अनुकूलन

महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई के लिये 'समय बीता जा रहा है'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन के वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप26) से चँद हफ़्ते पहले, देशों से कार्बन उत्सर्जन घटाने और जलवायु कार्रवाई के लिये वित्त पोषण सुनिश्चित करने का आहवान किया है. यूएन प्रमुख ने गुरूवार को इटली के मिलान शहर में सम्मेलन से पहले तैयारियों के तहत आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक को सम्बोधित करते हुए यह बात कही है.

जल-सम्बन्धी त्रासदियाँ बड़ी चुनौती – सुदृढ़ बुनियादी ढाँचे में निवेश पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि वैश्विक जलवायु संकट के कारण, जल-सम्बन्धी त्रासदियाँ पहले से कहीं ज़्यादा गहन व गम्भीर हो रही हैं, जिससे ज़िन्दगियों व आजीविकाओं पर जोखिम बढ़ रहा है. 

जलवायु संकट: नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन के संकल्प की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी देशों से, वर्ष 2050 तक नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य साकार करने का आहवान किया है, ताकि इस सदी के अन्त तक, वैश्विक तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की विनाशकारी बढ़ोत्तरी को टाला जा सके. उन्होंने गुरूवार को जर्मनी के पीटर्सबर्ग में आयोजित उच्चस्तरीय जलवायु बैठक को सम्बोधित करते हुए भरोसा जताया है कि कार्बन उत्सर्जन से उपजे पर्यावरणीय झटकों के सबसे ख़राब प्रभावों की रोकथाम अब भी सम्भव है.

जलवायु शिखर बैठक – ग्रह के लिये 'रैड ऐलर्ट', यूएन प्रमुख की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण, दुनिया रसातल के कगार पर है और विश्व नेताओं को तत्काल कार्रवाई करते हुए, ग्रह को हरित मार्ग पर ले जाना होगा. यूएन प्रमुख ने गुरूवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडेन द्वारा आयोजित एक वर्चुअल जलवायु शिखर बैठक को सम्बोधित करते हुए, पेरिस जलवायु समझौते में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिये महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई की पुकार लगाई है.

महत्वाकाँक्षा, निर्णय क्षमता, स्पष्टता – जलवायु कार्रवाई के मन्त्र

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी की वजह से महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई में देरी नहीं की जा सकती और वर्चुअल वार्ताओं के ज़रिये तेज़ी से आगे बढ़ना होगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र, प्रभावित समुदायों तक मदद पहुँचाने, देशों को पूर्ण समर्थन प्रदान करने और सभी की आवाज़ सुने जाने के लिये संकल्पबद्ध है और महत्वाकाँक्षी कार्रवाई के लिये स्पष्टता व निर्णायक ढंग से आगे बढ़ा जाना होगा. 

जलवायु अनुकूलन कार्यक्रमों के लिये वित्तीय संसाधनों की पुकार 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायुअनुकूलन और बदलवी जलवायु के प्रति सहनक्षमता विकसित करने की योजनाओं के लिये तात्कालिक रूप से वित्तीय संसाधनों का स्तर बढ़ाने का आहवान किया है. यूएन प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा है कि इन क्षेत्रों में निवेश के ज़रिये सूखा, बाढ़ और बढ़ते समुद्री जलस्तर जैसे जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से वास्तविक और स्थाई रक्षा सुनिश्चित की जा सकती है. 

पेरिस जलवायु समझौता: एक नज़र

अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडेन ने पेरिस जलवायु समझौते में, फिर से शामिल होने की घोषणा की है. पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने, वर्ष 2020 में, अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से हटा लिया था. इस सन्दर्भ में, पेरिस जलवायु समझौता एक बार फिर से ज़ोरदार चर्चा में आ गया है. यहाँ प्रस्तुत है - कुछ बुनियादी जानकारी...

 

नई 'जलवायु वास्तविकता' के अनुरूप बदलाव ज़रूरी, अन्यथा गम्भीर क्षति का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन अनुकूलन प्रयासों में प्रगति हुई है, इसके बावजूद बाढ़, सूखा और बढ़ता समुद्री जलस्तर, जैसी अन्य चुनौतियों से असरदार ढँग से निपटने के लिये पर्याप्त वित्तीय संसाधनों का अभाव है. यूएन एजेंसी ने गुरुवार को ‘Adaptation Gap’ नामक  रिपोर्ट को जारी कर सचेत किया है कि पुख़्ता जलवायु कार्रवाई के बग़ैर दुनिया को गम्भीर मानवीय व आर्थिक क्षति झेलनी पड़ेगी.

यूएन व्यवस्था में कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में सार्थक प्रगति

संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था ने वर्ष 2019 में अपने कामकाज से पर्यावरण पर हो रहे असर को कम करने की दिशा में ठोस प्रगति जारी रखी है. मौजूदा प्रयासों के तहत उत्सर्जन में कटौती आँकी गई है और आधुनिक पर्यावरण प्रबन्धन प्रणाली को लागू करने में सफलता मिली है. 

कोविड-19 महामारी से उबरने में महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई पर ज़ोर

विकासशील देश जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबल करने के लिये ज़्यादा महत्वाकाँक्षी योजनाओं पर काम कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के मुताबिक इन प्रयासों के तहत कोविड-19 से उबरने और हरित पुनर्बहाली की दिशा में आर्थिक स्फूर्ति पैकेजों का सहारा लिया जा रहा है.