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12 मानवीय संकटों में करोड़ों ज़िन्दगियों तक सहायता पहुँचाने की मुहिम

अफगानिस्तान के काबुल में विश्व खाद्य कार्यक्रम के एक गोदाम में पुरुष फोर्टिफाइड गेहूं के आटे की बोरियां एक ट्रक पर लाद रहे हैं।
© WFP/Arete/Andrew Quilty अफ़ग़ानिस्तान में राजनैतिक अस्थिरता के बावजूद, यूएन एजेंसियाँ मानवीय राहत पहुँचाने में जुटी हैं.

12 मानवीय संकटों में करोड़ों ज़िन्दगियों तक सहायता पहुँचाने की मुहिम

मानवीय सहायता

हमें 8.7 करोड़ लोगों तक पहुँचना है और हमारे पास खोने के लिए समय नहीं है. यूएन मानवतावादी कार्यालय के प्रमुख टॉम फ़्लैचर ने इसी सन्देश के साथ शुक्रवार को 16 करोड़ डॉलर की धनराशि जारी की है, ताकि दुनिया में उन 12 संकटग्रस्त इलाक़ों के लिए मदद मुहैया कराई जा सके, जिन पर अक्सर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता है.

विश्व के सबसे उपेक्षित संकटों, आपात स्थिति वाले इलाक़ों तक मानवीय सहायता पहुँचाना केवल धनराशि मुहैया कराने से कहीं बढ़कर है. इसके लिए, सड़कों, खुली सीमाओं के साथ उन नेताओं की भी ज़रूरत होती है, जो मदद को समय पर ज़रूरतमन्द आबादी तक पहुँचा सके. 

उन्होंने कहा कि हमें संकट से जूझ रहे 12 इलाक़ों में 8.7 करोड़ लोगों तक पहुँचना है और बर्बाद करने के लिए समय नहीं है.

इनमें अफ़ग़ानिस्तान, क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़े, दक्षिण सूडान, सूडान, यमन में मानवीय सहायता मार्ग मुहैया कराने के लिए कूटनैतिक प्रयासों की अपील की गई है. यदि ऐसा हुआ तो 1.1 करोड़ लोगों तक राहत पहुँचाने का मार्ग खुल जाएगा.

इसमें से 15 करोड़ डॉलर की धनराशि, यूएन के केन्द्रीय आपात प्रतिक्रिया कोष (CERF) के ज़रिए जारी की गई है. 

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2005 में इस कोष को स्थापित किया था, जोकि संकटग्रस्त इलाक़ों में ज़रूरतमन्द समुदायों की मानवीय सहायता और सुरक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करने के सबसे प्रभावी तरीक़ों में से है.

इस कोष का संचालन महासचिव की ओर से, संयुक्त राष्ट्र आपातकालीन राहत समन्वयक द्वारा किया जाता है.

इस रक़म को निम्न रूप से आवंटित किया गया है.

अफ़ग़ानिस्तान, क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़े और यमन: हर एक के लिए 1.8 करोड़ डॉलर

सोमालिया, सूडान: हर एक के लिए 1.6 करोड़ डॉलर

दक्षिण सूडान: 1.5 करोड़ डॉलर

बुरकिना फ़ासो, माली, निजेर: हर एक के लिए 1 करोड़ डॉलर

चाड: 90 लाख डॉलर

कैमरून: 60 लाख डॉलर

क्यूबा: 40 लाख डॉलर

उत्तरी बहर अल ग़ज़ल के वेडवेल शरणार्थी बस्ती में एक पोषण केंद्र में दक्षिण सूडानी महिलाएं और बच्चे मौजूद हैं, जहां एक महिला यूएसएआईडी द्वारा चिह्नित एक बॉक्स से पोषण पूरक वितरित कर रही है।
© WFP/ गैब्रिएला विवाक्वा दक्षिण सूडान के उत्तरी बहर अल ग़ज़ल में एक शरणार्थी बस्ती में माताओं को उनके बच्चों के लिए पोषण पूरक आहार दिया जा रहा है।

राजनैतिक इच्छाशक्ति ज़रूरी

इनके अलावा, इन 12 संकटग्रस्त देशों व इलाक़ों में एक करोड़ डॉलर की धनराशि विकलांगता की अवस्था में जीवन गुज़ार रहे व्यक्तियों के लिए मुहैया कराई गई है, ताकि उन तक राहत पहुँचाई जा सके.

आपात राहत मामलों के लिए यूएन अवर महासचिव टॉम फ़्लैचर ने बताया कि 16 करोड़ डॉलर की धनराशि के ज़रिए उन लोगों तक मदद पहुँचाई जाएगी, जो अन्यथा इससे दूर रह जाते.

“मगर इसके लिए केवल धन देना ही पर्याप्त नहीं है. नेताओं को अपनी राजनैतिक इच्छाशक्ति का परिचय देना होगा. रास्ता खोलना होगा, अवरोधों को हटाना होगा और संकट से जूझ रहे लोगों तक पहुँचने में हमारी मदद करनी होगी.” 

शुक्रवार को यह रक़म जारी करने के साथ वर्ष 2026 में CERF के तहत अब तक कुल 48.3 करोड़ डॉलर की धनराशि जारी की जा चुकी है.

पिछले दो दशकों के दौरान इस कोष के ज़रिए 117 से अधिक देशों और क्षेत्रों में करोड़ों लोगों तक 10 अरब डॉलर से अधिक की सहायता पहुँचाई गई है. इसमें 135 सदस्य देशों के साथ-साथ निजी दानदाताओं और व्यक्तिगत स्तर पर योगदान शामिल है. इस कोष के लिए हर वर्ष, एक अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा जाता है.