमा में दाख़िल होते हैं उनके अधिकारों की रक्षा करना वहाँ के अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है. 

'अच्छा स्वास्थ्य सबका मानवधिकार, केवल अमीरों का विशेषाधिकार नहीं'

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य पाने का अधिकार सभी लोगों को है और ये केवल धनी लोगों का विशेषाधिकार नहीं हो सकता. यूएन एड्स ने सरकारों का आहवान किया है कि तमाम लोगों के अच्छा स्वास्थ्य रखने के अधिकार को वास्तविक रूप देने के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सरकारी धन निवेश को प्राथमिकता देनी होगी.

सरकारी शिक्षा ख़र्च में 'शर्मनाक विषमताओं" को दूर करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि ग़रीब परिवारों की एक तिहाई किशोरी लड़कियों को कभी स्कूली शिक्षा की सुविधा हासिल नहीं हुई और शिक्षा पर ख़र्च धनी परिवारों की तरफ़ भारी रूप में झुका हुआ है.

लीबिया: लगातार लड़ाई से बच्चे 'भयंकर व असहनीय' स्थिति में

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि विश्व को लीबिया में लगातार जारी युद्ध के कारण बच्चों की "भंयकर और असहनीय" स्थिति को क़तई स्वीकार नहीं करना चाहिए. इस बीच लीबिया की स्थिति पर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन रविवार को जर्मनी में हो रहा है जिसमें यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के अलावा लीबिया के अहम प्रतिनिधियों के भी शिरकत करने की संभावना है और कोई शांति समझौता भी होने की उम्मीद जताई गई है.

सीरिया: युद्ध ने बच्चों की दुनिया व सपने उजाड़ दिए हैं

सीरिया में नौ वर्ष से जारी भीषण लड़ाई और अशांति ने वहाँ के बच्चों का ना सिर्फ़ बचपन तबाह कर दिया है बल्कि उनके अधिकारों की तो धज्जियाँ उड़ा दी हैं. बड़े पैमाने पर लड़कों और लड़कियों की हत्याएँ हुई हैं, वो घायल हुए हैं, विस्थापित होने के साथ-साथ उन्हें उत्पीड़न, बलात्कार और यौन ग़ुलामी का भी शिकार होना पड़ा है.

योरोपीय बच्चों के 'छुपे और हिंसक शोषण' पर यूएन की पहल

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि योरोप में हर वर्ष कम से कम साढ़े पाँच करोड़ बच्चों को शारीरिक, यौन, भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक हिंसक बर्ताव का सामना करना पड़ता है.