बीमारी

योरोप व मध्य एशिया में क़रीब 40 करोड़ लोगों को पुनर्वास देखभाल सेवाओं की आवश्यकता है.
© WHO

योरोपीय क्षेत्र: बड़ी ज़रूरतमन्द आबादी के लिए पुनर्वास स्वास्थ्य देखभाल का अभाव

योरोपीय क्षेत्र के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के कार्यालय ने चेतावनी जारी की है कि योरोपीय क्षेत्र में 39 करोड़ से अधिक लोगों, यानि क़रीब आधी आबादी को, स्वास्थ्य अवस्थाओं के कारण पुनर्वास देखभाल की आवश्यकता है, मगर अधिकाँश लोगों को यह उपलब्ध नहीं हो पा रही है.

रवाण्डा में एक युवा लड़की को एचपीवी की वैक्सीन दी जा रहीहै और अन्य स्कूली छात्राएँ भी अपनी बारी का उत्सुकता और घबराहट में इन्तज़ार कर रही हैं.
© UNICEF/Laurent Rusanganwa

एचआईवी पीड़ित महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के उन्मूलन की दिशा में प्रगति

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि सर्वाइकल कैंसर के उन्मूलन में तेज़ी लाने पर केन्द्रित वैश्विक रणनीति लागू किए जाने और एचआईवी पीड़ित होने के कारण, ज़्यादा जोखिम झेल रही महिलाओं के बारे में पुख़्ता जानकारी जुटाए जाने के दो साल बाद, इस बीमारी के विरुद्ध सभी मोर्चों पर प्रगति दर्ज की गई है.

पाकिस्तान के सिन्ध प्रान्त में बाढ़ से प्रभावित एक रिहायशी इलाक़ा.
© UNICEF/Asad Zaidi

पाकिस्तान: तबाही की ‘दूसरी लहर’ आने की आशंका, 81 करोड़ डॉलर की सहायता अपील

पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ सहायता अधिकारी ने सचेत किया है कि भीषण बाढ़ से प्रभावित देश, मौत व तबाही की एक दूसरी लहर आने की आशंका का सामना कर रहा है. यूएन मानवीय राहत एजेंसियों ने बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुँचाने के लिये, 16 करोड़ डॉलर की धनराशि की अपील को बढ़ाकर, अब 81 करोड़ 60 लाख डॉलर कर दिया है.

इथियोपिया के सोमाली क्षेत्र में, 6 बच्चों की माँ, इस महिला को आगामी कुछ महीनों में सूखे के कारण, अपने पशुधन को खो देने का डर है.
© UNICEF/Mulugaeta Ayene

अफ़्रीका सूखा: यूनीसेफ़ की चेतावनी - कुछ बच्चे 'विनाश से केवल एक बीमारी दूर'

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष - UNICEF ने मंगलवार को चेतावनी दी कि हॉर्न ऑफ अफ्ऱीका और विशाल साहेल क्षेत्र में तत्काल हस्तक्षेप और समर्थन के अभाव में "भारी संख्या में बच्चों की मौत हो सकती है". पिछले पाँच महीनों में, इथियोपिया, केनया और सोमालिया में सुरक्षित पानी तक विश्वसनीय पहुँच के अभाव का सामना करने वाले लोगों की संख्या, 90 लाख से बढ़कर एक करोड़ 62 लाख हो गई है.

मंकीपॉक्स कभी-कभार ही सामने आने वाला, मगर एक ख़तरनाक संक्रमण है.
© CDC/Cynthia S. Goldsmith

योरोप: मंकीपॉक्स के फैलाव पर नियंत्रण पाने के लिये प्रयास, WHO का समर्थन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि अनेक योरोपीय देशों में वायरल बीमारी, मंकीपॉक्स के मामले सामने आने के बाद, रोग की निगरानी, रोकथाम व नियंत्रण के लिये एक साथ मिलकर प्रयास किये जा रहे हैं.

भारत में एक डॉक्टर अपने मरीज़ के एक्स-रे की जाँच कर रहा है, ताकि टीबी का पता लगाया जा सके.
© ILO/Vijay Kuty

टीबी के कारण प्रतिदिन चार हज़ार से अधिक मौतें, संसाधनों में निवेश की पुकार  

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने तपेदिक (टीबी) के विरुद्ध लड़ाई में दर्ज प्रगति की दिशा उलटने पर चिन्ता जताते हुए, संसाधन, समर्थन, देखभाल और जानकारी सुनिश्चित करने के लिये तत्काल निवेश की पुकार लगाई है. यूएन एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2000 के बाद से अब तक साढ़े छह करोड़ से अधिक ज़िन्दगियों की रक्षा करने में मदद मिली है, मगर कोविड-19 महामारी से उपजे व्यवधान के कारण जोखिम पैदा हो गया है. 

अलबानिया के तिराना में कामगार एक इमारत की मरम्मत के काम में जुटे हैं.
ILO Photo/Marcel Crozet

कामकाज-सम्बन्धी वजहों से हर वर्ष लगभग 20 लाख की मौत - नई रिपोर्ट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि कामकाज सम्बन्धी बीमारियों और चोटों की वजह से वर्ष 2016 में 19 लाख लोगों की मौत हुई. यह पहली बार है जब यूएन एजेंसियों ने साझा रूप से इस विषय में अनुमानों को पेश किया है.

डिमेंशिया से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर ज़ोर दिया गया है.
WHO/Cathy Greenblat

डिमेंशिया: बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती से निपटने के लिये बेहतर समर्थन की दरकार

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, विश्व भर में साढ़े पाँच करोड़ से अधिक लोग मनोभ्रंश (Dementia) की अवस्था में रह रहे हैं और इस संख्या का बढ़ना लगातार जारी है.

फ़िलीपीन्स के अलबे प्रान्त में चक्रवाती तूफ़ान गोनी से भारी तबाही हुई. (फ़ाइल)
OCHA/Martin San Diego

एशिया-प्रशान्त: जटिल संकटों से निपटने के लिये कारगर रणनीति का आहवान

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवँ सामाजिक आयोग (UNESCAP) की एक समिति की बैठक में देशों की सरकारों से बीमारियों, आपदाओं व जलवायु परिवर्तन के तिहरे संकटों से निपटने के लिये प्रयासों में तेज़ी लाने का आहवान किया गया है. 

मानवीय मामलों और आपात राहत मामलों के समन्वयक और संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव मार्क लोकॉक, दक्षिण सूडान के विस्थापितों से मिल रहे हैं.
UNMISS / Eric Kanalstein

इण्टरव्यू: मानवीय राहत ज़रूरतें घटाने के लिये 'हिंसक संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, बीमारियों से निपटना होगा'

मार्क लोकॉक ने चार वर्ष पहले जब मानवीय मामलों व आपात राहत समन्वयक और संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव के तौर ज़िम्मेदारी सम्भाली, तो उन्हें उम्मीद की थी कि वैश्विक स्तर पर मानवीय राहत ज़रूरतों में कमी आएगी. मगर, लम्बे समय से जारी हिंसक संघर्षों व उभरते टकरावों, जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर और ईबोला व कोविड-19 जैसी बीमारियों के कारण ज़रूरतमन्दों की संख्या इस अवधि में अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गई है. अपना कार्यभार छोड़ने से पहले, मार्क लोकॉक के साथ यूएन न्यूज़ की एक ख़ास बातचीत....