ग़ाज़ा में जानलेवा इसराइली हमले, लेबनानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन
संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और शान्तिरक्षकों के अनुसार, युद्धविराम के बावजूद सप्ताहान्त में ग़ाज़ा पर इसराइली हमलों में दो दर्जन से अधिक फ़लस्तीनी मारे गए. इस दौरान लेबनान के हवाई क्षेत्र का 100 से अधिक बार उल्लंघन किया गया.
संयुक्त राष्ट्र सहायता एजेंसियों ने बताया कि ग़ाज़ा में मानवीय ज़रूरतें अब भी बहुत अधिक हैं. हालाँकि अक्टूबर में हुए इसराइल-हमास युद्धविराम के बाद खाद्य असुरक्षा में कुछ कमी आई है. इस युद्धविराम से दो वर्ष तक चला युद्ध समाप्त हुआ था, जिसमें ग़ाज़ा का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया और अधिकतर फ़लस्तीनी विस्थापित हो गए.
पिछले शुक्रवार, सुरक्षा परिषद समर्थित और 20-सूत्री शान्ति योजना के तहत गठित अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘शान्ति बोर्ड’ ने निरस्त्रीकरण व युद्धविराम के अगले चरण की ओर बढ़ने के लिए एक समझौते की घोषणा की. हमास ने कहा कि उसने इस रूपरेखा को स्वीकार कर लिया है.
ख़बरों के अनुसार, इसराइली सरकार ने रविवार को प्रस्ताव पर “गम्भीर सुरक्षा चिन्ताएँ” जताईं और कहा कि पूर्ण निरस्त्रीकरण से पहले वह ग़ाज़ा से पीछे नहीं हटेगी.
अहम जानकारी
- संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता एजेंसी (OCHA) के अनुसार, सप्ताहान्त में ग़ाज़ा पट्टी में इसराइली हवाई हमले, गोलाबारी और गोलीबारी जारी रही. मीडिया ख़बरों के मुताबिक़, इनमें 25 से अधिक लोग मारे गए.
- शनिवार को ग़ाज़ा के एक अस्पताल के पास हुए इसराइली हमले में ज़रूरी चिकित्सा सामग्री नष्ट हो गई. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने बताया कि बढ़ती खाद्य क़ीमतों के बीच अहम दवाओं और आवश्यक वस्तुओं की कमी बनी हुई है.
- OCHA के अनुसार, क़ब्ज़े वाले पश्चिमी तट में इसराइली बस्तियों में रहने वाले लोगों द्वारा फ़लस्तीनियों पर हमले बढ़े हैं. इसके कारण इस वर्ष जुलाई, मार्च के साथ, अक्टूबर 2023 में युद्ध शुरू होने के बाद से ऐसे हमलों में फ़लस्तीनियों के लिए सबसे घातक महीना रहा.
- लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अन्तरिम बल (UNIFIL) ने सप्ताहान्त में भी इसराइल द्वारा लेबनानी हवाई क्षेत्र के दैनिक उल्लंघन दर्ज किए.
ग़ाज़ा में नए इसराइली हमले
संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने सोमवार को बताया कि ग़ाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जुलाई में 150 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें दर्जनों आम नागरिक थे. यह इस वर्ष किसी एक महीने में दर्ज सबसे अधिक मौतें हैं.
उन्होंने कहा कि अधिकतर हमले पश्चिमी ग़ाज़ा में हुए, जो ग़ाज़ा पट्टी के आधे से भी कम क्षेत्र में फैला है. अब ग़ाज़ा की लगभग पूरी 21 लाख आबादी इसी छोटे से इलाक़े में रह रही है.
शनिवार को अल-अक़्सा अस्पताल के पास भी इसराइली हमले हुए. इनमें पास का एक चिकित्सा भंडारण केन्द्र क्षतिग्रस्त हो गया और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा भेजी गई सामग्री समेत ज़रूरी चिकित्सा आपूर्ति नष्ट हो गई.
चिकित्सा सामग्री की गम्भीर कमी
OCHA ने बताया कि हवाई हमलों में ज़रूरी चिकित्सा सामग्री नष्ट हो गई है. इसके अलावा, ग़ाज़ा में पुरानी बीमारियों के इलाज के लिए पहले से ही दवाओं और उपकरणों की भारी कमी है. इनमें इंसुलिन, हृदय रोगों के इलाज की सामग्री, डायलिसिस का सामान और मरीज़ों की जाँच व निगरानी के उपकरण शामिल हैं.
संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता ने कहा, “संक्रमण की रोकथाम और उस पर क़ाबू पाने के लिए ज़रूरी कई सामग्रियों को ग़ाज़ा लाने के लिए अब भी इसराइल की मंज़ूरी का इन्तज़ार है.”
उन्होंने बताया कि सफ़ाई और संक्रमण की रोकथाम के लिए ज़रूरी अल्कोहल-आधारित कीटाणुनाशक भी लगभग ख़त्म हो चुके हैं.
बढ़ती महँगाई
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के एक सर्वेक्षण के अनुसार, ग़ाज़ा में व्यावसायिक और सहायता सामग्री वाले ट्रकों की संख्या बढ़ी है, लेकिन बाज़ार में ऊँची क़ीमतों के कारण हर 10 में से चार परिवार बुनियादी खाद्य सामग्री नहीं ख़रीद पा रहे हैं.
लगभग आधे परिवारों ने बताया कि उनके घर में भोजन पूरी तरह ख़त्म हो गया था. वहीं, 22 प्रतिशत परिवारों ने कहा कि सर्वेक्षण से पहले के महीने में उन्हें 10 से अधिक बार ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा.
खाना पकाने की गैस की भारी कमी के कारण परिवारों को आठ किलो के सिलिंडर के लिए कई सप्ताह तक इन्तज़ार करना पड़ रहा है, जबकि वह मुश्किल से 15 दिन चलता है. काला बाज़ार में गैस की क़ीमत अधिकतर लोगों की पहुँच से बाहर है. WFP के अनुसार, हज़ारों परिवार गर्म भोजन बनाने के लिए ख़तरनाक कचरा या जलाऊ लकड़ी जलाने को मजबूर हैं.
क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्र में यूएन राहत प्रयासों के बारे में अधिक जानकारी यहाँ उपलब्ध है.
लेबनानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अन्तरिम बल (UNIFIL) ने बताया कि इसराइल द्वारा लेबनानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन, सड़कों पर अवरोध और समुद्री क्षेत्र में गतिविधियाँ लगातार जारी हैं. ये घटनाएँ 17 अप्रैल को अमेरिका के नेतृत्व वाली वार्ता के बाद इसराइल और लेबनान सरकार के बीच हुए सशर्त युद्धविराम के बावजूद हो रही हैं.
गुरुवार से रविवार के बीच शान्तिरक्षकों ने लेबनानी हवाई क्षेत्र के 125 उल्लंघन दर्ज किए. इन उड़ानों की कुल अवधि 418 घंटे से अधिक रही. UNIFIL के दोनों क्षेत्रों में उसके ठिकानों के पास और ऊपर निगरानी करने वाले तथा हथियारों से लैस ड्रोन भी देखे गए.
संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता ने कहा, “शान्तिरक्षकों ने दक्षिणी लेबनान में बड़े पैमाने पर सैन्य गतिविधियाँ भी दर्ज की हैं, जिनमें निर्माण कार्य और सैनिकों की लगातार आवाजाही शामिल है.”
राष्ट्रीय प्रशासन के अनुसार, 2 मार्च को अमेरिका-इसराइल हमलों से शुरू हुए क्षेत्रीय युद्ध में ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह के शामिल होने के बाद से लेबनान में 4,300 से अधिक लोग मारे गए हैं और 12,200 से अधिक घायल हुए हैं.