आईसीजे

आँग सान सू ची - आईसीजे में

म्याँमार के रख़ाइन प्रान्त में रोहिंज्या आबादी के जनसंहार करने के कथित अपराधों के आरोप में गांबिया ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में मुकदमा दायर किया. इस मुक़दमे पर दिसंबर 2019 में सुनवाई हुई. म्याँमार की राजनैतिक नेता आँग सान सू ची ने न्यायालय में पेश होकर अपने देश का बचाव किया.

आंग सान सू ची ने जनसंहार के आरोपों में किया म्याँमार का बचाव

म्याँमार की राजनैतिक नेता आँग सान सू ची ने संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पेश होते हुए कहा है कि उनका देश राख़ीन प्रांत में मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को क़तई बर्दाश्त नहीं करेगा और अगर युद्धापराध हुए हैं तो सेना पर मुक़दमा चलाया जाएगा. ग़ौरतलब है कि गांबिया ने म्याँमार की सेना पर रोहिंज्या लोगों पर बड़े पैमाने पर अत्याचार करने और युद्धापराधों के आरोपों में आईसीजे में मुक़दमा दायर किया है.

रोहिंज्या के ख़िलाफ़ अपराधों की जाँच के लिए आईसीसी की हरी झंडी

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय आईसीसी ने रोहिंज्या समुदाय के लोगों के मामले में कथित तौर पर मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों की जाँच के लिए हरी झंडी दे दी है. इनमें मुख्य रूप से रोहिंज्या लोगों के विस्थापन का मामला है जिसकी वजह से 2016 से अब तक म्याँमार से लाखों रोहिंज्या लोग सुरक्षा की तलाश में पड़ोसी देश बांग्लादेश पहुँचे चुके हैं जो वहाँ शरणार्थी हैं. रोहिंज्या शरणार्थियों की संख्या छह से 10 लाख के बीच बताई जाती है.

गांबिया का रोहिंग्या मामले में म्याँमार पर जनसंहार का मुक़दमा

गांबिया ने म्याँमार पर जैनोसाइड कन्वेंशन यानी जनसंहार कन्वेंशन के प्रावधानों के तहत अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मुक़दमा दर्ज किया है. गांबिया का आरोप है कि म्याँमार ने रोहिंग्या समुदाय के लोगों के ख़िलाफ़ इस तरह की कार्रवाई की है और अन्य कार्रवाइयों को समर्थन भी दिया है जो जैनोसाइड कन्वेंशन का उल्लंघन हैं.