आमदनी

निकारागुआ की एक कपड़ा फ़ैक्टरी में एक महिलाकर्मी
ILO Photo/Marcel Crozet

कोविड से पुनर्बहाली के दौरान, कम ही महिलाएँ लौट पाएंगी रोज़गार में

संयुक्त राष्ट्र की श्रम एजेंसी – ILO की सोमवार को जारी एक नई अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान जो रोज़गार व आमदनी वाले कामकाज ख़त्म हो गए, संकट से उबरने यानि पुनर्बहाली के प्रयासों के दौरान फिर से रोज़गार व आमदनी वाले कामकाज हासिल करने वाली महिलाओं की संख्या, पुरुषों की तुलना में कम होगी. 

कोटे डीवॉयर के अबीदजान इलाक़े में, कोविड-19 के दौरान सड़कों पर दवाइयाँ बेचती तीन युवा महिलाएँ.
ILO/Jennifer A. Patterson

'कोविड-19: वेतनों पर महामारी की तबाही की अभी तो शुरुआत है'

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के प्रमुख ने आगाह करते हुए कहा है कि कोविड-19 महामारी की वैक्सीन आने के बाद भी, दुनिया भर में, लोगों के वेतन व रोज़गारों पर पड़ रहे दबाव नहीं रुकेंगे. संगठन के महानिदेशक गाय रायडर ने बुधवार को यह चेतावनी ऐसे समय जारी की है जब महामारी के कारण दुनिया भर में वेतन और भत्तों में बढ़ोत्तरी को धीमा बना दिये जाने या उलट दिये जाने के बारे में एक अहम रिपोर्ट जारी हो रही है.