आँग सान सू ची

म्याँमार: 'लोकतन्त्र दरकिनार', देश के राजदूत ने की तख़्तापलट की निन्दा

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत क्रिस्टीन श्रेंगेर बुर्गेनेर ने कहा है कि देश में, 1 फ़रवरी को सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के बाद, व्यापक स्तर पर प्रदर्शन, हिंसा और गिरफ़्तारियों का सिलसिला जारी है, देश की काउंसिलर आँग सान सू ची अब भी हिरासत में हैं, इन सभी हालात को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि “लोकतान्त्रिक प्रक्रियाएँ दरकिनार कर दी गई हैं.”  

म्याँमार संकट: तख़्तापलट के ज़िम्मेदारों के विरुद्ध, कड़ी कार्रवाई की माँग

संयुक्त राष्ट्र की उप मानवाधिकार उच्चायुक्त नदा अल नाशीफ़ और म्याँमार पर स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ थॉमस एण्ड्रयूज़ ने, देश में, पिछले सप्ताह ‘सत्ता का तख़्तापलट’ करने वाली हस्तियों के विरुद्ध लक्षित प्रतिबन्ध लगाने का आहवान किया है. इस बीच म्याँमार में जारी स्थिति पर चर्चा करने के लिये, शुक्रवार को, यूएन मानवाधिकार परिषद का विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें म्याँमार में बन्दी बनाई गई राजनैतिक हस्तियों की तुरन्त रिहाई की माँग करने वाला प्रस्ताव पारित किया गया.

सुरक्षा परिषद: आँग सान सू ची की रिहाई की माँग, लोकतन्त्र के लिये समर्थन

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को जारी अपने प्रेस वक्तव्य में, म्याँमार में हाल ही में, सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के घटनाक्रम पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है. सुरक्षा परिषद ने साथ ही, देश की निर्वाचित नेता आँग सान सू ची और विन म्यिन्त की तत्काल रिहाई का आग्रह किया है.

म्याँमार में बन्दीकरण व सैन्य नियन्त्रण - लोकतान्त्रिक सुधारों के लिये भारी झटका, यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में सेना द्वारा देश की काउंसलर आँग सान सू ची और राष्ट्रपति विन म्यिन्त सहित अनेक राजनैतिक नेताओं और सरकारी अधिकारियों को हिरासत में लिये जाने की तीखी निन्दा की है.

आंग सान सू ची ने जनसंहार के आरोपों में किया म्याँमार का बचाव

म्याँमार की राजनैतिक नेता आँग सान सू ची ने संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पेश होते हुए कहा है कि उनका देश राख़ीन प्रांत में मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को क़तई बर्दाश्त नहीं करेगा और अगर युद्धापराध हुए हैं तो सेना पर मुक़दमा चलाया जाएगा. ग़ौरतलब है कि गांबिया ने म्याँमार की सेना पर रोहिंज्या लोगों पर बड़े पैमाने पर अत्याचार करने और युद्धापराधों के आरोपों में आईसीजे में मुक़दमा दायर किया है.