अर्थव्यवस्था

अफ़ग़ानिस्तान में रोज़गार का संकट, महिलाओं पर विषमतापूर्ण असर

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक ताज़ा रिपोर्ट दर्शाती है कि अफ़ग़ानिस्तान में अगस्त 2021 में, देश की सत्ता पर तालेबान का क़ब्ज़ा होने के बाद से, वर्ष की तीसरी तिमारी में पाँच लाख से अधिक रोज़गार ख़त्म हो गए हैं. यूएन श्रम एजेंसी ने आशंका जताई है कि वर्ष 2022 के मध्य तक यह संख्या नौ लाख तक पहुँच सकती है. 

'अफ़ग़ान लोगों की मदद करने का समय, निकल रहा है हाथों से'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने क्षोभ जताते हुए कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में आम नागरिक एक दुस्वप्न जी रहे हैं और उनकी सहायता किये जाने के लिये समय बीता जा रहा है. उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से अफ़ग़ान लोगों की सहायता करने और तालेबान से बुनियादी स्वतंत्रताओं का सम्मान किये जाने की अपील की है.

विश्व बैंक: कोविड-19 के नए रूपों और बढ़ते क़र्ज़ से, वैश्विक आर्थिक विकास ख़तरे में

विश्व बैंक ने अपनी एक नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि अगले दो वर्षों में, कोविड-19 के नए रूपों के "ताज़ा ख़तरों" व बढ़ती मुद्रास्फ़ीति, ऋण और आय असमानता के कारण, वैश्विक विकास की गति धीमी होगी.

अफ़ग़ानिस्तान: मानवीय संकट से बुनियादी अधिकारों पर जोखिम; राहत अभियान में तेज़ी

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने, जिनीवा स्थित मानवाधिकार परिषद को अफ़ग़ानिस्तान में हालात से अवगत कराते हुए कहा है कि बुनियादी अधिकारों व स्वतंत्रताओं के लिये सम्मान सुनिश्चित किया जाना, देश में स्थिरता के नज़रिये से बेहद अहम है. इस बीच, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), ज़रूरतमन्दों तक सहायता पहुँचाने के लिये अपने राहत अभियान तेज़ कर रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान संकट: दृढ़ संकल्प के साथ त्वरित कार्रवाई का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में स्थिरता सुनिश्चित करने और स्थानीय जनता के बेहतर भविष्य के लिये देशों को एकजुट होकर, तत्काल कार्रवाई करनी होगी. यूएन प्रमुख ने अफ़ग़ानिस्तान मुद्दे पर, बुधवार को ईरान द्वारा आयोजित एक क्षेत्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए यह बात कही है.

अफ़ग़ान लोगों को आर्थिक संकट से उबारने के लिये 'जन अर्थव्यवस्था' कोष

संयुक्त राष्ट्र ने गुरूवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की अर्थव्यवस्था बिखर जाने के कगार पर पहुँच गई है और आने वाले महीनों में, केवल तीन प्रतिशत घरों को छोड़कर, बाक़ी पूरी आबादी के, ग़रीबी की रेखा से नीचे चले जाने की आशंका प्रबल है.

कोविड-19: विषमतापूर्ण पुनर्बहाली के बीच, वैश्विक निवेश के स्तर में सुधार

पिछले वर्ष कोविड-19 महामारी के कारण प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ़डीआई) में आई बड़ी गिरावट के बाद, वर्ष 2021 की पहली छमाही में निवेश में मज़बूत सुधार देखने को मिला है और छह महीनों में इसने 852 अरब डॉलर के स्तर को छुआ है. यह सुधार अनुमान से कहीं बेहतर बताया गया है. 

देशों से, अफ़ग़ान शरणार्थियों के बिछड़े हुए परिवारों को मिलाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने शुक्रवार को देशों से आग्रह किया है कि अफ़ग़ान शरणार्थियों के परिवारों को फिर से मिलाने के लिये तेज़ी से प्रयास किये जाने होंगे. यूएन एजेंसी ने आगाह किया कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट गहरा रहा है और बड़ी संख्या में शरणार्थियों के परिजन या तो देश में ही पीछे छूट गए हैं या फिर अन्य पड़ोसी देशों में विस्थापित के रूप में रहने के लिये मजबूर हैं.

अफ़ग़ानिस्तान में बदहाल मानवीय हालात – तापमान गिरावट से बढ़ी चुनौतियाँ

अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट निरन्तर गम्भीर होता जा रहा है और मौजूदा हालात में लगभग दो करोड़ ज़रूरतमन्द लोगों तक राहत पहुँचाने के लिये आपात सहायता धनराशि की जल्द से जल्द आवश्यकता है. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने ठिठुरा देने वाली सर्दी का मौसम आने से पहले, मानवीय राहत अभियान के लिये एक नया केन्द्र स्थापित किये जाने की बात कही है.
 

अफ़ग़ानिस्तान के लिये एक ‘अति महत्वपूर्ण क्षण’ - विश्व समुदाय से सहायता कार्रवाई की पुकार 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अफ़ग़ानिस्तान में गहराते मानवीय संकट के बीच, देश के लिये इसे एक बेहद अहम लम्हा क़रार देते हुए, विश्व भर से सहायता कार्रवाई का आहवान किया है. उन्होंने आगाह किया है कि अफ़ग़ान नागरिकों को अगर समय रहते मदद नहीं पहुँचाई गई तो इसके गम्भीर नतीजे देखने को मिल सकते हैं.