यूक्रेन: कीव पर घातक हमलों की निन्दा, महासचिव ने कहा ‘स्पष्ट उल्लंघन’
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को कीव पर इस वर्ष हुए सबसे घातक रूसी हमलों की निन्दा की. रातभर हुए इन हमलों में 17 लोगों की मौत हो गई और नागरिक बुनियादी ढाँचे को भारी नुक़सान पहुँचा.
युद्ध के शुरुआती दिनों के बाद यूक्रेन में नागरिकों के लिए सबसे घातक महीना दर्ज किए जाने के बीच, महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रूस और यूक्रेन के हाल के हमलों पर चिन्ता जताई है. इन हमलों में सैकड़ों नागरिक हताहत हुए हैं. उन्होंने इसे “अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून का स्पष्ट उल्लंघन” बताया.
उन्होंने कहा कि आबादी वाले इलाक़ों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं. इससे यूक्रेन में नागरिक हताहतों की संख्या रिकॉर्ड स्तर तक पहुँची है और घरों व नागरिक बुनियादी ढाँचे को भारी नुक़सान हुआ है. रूसी संघ में भी ऐसे हमले बढ़े हैं.
रातभर ख़ारकीव और दोनेत्स्क में हुए हमलों में क्रमशः एक और तीन लोगों की मौत हुई. संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार, दोनेत्स्क में प्रभावित लोगों को आश्रय, मनोसामाजिक सहायता और अन्य राहत सहायता पहुँचाई जा रही है.
इस बीच, रूसी अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को मॉस्को क्षेत्र में एक गोदाम पर यूक्रेनी हमले में पाँच लोगों की मौत हुई. सोमवार को क्रास्नोदार क्षेत्र के एक व्यस्त समुद्र तट पर ड्रोन हमले में सात लोग मारे गए.
दोनों पक्ष नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने से इनकार करते हैं. महासचिव ने ज़ोर दिया कि नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर सभी हमले तत्काल बन्द होने चाहिए.
हवाई हमलों में तेज़ी
पूर्वी यूक्रेन में 2023 से अग्रिम मोर्चे पर स्थिति लगभग स्थिर है. इस बीच रूस और यूक्रेन ने लम्बी दूरी के हवाई हमले तेज़ किए हैं. रूस शहरों और ऊर्जा ढाँचे को निशाना बना रहा है, जबकि यूक्रेन तेल रिफ़ाइनरियों और रसद केन्द्रों पर हमले कर रहा है.
इन हमलों की मंशा चाहे जो हो, आम नागरिक लगातार उनकी चपेट में आ रहे हैं.
इस वर्ष के पहले छह महीनों में संयुक्त राष्ट्र ने रूसी हमलों में लगभग 1,400 यूक्रेनी नागरिकों की मौत और क़रीब 8,000 के घायल होने की पुष्टि की है.
रूसी अधिकारियों ने इसी अवधि के आँकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन उनका कहना है कि 2022 से अब तक 8,000 से अधिक नागरिक मारे गए हैं. उनके अनुसार, जुलाई के आख़िरी सप्ताह में यूक्रेनी हमलों में कम से कम 61 लोगों की मौत हुई और 327 घायल हुए.
OCHA के अनुसार, यूक्रेन में एक करोड़ आठ लाख लोगों को मानवीय सहायता की ज़रूरत है, जबकि 38 लाख लोग अब भी देश के भीतर विस्थापित हैं.
यूएन प्रमुख ने काला सागर और उससे जुड़े अज़ोव सागर में बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर भी चिन्ता जताई है. इससे वैश्विक खाद्य आपूर्ति पर भी असर पड़ने का जोखिम है.
उन्होंने सभी पक्षों से नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और नागरिक समुद्री बुनियादी ढाँचे की रक्षा करने की अपील की.
संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने कहा, “महासचिव ने तनाव में तत्काल कमी लाने, पूर्ण और बिना शर्त युद्धविराम लागू करने तथा अन्तरराष्ट्रीय क़ानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सम्बन्धित यूएन प्रस्तावों के अनुरूप न्यायसंगत, टिकाऊ एवं व्यापक शान्ति स्थापित करने की अपील दोहराई है.”
राहतकर्मी भी हताहत
OCHA के अनुसार, ‘बेहद सीमित’ पहुँच और पर्याप्त सुरक्षा नहीं होने के कारण 2025 में यूक्रेन में काम के दौरान 25 राहतकर्मी मारे गए.
बुधवार को खेरसॉन शहर पर हुए ड्रोन हमले में यूक्रेनी ग़ैर-सरकारी संगठन ‘Successful Woman’ के दो कर्मचारी घायल हो गए. यह संगठन संयुक्त राष्ट्र के अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) का साझीदार है.
IOM ने कहा, “राहतकर्मियों को कभी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.”
मई में विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) मई में मानवीय सहायता के गोदामों, वाहनों, वितरण केन्द्रों और अन्य संसाधनों पर रूसी बलों के बारम्बार “जानबूझकर” किए गए हमलों की निन्दा की थी. WFP ने ऐसे 84 मामले दर्ज किए थे.
यूक्रेन में लम्बे समय से मौजूद संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ लोगों को सहायता देना जारी रखे हुए हैं. इनमें शरणार्थियों की सुरक्षा, आपातकालीन आश्रय, नक़द सहायता, शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ शामिल हैं.
यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय समन्वयक मैथियास श्माले ने कहा था, “आम नागरिकों, उनके घरों व जीवनरक्षक मानवीय सहायता को कभी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.”