आर्थिक विकास

दुनिया का पेट भरने में, ग्रामीण महिलाओं की अहम भूमिका रेखांकित करता दिवस

लैंगिक समानता व महिलाओं की बेहतरी के लिये सक्रिय संयुक्त राष्ट्र संस्था – यूएन वीमैन का कहना है कि वैसे तो ग्रामीण इलाक़ों में महिलाएँ व लड़कियाँ, खाद्य प्रणालियों में बहुत अहम व ज़रूरी भूमिका निभाती हैं मगर, फिर भी उन्हें पुरुषों के समान अधिकार व शक्ति हासिल नहीं है, इसलिये उन्हें आमदनी भी कम होती है. इसके अलावा, महिलाओं व लड़कियों को उच्च स्तर की खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ता है.

कपास है 10 करोड़ से भी ज़्यादा परिवारों की आय का सहारा

कपास (कॉटन) की एक मीट्रिक टन मात्रा, औसतन पाँच लोगों को रोज़गार मुहैया कराती है, अक्सर दुनिया के सबसे ज़्यादा हाशिये वाले क्षेत्रों में; इस तरह कपास से, दुनिया भर में, कुल मिलाकर, लगभग 10 करोड़ परिवारों की आजीविका चलती है.

विश्व पर्यावास दिवस: हरित व ऊर्जा कुशल नगरों के अनगिनत लाभ

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि नगरों को और ज़्यादा पर्यावरण अनुकूल बनाने के बहुत सारे लाभ हैं, जिनमें कम जलवायु जोखिम, ज़्यादा रोज़गार, और बेहतर स्वास्थ्य व रहन-सहन जैसे फ़ायदे शामिल हैं.

लेबनान: ईंधन व बिजली आपूर्ति में बाधा से, 'मानवीय त्रासदी' की आशंका

लेबनान में, संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष सहायता अधिकारी नजत रोश्दी ने आगाह करते हुए कहा है कि देश में, आशंकित मानवीय त्रासदी को टालने के लिये, ईंधन व बिजली की भरोसेमन्द व तत्काल आपूर्ति की सख़्त ज़रूरत है.

खाद्य प्रणालियों में बदलाव, कोविड संकट में भी आशा की किरण

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि एक टिकाऊ और समृद्ध ग्रह तभी हासिल हो सकता है जब हम सभी एक साथ मिलकर और एकजुटता के साथ काम करें. उन्होंने एक प्रमुख वैश्विक खाद्य सुरक्षा सम्मेलन की समाप्ति के अवसर पर ये बात कही है.

एकजुट होकर करना होगा, भुखमरी का मुक़ाबला, यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि वैश्विक स्तर पर अकुशल खाद्य उत्पादन, दरअसल भुखमरी में भारी वृद्धि के साथ-साथ, कार्बन उत्सर्जन के एक तिहाई हिस्से और जैव विविधता के 80 प्रतिशत नुक़सान के लिये ज़िम्मेदार है. उन्होंने सभी देशों से टिकाऊ विकास की रफ़्तार बढ़ाने के लिये, खाद्य प्रणालियों में व्यापक बदलाव करने का आग्रह किया है.

संकट में से अवसर: महामारी से उबरने के उपायों पर चर्चा के लिये उच्च स्तरीय यूएन फ़ोरम

दुनिया भर से अनेक देशों की सरकारों, कारोबारों और सिविल सोसायटी की हस्तियाँ, टिकाऊ विकास पर इस वर्ष के उच्च स्तरीय राजनैतिक फ़ोरम में शिरकत करने की तैयारी कर रही हैं जो मंगलवार 6 जुलाई को शुरू हो रहा है. इसमें कोविड-19 महामारी के प्रभाव से उबरने के रास्तों पर चर्चा होगी. साथ ही इस जानलेवा स्वास्थ्य संकट को एक ज़्यादा टिकाऊ वैश्विक अर्थव्यवस्था की तरफ़ प्रमुख मोड़ देने के लिये, एक अवसर में तब्दील करने पर भी बातचीत होगी.

कोविड-19: सामाजिक संरक्षा उपाय जीवनदायक, मगर धनी व निर्धन देशों के बीच खाई 

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि कोविड-19 महामारी के दौरान, अभूतपूर्व संख्या में सामाजिक संरक्षा उपाय शुरू किये गए हैं, मगर इससे धनी व निर्धन देशों के बीच बढ़ती खाई को पाट पाने में सफलता नहीं मिल पाई है.

सूडान के शान्तिपूर्ण और टिकाऊ भविष्य में निवेश करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को पेरिस में हुए एक प्रमुख निवेश सम्मेलन में कहा है कि सूडान के लिये अन्तरराष्ट्रीय सहायता जारी रहना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि देश, ऐतिहासिक राजनैतिक और आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है.

एशिया-प्रशान्त देशों से, इनसानों व पृथ्वी को प्राथमिकता देने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने एशिया व प्रशान्त क्षेत्र के देशों का आहवान किया है कि वो कोविड-19 महामारी से उबरने के अपने प्रयास व रणनीति, पुराने पड़ चुके और अरक्षणीय आर्थिक ढाँचों पर आधारित ना करें. उन्होंने साथ ही ये पुकार भी लगाई  है कि विश्व की सबसे ज़्यादा आबादी वाले इस क्षेत्र में, पर्यावरण का संरक्षण हो और सभी को अवसर मिलें.