सोमालिया: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से भूखे परिवारों को खाद्य सहायता
सोमालिया में भूख का संकट गहराता जा रहा है और लाखों लोगों को भोजन की तत्काल आवश्यकता है. ऐसे में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से संकटग्रस्त इलाक़ों की पहचान कर, ज़रूरतमन्द परिवारों तक समय पर खाद्य सहायता पहुँचाई जा रही है.
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के लिए अक्सर भुखमरी से जूझ रहे सभी 60 लाख सोमाली लोगों तक सहायता पहुँचाना सम्भव नहीं होता. ऐसे में ‘HungerMap Live’ मंच पर साझीदारों से मिले आँकड़ों का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से विश्लेषण किया जाता है. इससे उन इलाक़ों की पहचान की जा सकती है, जहाँ हालात बिगड़ रहे हैं, और समय रहते वहाँ ज़रूरी सहायता पहुँचाई जा सकती है.
सोमालिया जलवायु परिवर्तन के कारण बार-बार पड़ने वाले सूखे, अचानक आने वाली बाढ़ और 35 वर्षों से जारी हिंसक टकराव से जूझ रहा है, जिसमें लाखों लोगों की जान जा चुकी है.
अफ़्रीका के हॉर्न क्षेत्र में स्थित सोमालिया अपनी अधिकाँश खाद्य ज़रूरतों के लिए आयात पर निर्भर है. इसलिए मध्य पूर्व में जारी युद्ध जैसे वैश्विक घटनाक्रमों के कारण खाद्य क़ीमतों में होने वाली बढ़ोत्तरी का उस पर सीधा असर पड़ता है.
जून में WFP और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने सोमालिया को, उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया, सूडान, दक्षिण सूडान, यमन और फ़लस्तीन समेत उन क्षेत्रों की सूची में शामिल किया, जहाँ भुखमरी का ख़तरा सबसे अधिक है.
सोमालिया में WFP के संवेदनशीलता, विश्लेषण और मानचित्रण विभाग के प्रमुख साइमन रेंक ने कहा, “स्थिति बेहद गम्भीर है और आने वाले सप्ताहों व महीनों को लेकर मैं बहुत चिन्तित हूँ.”
बुरहकाबा में AI का इस्तेमाल
राजधानी मोगादिशु से लगभग 180 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित बुरहकाबा ज़िले के चिकित्सा केन्द्रों में बड़ी संख्या में गम्भीर रूप से कुपोषित बच्चों का इलाज किया जा रहा है.
‘HungerMap Live’ के AI उपकरणों की मदद से WFP के सहायता कर्मियों ने समय रहते ज़िले के गम्भीर हालात और तत्काल सहायता की आवश्यकता की पहचान की.
यह जानकारी मिलते ही एजेंसी ने 48 हज़ार लोगों को खाद्य सहायता और तीन हज़ार महिलाओं व बच्चों को पोषण सहायता मुहैया करवाई.
साइमन रेंक ने यूएन न्यूज़ से कहा, “बच्चों में कुपोषण की स्थिति और बिगड़ने तथा उनके विस्थापन या मौत का कारण बनने से पहले ही हमें संकट का पता चल गया था.”
पुरानी तकनीक, नई जीवनरक्षक क्षमता
जनवरी 2020 में शुरू किया गया ‘HungerMap Live’ एक सार्वजनिक मंच है, जो 90 से अधिक देशों में खाद्य सुरक्षा की स्थिति पर नज़र रखता है. यह खाद्य असुरक्षा, जलवायु, अर्थव्यवस्था, कृषि और महँगाई से जुड़े आँकड़ों का विश्लेषण करके उन इलाक़ों की पहचान करता है, जहाँ खाद्य संकट पहले से मौजूद है या हालात बिगड़ने की आशंका है.
इसके शुरुआती संस्करण में AI की मदद से उन देशों में खाद्य असुरक्षा का अनुमान लगाया जाता था, जहाँ पर्याप्त आँकड़े उपलब्ध नहीं थे. लेकिन भविष्य में भुखमरी का संकट कहाँ गहरा सकता है, इसका पूर्वानुमान लगाने की इसकी क्षमता सीमित थी. यह लोगों के भोजन की पोषण गुणवत्ता पर भी नज़र नहीं रखता था.
WFP ने अप्रैल में इसका नया संस्करण ‘HungerMap Live 2.0’ जारी किया. इसमें मंच को इस्तेमाल करना आसान बनाया गया और पूर्वानुमान लगाने वाली नई AI सुविधाएँ जोड़ी गईं. इससे सरकारों और दुनिया भर में WFP के क्षेत्रीय कार्यालयों को संकट गहराने से पहले संसाधन जुटाने और कार्रवाई करने में मदद मिलती है.
साइमन रेंक ने कहा, “यह नया संस्करण केवल यह नहीं बताता कि भुखमरी कहाँ है, बल्कि यह समझने में भी मदद करता है कि हालात क्यों बिगड़ रहे हैं और आगे किन इलाक़ों में संकट बढ़ सकता है.”
हालाँकि ‘HungerMap Live’ के आँकड़े ज़मीनी आकलन की जगह नहीं ले सकते, लेकिन वे सोमालिया में WFP की टीम को यह तय करने में मदद करते हैं कि किन समुदायों को पहले सहायता दी जाए और उनके लिए किस तरह की मदद सबसे उपयोगी होगी - नक़द सहायता या कुपोषण से निपटने के लिए विशेष सहायता.
सोमालिया को प्राथमिकता
सोमालिया में 60 लाख लोग गम्भीर खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे हैं, लेकिन WFP हर 10 ज़रूरतमन्द लोगों में से केवल एक तक ही सहायता पहुँचा पा रहा है.
साइमन रेंक के अनुसार, भोजन की ज़रूरत वाले सभी लोगों तक पहुँचने के लिए सोमालिया में WFP को जनवरी 2027 तक अतिरिक्त 19 करोड़ 20 लाख डॉलर की आवश्यकता है.
संसाधन सीमित होने के कारण हर जगह एक साथ सहायता पहुँचाना सम्भव नहीं है. ऐसे में AI आधारित उपकरण एजेंसी को यह तय करने में मदद करते हैं कि सबसे पहले किन समुदायों को सहायता दी जाए. इससे चेतावनी मिलने के बाद जीवनरक्षक कार्रवाई जल्दी शुरू की जा सकती है.
WFP, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से वर्षा की कमी, बाढ़ के ख़तरे, बाज़ार की क़ीमतों, हिंसक टकराव और पोषण से जुड़े आँकड़ों का विश्लेषण करता है. इससे पहले ही पता लगाया जा सकता है कि आगे किन इलाक़ों में भुखमरी का संकट बढ़ सकता है.
इससे सरकारें समय रहते क़दम उठा सकती हैं और WFP व उसके साझीदार पहले से सहायता तैयार कर सकते हैं.
समय पर कार्रवाई अहम
सोमालिया में WFP के संवेदनशीलता, विश्लेषण और मानचित्रण विभाग के प्रमुख साइमन रेंक ने कहा कि इस मंच और अन्य तकनीकी उपायों का उद्देश्य भुखमरी को केवल आँकड़ों तक सीमित करना नहीं है.
उन्होंने कहा, “इनका उद्देश्य चेतावनी मिलने और कार्रवाई शुरू होने के बीच का समय कम करना है, ताकि हालात बेक़ाबू होने से पहले लोगों और परिवारों की सहायता की जा सके.”
हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि AI से यह तय करने में मदद मिलती है कि सहायता पहले किसे दी जाए, लेकिन इससे अधिकतर ज़रूरतमन्द सोमाली लोगों तक मदद न पहुँच पाने की समस्या दूर नहीं होती.
उन्होंने कहा, “इससे हमें ठोस प्रमाणों के आधार पर प्राथमिकताएँ तय करने में मदद मिलती है, लेकिन फिर भी सहायता की कमी को उचित नहीं ठहराया जा सकता.”