बाल कल्याण

कैमरून में विस्थापित बच्चे कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं.
© Education Cannot Wait/Daniel Beloumou

संकट-प्रभावित 22 करोड़ बच्चों को शिक्षा सम्बन्धी समर्थन की दरकार

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में चौंका देने वाले आँकड़े दर्शाते हैं कि संकट-प्रभावित स्कूली उम्र के ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ रही है जिन्हें शैक्षणिक समर्थन की आवश्यकता है. मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, ज़रूरतमन्द बच्चों की संख्या वर्ष 2016 में साढ़े सात करोड़ से बढ़कर अब 22 करोड़ 20 लाख हो गई है. 

यूक्रेन के ख़ारकीफ़ क्षेत्र में एक अनाथालय से विस्थापन का शिकार हुआ बच्चा, अब पश्चिमी यूक्रेन के वोरोख़्ता स्थित केन्द्र में है.
© UNICEF/Slava Ratynski

यूक्रेन: युद्धग्रस्त क्षेत्रों से ‘अनाथ बच्चों को गोद लेने के लिये’ रूस ले जाए जाने पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने यूक्रेन के युद्धग्रस्त पूर्वी क्षेत्रों से बच्चों को देश-निकाला देकर, जबरन रूस ले जाए जाने और वहाँ उन्हें गोद लिये जाने की प्रक्रिया शुरू किये जाने की ख़बरों पर चिन्ता जताई है.

खारकीफ़ के एक भूमिगत कार पार्क में एक 9 वर्षीय बच्ची ने अपने परिजन के साथ शरण ली हुई है.
© UNICEF/Aleksey Filippov

यूक्रेन: क़रीब 100 दिनों से जारी युद्ध से बदहाल बच्चे, 52 लाख को सहायता की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने कहा है कि यूक्रेन में पिछले लगभग 100 दिनों से जारी युद्ध के जिस गति से और जिस स्तर पर, बच्चों के लिये विनाशकारी दुष्परिणाम हुए हैं, वैसा दूसरे विश्व युद्ध के बाद से नहीं देखा गया है. यूएन एजेंसी के अनुसार यूक्रेन में 30 लाख बच्चों और शरणार्थियों की मेज़बानी कर रहे देशों में, 22 लाख से अधिक बच्चों को मानवीय सहायता की ज़रूरत है.  

दक्षिण सूडान में जूबा के निकट नील नदी में बाढ़ में, एक लड़की स्कूल से घर वापसी के रास्ते पर नदी पार करते हुए.
© UNICEF/Bullen Chol

'सम्पन्न देशों में संसाधनों की अति-खपत', बच्चों के स्वास्थ्य पर जोखिम 

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि अधिकांश सम्पन्न देशों में संसाधनों का उपभोग अधिक होने से, विश्व भर में बच्चों के लिये अस्वस्थ, ख़तरनाक व हानिकारक परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं. यूनीसेफ़ ने बच्चों के स्वास्थ्य व पर्यावरण की रक्षा व उनके लिये बेहतर माहौल सुनिश्चित करने के लिये सुझाव प्रस्तुत किये हैं. 

बांग्लादेश में भीषण बाढ़ से 40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
© UNICEF

बांग्लादेश और भारत के असम में बाढ़ प्रभावितों के लिये राहत प्रयास

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने बांग्लादेश और भारत के असम राज्य में भीषण बाढ़ से प्रभावित लाखों बच्चों और उनके परिजनों तक सहायता पहँचाने के लिये प्रयास तेज़ किये हैं. यूएन बाल एजेंसी, बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छ जल और शिक्षा ज़रूरतों को पूरा करने के लिये, स्थानीय प्रशासन और साझीदारों के साथ मिलकर समन्वित प्रयासों में जुटी है. 

बेरूत बन्दरगाह पर विस्फोट का अनेक बच्चों पर गहरा मनोवैज्ञानिक असर हुआ है.
© UNICEF/Fouad Choufany

बेरूत धमाकों के एक वर्ष बाद भी कठिनाई में जीवन गुज़ार रहे परिवार - यूनीसेफ़

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने मंगलवार को एक सर्वेक्षण के नतीजे प्रकाशित किये हैं, जिनके मुताबिक़ लेबनान की राजधानी बेरूत के बन्दरगाह पर 4 अगस्त 2020 को हुए विनाशकारी धमाकों के एक वर्ष बाद, 98 फ़ीसदी परिवार ज़रूरतमन्द हालात में जीवन गुज़ार रहे हैं. 

यूनीसेफ़ स्टाफ़ और नेपाल की सेना ने एक अस्पताल के बाहर चिकित्सा टैण्ट स्थापित किया है.
© UNICEF Nepal

दक्षिण एशिया में संक्रमण की जानलेवा लहर - स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी बोझ

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने चेतावनी जारी की है कि दक्षिण एशिया के देशों में कोरोनावायरस संक्रमण की जानलेवा लहर से जिस तरह के हालात पैदा हो रहे हैं, वैसा इस क्षेत्र में पहले कभी नहीं देखा गया. यूनीसेफ़ के मुताबिक कोरोनावायरस संकट के कारण बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर हुआ है, देशों की नाज़ुक स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी बोझ है और उनके ढह जाने की आशंका वास्तविक है.

ग़ाज़ा पट्टी में हिंसा व लड़ाई में बड़ी संख्या में बच्चे प्रभावित हुए हैं.
© UNICEF/Eyad El Baba

ग़ाज़ा में हिंसा बच्चों के लिये त्रासदीपूर्ण, मानवीय राहत की पुकार

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की प्रमुख हेनरीएटा फ़ोर ने कहा है कि ग़ाज़ा में जारी हिंसा में 10 दिनों से भी कम समय में, कम से कम 60 बच्चों की मौत हुई है और 444 अन्य घायल हुए हैं. उन्होंने इस त्रासदी को टालने के लिये तत्काल लड़ाई रोके जाने और मानवीय राहत सम्भव बनाने की पुकार लगाई है. इस बीच, बुधवार को फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिये यूएन राहत एजेंसी (UNRWA) ने बढ़ते मानवीय संकट के मद्देनज़र तीन करोड़ 80 लाख डॉलर की अपील जारी की है.

नई दिल्ली के राष्ट्रमण्डल खेल गाँव में कोविड-19 उपचार केन्द्र में मरीज़ों का इलाज हो रहा है.
© UNICEF/Amarjeet Singh

भारत: जंगल में आग की तरह फैल रहा है संक्रमण, यूनीसेफ़ की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने चिन्ता जताई है कि भारत में कोविड-19 संक्रमण की नई लहर, देश भर में जंगल की आग की तरह फैल रही है. दक्षिण एशिया के अन्य देशों, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव में भी कोविड-19 संक्रमण के मामलों में तेज़ बढ़ोत्तरी के कारण, हालात गम्भीर हो गए हैं. यूएन एजेंसी के मुताबिक़ वायरस हर आयु वर्ग के लोगों को संक्रमित कर रहा है जिनमें बच्चे और नवजात शिशु भी हैं. 

भारत में यूनीसेफ़ की प्रतिनिधि, डॉक्टर यासमीन अली हक़.
UN News

भारत: कोविड-19 से निपटने के उपायों और वैक्सीन उत्पादन का विस्तार ज़रूरी

भारत में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में आई तेज़ी से भयावह स्थिति पैदा हो गई है. देश में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की प्रतिनिधि, डॉक्टर यासमीन अली हक़ ने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में कहा कि इस संकट के दौरान, सबसे अहम ज़रूरतों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए, टीकाकरण जारी रखना होगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वैश्विक महामारी पर जवाबी कार्रवाई के तहत सभी देशों को एक साथ मिलकर, वैक्सीन उत्पादन का दायरा व स्तर बढ़ाने के लिये रणनीति बनानी चाहिए.