अभिव्यक्ति

2020 में 62 पत्रकारों को, अपने पेशे के कारण खोनी पड़ी अपनी ज़िन्दगी

संयुक्त राष्ट्र के सांस्कृतिक संगठन – UNESCO के अनुसार, केवल वर्ष 2020 के दौरान ही, 62 पत्रकारों की हत्या, उनके कामकाज के कारण कर दी गई थी. ये संगठन मीडियाकर्मियों की सुरक्षा के लिये भी काम करता है. संगठन के अनुसार वर्ष 2006 और 2020 के बीच, 1200 से भी ज़्यादा मीडियाकर्मियों को, अपना कामकाज करने के लिये अपनी जान गँवानी पड़ी.

'मीडिया-लोकतांत्रिक समाजों की आधारशिला'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को तमाम देशों की सरकारों से आग्रह किया है कि वो स्वतंत्र, निष्पक्ष और विविधतापूर्ण मीडिया को समर्थन व सहयोग देने के लिये, वो सब सुनिश्चित करें, जो उनकी शक्ति के अन्तर्गत किया जा सकता है. यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त ने भी मीडिया को, “लोकतांत्रिक समाजों की आधारशिला” बताया है.

प्रेस लोकतांत्रिक समाजों की आधारशिला, विश्व दिवस पर यूएन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को तमाम देशों की सरकारों से आग्रह किया है कि वो स्वतंत्र, निष्पक्ष और विविधतापूर्ण मीडिया को समर्थन व सहयोग देने के लिये, वो सब सुनिश्चित करें, जो उनकी शक्ति के अन्तर्गत किया जा सकता है. यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त ने भी मीडिया को, “लोकतांत्रिक समाजों की आधारशिला” बताया है.

म्याँमार: प्रदर्शनों में महिलाओं के विरुद्ध लक्षित हिंसा पर चिन्ता

महिलाधिकारों की संरक्षा के लिये काम करने वाली, संयुक्त राष्ट्र संस्था – यूएन वीमैन ने, म्याँमार में, शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की दमनात्मक कार्रवाई में, महिलाओं को निशाना बनाए जाने और उनके ख़िलाफ़ अत्यधिक हिंसा पर गम्भीर चिन्ताएँ व्यक्त की हैं.

म्याँमार: प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध, सुरक्षा बलों द्वारा कथित बल प्रयोग पर 'गम्भीर चिन्ताएँ'

म्याँमार में संयुक्त राष्ट्र ने, मंगलवार को, उन प्रदर्शनकारियों पर, सुरक्षा बलों द्वारा कथित रूप से बल प्रयोग किये जाने पर गम्भीर चिन्ताएँ व्यक्त की हैं, जिन्होंने, हाल ही में देश की सत्ता पर सेना द्वारा क़ब्ज़ा किये जाने और अनेक राजनैतिक हस्तियों को गिरफ़्तार किये जाने के विरोध में प्रदर्शन किये हैं.

कम्बोडिया: मानवाधिकार कार्यक्षेत्र को सीमित करने के प्रयासों की आलोचना

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक समूह ने कम्बोडिया में सिविल सोसायटी पर बढ़ते प्रतिबन्धों पर चिन्ता व्यक्त की है और व्यवस्थित रूप से बन्दी बनाए गए मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को तुरन्त रिहा करने और उनका आपराधिकरण रोके जाने का आग्रह किया है. 

अन्याय का सामना करने के लिये उठ खड़े हों, मिशेल बाशेलेट की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का नया सत्र जिनीवा में मंगलवार को शुरू हुआ जिसमें सदस्य देशों ने निजी तौर पर इसमें शिरकत की. यूएन मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने तमाम देशों से आग्रह किया कि वो हर जगह अन्याय का मुक़ाबला करने के लिये हर सम्भव प्रयास व उपाय करने में कोई कमी ना छोड़ें.

पत्रकारिता पर जोखिम: पत्रकारों पर बढ़ते हमलों के बारे में ख़तरे की घण्टी

यूएन सांस्कृतिक एजेंसी – यूनेस्को ने कहा है कि वर्ष 2020 में पत्रकारों पर बल प्रयोग बहुत तेज़ी से बढ़ा है और इस वर्ष दुनिया भर में 21 ऐसे प्रदर्शन हुए जिनमें सरकारी सुरक्षा बलों ने पत्रकारों के अधिकारों का उल्लंघन किया.

भारत से जम्मू कश्मीर में चिन्ताजनक मानवाधिकार स्थिति का तत्काल हल निकालने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत सरकार और अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से जम्मू कश्मीर में आम आबादी के मानवाधिकारों का उल्लंघन जारी रहने की स्थिति पर ध्यान देने के लिये तुरन्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है. इन मानवाधिकार विशेषज्ञों ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म किये जाने का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर ये पुकार लगाई है.

कोविड-19: एशियाई देशों से अभिव्यक्ति की आज़ादी को नहीं दबाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि एशिया-प्रशान्त क्षेत्र के दर्जन से भी ज़्यादा देशों ने कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों के तहत अभिव्यक्ति की आज़ादी को भी दबाया है जो बहुत चिन्ताजनक है.