अभिव्यक्ति

तुर्कीये के इस्तान्बूल शहर का एक नज़ारा.
Unsplash/Fatih

तुर्कीये: ‘दुष्प्रचार विधेयक’ के मानवाधिकार नतीजों पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने तुर्कीये की संसद में, विभिन्न क़ानूनों में अनेक संशोधनों के एक पैकेज पर चिन्ता व्यक्त की है जिनसे, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित होने का जोखिम है.

ईरान की राजधानी तेहरान का एक आसमानी दृश्य.
© Unsplash/Mahyar Motebassem

ईरान: ‘अनुचित' हिजाब गिरफ़्तारी के बाद, महिला की मौत पर गम्भीर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र की कार्यवाहक मानवाधिकार उच्चायुक्त नादा अल-नशीफ़ ने ईरान में एक महिला की हिरासत में मौत होने पर चिन्ता व्यक्त की. महसा अमीनी इस महिला को "अनुचित" हिजाब पहनने के कारण हिरासत में लिया गया था.

रूस की राजधानी मॉस्को का एक दृश्य
UN Photo/Paulo Filgueiras

‘रूस सरकार सिविल सोसायटी को दिन ब दिन ध्वस्त कर रही है’

संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ मैरी लॉलर ने बुधवार को रूस सरकार से, मानवाधिकार पैरोकारों पर दमनकारी कार्रवाई बन्द करने का आहवान किया है. उन्होंने कहा है कि रूस सरकार, दिन ब दिन, सिविल सोसायटी को ध्वस्त कर रही है.

सांझ होने पर, प्रकाश करने की यहूदी परम्परा की एक तस्वीर.
UNIC Rio

'धर्म या आस्था पर आधारित हिंसा के पीड़ितों के लिये एकजुटता की ज़रूरत'

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने धर्म या आस्था के आधार पर हिंसक कृत्यों के पीड़ितों के लिये मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर, उन लोगों को अपना समर्थन दोहराया है जिन्होंने तकलीफ़ें उठाई हैं. 

इराक़ की राजधानी बग़दाद में एक बाज़ार के दृश्य (फ़ाइल फ़ोटो)
UNAMI/Sarmad al-Safy

इराक़: तनाव कम करने और मतभेदों से ऊपर उठने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश इराक़ में जारी प्रदर्शनों पर “चिन्तित नज़र” रखे हुए हैं जिनमें अनेक लोग घायल हुए हैं. उनके उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने शनिवार को ये जानकारी दी.

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में अफ़ग़ान राष्ट्रीय पत्रकार दिवस (मार्च 2019) के मौक़े पर वहाँ पत्रकारों के प्रति एकजुटता जताने के लिए एकत्रित मीडियाकर्मी.
UNAMA/Fardin Waezi

2020 में 62 पत्रकारों को, अपने पेशे के कारण खोनी पड़ी अपनी ज़िन्दगी

संयुक्त राष्ट्र के सांस्कृतिक संगठन – UNESCO के अनुसार, केवल वर्ष 2020 के दौरान ही, 62 पत्रकारों की हत्या, उनके कामकाज के कारण कर दी गई थी. ये संगठन मीडियाकर्मियों की सुरक्षा के लिये भी काम करता है. संगठन के अनुसार वर्ष 2006 और 2020 के बीच, 1200 से भी ज़्यादा मीडियाकर्मियों को, अपना कामकाज करने के लिये अपनी जान गँवानी पड़ी.

पूर्वी योरोप के मोलदोवा में एक कार्यक्रम की कवरेज के लिये जुटे पत्रकार.
© UNICEF Moldova

'मीडिया-लोकतांत्रिक समाजों की आधारशिला'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को तमाम देशों की सरकारों से आग्रह किया है कि वो स्वतंत्र, निष्पक्ष और विविधतापूर्ण मीडिया को समर्थन व सहयोग देने के लिये, वो सब सुनिश्चित करें, जो उनकी शक्ति के अन्तर्गत किया जा सकता है. यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त ने भी मीडिया को, “लोकतांत्रिक समाजों की आधारशिला” बताया है.

चीन के शंघाई में, एक प्रेस कार्यक्रम के दौरान मीडियाकर्मी
Unsplash/Zeg Young

प्रेस लोकतांत्रिक समाजों की आधारशिला, विश्व दिवस पर यूएन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को तमाम देशों की सरकारों से आग्रह किया है कि वो स्वतंत्र, निष्पक्ष और विविधतापूर्ण मीडिया को समर्थन व सहयोग देने के लिये, वो सब सुनिश्चित करें, जो उनकी शक्ति के अन्तर्गत किया जा सकता है. यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त ने भी मीडिया को, “लोकतांत्रिक समाजों की आधारशिला” बताया है.

महिलाधिकारों व लैंगिक समानता के लिये काम करने वाले संगठन - यूएन वीमैन की कार्यकारी निदेशक फ़ूमज़िले म्लाम्बो-न्ग्यूका.
UN Photo/Mark Garten

म्याँमार: प्रदर्शनों में महिलाओं के विरुद्ध लक्षित हिंसा पर चिन्ता

महिलाधिकारों की संरक्षा के लिये काम करने वाली, संयुक्त राष्ट्र संस्था – यूएन वीमैन ने, म्याँमार में, शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की दमनात्मक कार्रवाई में, महिलाओं को निशाना बनाए जाने और उनके ख़िलाफ़ अत्यधिक हिंसा पर गम्भीर चिन्ताएँ व्यक्त की हैं.

म्याँमार की पूर्व राजधानी और व्यावसायिक केन्द्र यंगून के एक बाहरी इलाक़े में नज़र आता एक पगोड़ा.
Unsplash/Kyle Petzer

म्याँमार: प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध, सुरक्षा बलों द्वारा कथित बल प्रयोग पर 'गम्भीर चिन्ताएँ'

म्याँमार में संयुक्त राष्ट्र ने, मंगलवार को, उन प्रदर्शनकारियों पर, सुरक्षा बलों द्वारा कथित रूप से बल प्रयोग किये जाने पर गम्भीर चिन्ताएँ व्यक्त की हैं, जिन्होंने, हाल ही में देश की सत्ता पर सेना द्वारा क़ब्ज़ा किये जाने और अनेक राजनैतिक हस्तियों को गिरफ़्तार किये जाने के विरोध में प्रदर्शन किये हैं.